हिन्दी हितार्थ
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- राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी (लेखक - ऋषिकेश राय)
- अंग्रेजी ने बनाए 'नए वंचित' और 'नए ब्राह्मण' - मधु पूर्णिमा किश्वर, संपादक, मानुषी
- अंग्रेजी के ताले में बंद भारत का विकास - मधु पूर्णिमा किश्वर, संपादक, मानुषी
- हिन्दी की समस्या, अथार्त भारत की समस्या - डा राम चौधरी, प्रोफेसर भौतिक विज्ञान, न्यूयार्क स्टेट युनिर्वसिटी
- भारत की भीषण भाषा-समस्या और उसके सम्भावित समाधान - अजय कुलश्रेष्ठ, कैलिफोर्निया, यू०एस०ए०
- हिन्दी के हत्यारे - प्रभु जोशी
- हिन्दी के हत्यारे - 2 - प्रभु जोशी
- पराई भाषा से नहीं मिटेगा दिलतों का दर्द
- भारतीय राज सत्ता और हिंदी - रविभूषण
- भाषा और देश
- भूमंडलीकरण की चुनौतियाँ : संचार माध्यम और हिंदी का संदर्भ
- वर्तमान युग का यक्ष प्रश्न - राष्ट्रभाषा समाधान गांधी-दर्शन में
- विदेशों में अंग्रेज़ी - डॉ. वेदप्रताप वैदिक
- अँगरेजी की चक्की में क्यों पिसें बच्चे? - डॉ. वेदप्रताप वैदिक
- संविधान में हिंदी - डॉ. लक्ष्मी मल्ल सिंघवी
- हिंदी, संयुक्त राष्ट्रसंघ की भाषा बन कर रहेगी
- हिन्दी में वैज्ञानिक साहित्य सृजन की स्थिति
- हिन्दी के भगीरथ - महामना पं मदन मोहन मालवीय : श्री जगत प्रकाश चतुर्वेदी
- विदेशों में हिन्दी का बढ़ता प्रभाव - राकेश शर्मा निशीथ
- हिन्दी जानने वालों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक
- सक्षम है हिंदी की नई पीढ़ी - श्री रवींद्र कालिया, भारतीय ज्ञानपीठ के कार्यकारी निदेशक
- हिन्दी, युवा पीढ़ी और ज्ञान-विज्ञान
- हिंदी के अनुकूल होती जा रही है आईटी की दुनिया - बालेन्दु दाधीच
- जरूरी है भाषाओं को मरने से बचाना - अमर उजाला
- हिन्दी राष्ट्रीय सम्पर्क की भाषा बन चुकी है - प्रभा साक्षी
- भारत के सम्मान हेतु मैं इस विधेयक का विरोध करता हूँ - डॉ. राम कुमार वर्मा
- हिरण पर क्यों लादें घास? - डॉ. वेदप्रताप वैदिक
- मुस्लिम शासन में नागरी की तरक्की पर एक नजर - नागरी संगम
- देवनागरी की तरक्की में विदेशियों का भी हाथ है - गगनांचल
- राष्ट्रभाषा : मनन, मंथन, मंतव्य (संजय भारद्वाज)
- आर्य-द्रविड़ भाषाओं के विभाजन की असलियत (डॉ0 परमानंद पांचाल ; नई दिल्ली)
- हिन्दी को रोमन लिपि की कोई जरूरत नहीं (डॉं- परमानंद पांचाल ; नई दिल्ली ; जुलाई 2010)
- न्यायपालिका में भारतीय भाषाएं : विधिमंत्रालय की भूमिका ( ब्रजकिशोर शर्मा ; पूर्व अपर सचिव, भारत सरकार )
- आम आदमी की भाषा न्यायालय से दूर क्यों? ( शिवकुमार शर्मा ; पूर्व न्यायाधीश व राष्ट्रीय विधि आयोग के सदस्य )
- भारतीय भाषाओं के विरुद्ध षड्यंत्र (ब्रजकिशोर शर्मा, पूर्व अपर सचिव, भारत सरकार)
- आजाद भारत की गुलामी (श्री वेदप्रताप वैदिक)
- अंग्रेजी का मूल स्वरूप कायम है, मगर हिन्दी का? (गोविन्द सिंह)
- सूचना प्रौद्योगिकी और नागरी का मानकीकरण (नागरी संगम)
- हिन्दी का वर्तमान और भविष्य की दृष्टि (डॉ ओम विकास)
- दोषी कौन? मैकाले या हम? (डॉ. रवीन्द्र अग्निहोत्री)
- एक अरब पर दबदबा जमाए दो करोड़ अंग्रेजीदां (मार्क टली)
- भारत में सभी शिक्षा का माध्यम हिन्दी या क्षेत्रीय भाषाएं होना चाहिए (ईशुमीत)
- अंग्रेजी के खिलाफ़ जब बोले सेठ गोविन्ददास
- संख्याबल को अनदेखा नहीं कर सकती तकनीक (बालेन्दु शर्मा 'दधीच')
- जब भी जरूरत पड़ी, देश को एकजुट किया हिन्दी ने (विश्वनाथ त्रिपाठी)
- अंग्रेजी और हिंदी का भेद आर्थिक स्तर पर है (विश्वनाथ त्रिपाठी)
- क्या हिंदी में अंग्रेजी शब्दों को धड़ल्ले से आने दें? (विश्वनाथ त्रिपाठी)
- प्रशासन के लिए अंग्रेजी जरूरी क्यों? (राजकरण सिंह)
- शिक्षा से ही नहीं, नौकरी से भी जाए अंग्रेजी (वेदप्रताप वैदिक, २००८)
- देश में भाषा के मुद्दे पर नवजागरण की जरूरत (पंकज श्रीवास्तव, नवम्बर २०११)
- अब भी आठवीं अनुसूची में क्यों रहे हिंदी? (डॉ परमानंद पांचाल, २८ दिसम्बर, २०११)
- जिनकी उपस्थिति से हिंदी ऊर्जावान है (ज्योतिष जोशी)
- मातृभाषा में शिक्षा ( प्रभाकर चौबे; 05 मार्च, 2012)
- हिन्दी को टूटने से बचाएँ : संदर्भ आठवीं अनुसूची ( डॉ. अमरनाथ )
- जापानियों ने विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को किस प्रकार अपना बनाया? (डॉ रघु वीर)
- अंग्रेजी के बजाय प्रतिभा को परखा जाय (डॉ वेदप्रताप वैदिक, मार्च २०१३)
- चिन्दी-चिन्दी हिन्दी (डॉ अमरनाथ, मार्च २०१३)
वाह्य सूत्र[सम्पादन]
- हिन्दी के बारे में विभिन्न महापुरुषों के वचन
- विश्व में हिंदी फिर पहले स्थान पर (डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल द्वारा कृत भाषा शोध अध्ययन 2007 का निष्कर्ष)
- हिंदू-हिन्दी-हिंदुस्तान,जनोक्ति.कॉम
- हिन्दी ही मेरे लिए भारतमाता है (पण्डित गोपालप्रसाद व्यास)
- राष्ट्रवाणी (पण्डित गोपालप्रसाद व्यास कृत 'बिन हिन्दी सब सून' से)
- राष्ट्रभाषा हिन्दी की श्रीवृद्धि में क्षेत्रीय भाषाओं का योगदान
- इक्कीसवीं सदी की चुनौतियाँ और हिन्दी - डॉ. हेमलता महिश्वर
- प्रयोजनमूलक हिन्दी - डॉ. वखतसिंह गोहिल
- विसंस्कृतिकरण – विदेशी भाषा का मोह
- हिंदी की हत्या के विरुद्ध -प्रभु जोशी
- अंग्रेजी के चमगादड़ - डॉ.वेदप्रताप वैदिक (21 May, 2008)
- हिन्दी - करवट लेती नयी चुनौतियाँ - डॉ. विनय राजाराम
- भारत में राष्ट्रीय अखण्डता : भाषायी समन्वय - प्रोफेसर दिविक रमेश;अक्टूबर 1, 2006
- हिंदी में क्यों नहीं बोलते फिल्मी सितारे! (निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट)
- भारतीय भाषाओं का भविष्य - राहुल देव
- भारतीय भाषाओं का पुनरुत्थान कैसे? -आशीष गर्ग
- हिंदी भाषा के विकास में पत्र-पत्रिकाओं का योगदान -प्रो.ऋषभदेव शर्मा
- विश्व में हिन्दी की लोकप्रियता
- प्रवासी भारतीय और हिंदी: कुछ सुझाव - प्रो. हरिशंकर आदेश
- हिन्दी मरे तो हिन्दुस्तान बचे - प्रभु जोशी
- वर्चस्व बनाती भाषायी पत्रकारिता - प्रीतीश नंदी
- राष्ट्रवाद और भाषा - डॉ. दया प्रकाश सिन्हा
- हिन्दी एक समृद्ध भाषा (वेबदुनिया)
- किसानों के लिए बीज व पानी से भी अहम है हिन्दी का मुद्दा - अशोक पाण्डेय, अपने हिन्दी ब्लग खेती-बारी में
- बेहतर था अंग्रेज का राज - ऋषभ देव शर्मा
- कमी हिन्दी में नहीं, हिन्दीभाषियों में है - डॉ. वेदप्रताप वैदिक
- हिन्दी दिवस अंग्रेजों के खाने कमाने और आतंकवाद मिटाने के प्रण का दिन
- वैश्वीकरण में हिन्दी और प्रवासी भारतीयों का योगदान ( शैलेश मिश्र )
- हिन्दी का भाषा वैभव ( डा. मधुसूदन झवेरी )
- हिंदी सिनेमा : कितना हिंदी? - विनोद अनुपम
- हिन्दी लिखो ईनाम पाओ (Hindi Media)
- इसलिए बिदा करना चाहते हैं, हिंदी को हिंदी के कुछ अख़बार (प्रभु जोशी)
- कैसे मिले हिन्दी को सम्मान? - महीप सिंह
- भाषा विवाद की जड - विदेशी भाषा अंग्रेजी
- narayan dutta.htm विकृति पर केंद्रित होती पत्रकारिता के खतरे (मिडिया विमर्श)
- हिंदी पत्रकारिता पर अंग्रेजी का आक्रमण (संवाद)
- जारी है हिन्दी की सहजता को नष्ट करने की साजिश
- गुलामी के लिए अँग्रेजी की बेड़ियों की आराधना क्यों - मोहन रावल
- भूमण्डलीकरण के दौर में हिन्दी - कृष्ण कुमार यादव
- हिंदी पत्रकारिता : आत्ममंथन की जरूरत (१) - अरविंद कुमार सिंह
- आम लोगों को सूचनाओं से वंचित भी करती है अंग्रेजी (राममनोहर लोहिया)
- हिन्दी की उपेक्षा से गहरा हुआ विभाजन (डा राममनोहर लोहिया)
- दुनिया से कह दो कि गाँधी अंग्रेजी भूल गया (मधुमती)
- गांधी-दर्शन में राष्ट्रभाषा समाधान
- बेहतर भविष्य की ओर हिंदी - हृदयनारायण दीक्षित
- दक्षिण भारत की हिंदी पत्रकारिता - डॉ. सी. जय शंकर बाबु
- संस्कृति, साहित्य और लिपि : संदर्भ राष्ट्रभाषा (मधुमती)
- गीत : राष्ट्रभाषा महान है (मोहन रावल)
- राष्ट्र भाषा और हमारा गणतंत्र (सृजनगाथा)
- हिन्दी में आधुनिक प्रौद्योगिकी की संभावना - विश्वमोहन तिवारी
- शोषण का हथियार है अंग्रेजी (डॉ राममनोहर लोहिया)
- इंडिक भाषा कंप्यूटिंग के माध्यम से भारतीयों का वैश्विक समन्वय - विजय कुमार मल्होत्रा
- हिंदी में वैज्ञानिक लेखन की परंपरा (डॉ ऋषभ शर्मा)
- हिन्दी भाषा और साहित्य : बाह्य प्रभावों का हस्तक्षेप - डॉ कन्हैया सिंह
- हिन्दी-परक दोहे (मधुमती)
- खूब अवसर हिंदी में - संध्या रानी
- हिंदी में अदालती कार्यवाही के सफल प्रयोग - न्यायमूर्ति श्री प्रेमशंकर गुप्त
- कालसिध्द भाषा है हिन्दी (लोकतेज)
- डा राविलास शर्मा और 'हिन्दी महाजाति' की अवधारणा
- हिन्दी की स्वीकार्यता में बाधक केन्द्रीय कानून (किरन माहेश्वरी)
- हिंदी या हिंग्लिश? (राजेन्द्र मिश्र; मधुमती में)
- पारिभाषिक शब्दावली की विकास-प्रक्रिया (मधुमती)
- हिन्दी के प्रश्न और उत्तर (संयुक्त राज्य अमेरिका में हिन्दी के एक प्रमुख कार्यकर्ता श्री राम चौधरी से साक्षात्कार)
- argade.htm प्रबंधन और हिन्दी (रंजना अरगड़े)
- दिमाग को चुस्त बनाती है हिंदी !! (राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान संस्थान का शोध)
- इसलिए बिदा करना चाहते हैं, (ताक-झांक)
- हिन्दी राष्ट्रभाषा (श्रीविचार)
- भाषाई अस्मिता और हिन्दी (गूगल पुस्तक ; लेखक - रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव)
- अंग्रेजी संसार में हिंदी का आकाश प्रमोद जोशी
- कई राज्यों की अदालतों में होती है हिंदी में बहस (प्रभासाक्षी)
- अदालती कामकाज में पूरी तरह सक्षम है हिंदी भाषा (प्रभासाक्षी)
- राष्ट्रभाषा : मनन, मन्थन, मन्तव्य (संजय भारद्वाज का आलेख; यह लेख बहुत विस्तृत है ; लगभग १.५ मेगाबाइट)
- स्वाधीनता संग्राम में हिंदी की अहम भूमिका थी
- जब तक ’अंग्रेजी’ राज रहेगा, स्वतंत्र भारत सपना रहेगा (विश्वमोहन तिवारी , पूर्व एयर वाइस मार्शल)
- भाषा के मातृभाषा न रहने के संकट (राष्ट्रीय हिंदी मेल)
- करियर के माथे पर हिन्दी की बिंदी (हिंदुस्तान लाइव)
- जिन्होंने दी हिन्दी को ऊंचाई (हिंदुस्तान लाइव)
- हिन्दुस्थान और हिन्दू के बाद अब हिन्दी को बांटने का षड्यंत्र (विजय कुमार)
- बारहवीं सदी में प्रशासन की भाषा थी हिंदी (उमेश चतुर्वेदी)
- अंग्रेजी थोपने की तैयारी (हृदयनारायण दीक्षित)
- हिन्दी के देश में हिन्दी की लड़ाई (भानुप्रताप सिंह)
- चुनाव के बीच में हिंदी का जादू (लाइव हिंदुस्तान)
- हिन्दी की अन्तर्निहित शक्ति (डॉ. मथुरेश नन्दन कुलश्रेष्ठ)
- राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी ; पहला भाग (लेखक : ऋषिकेश राय)
- राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी ; दूसरा भाग (लेखक : ऋषिकेश राय)
- राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी ; तीसरा भाग (लेखक : ऋषिकेश राय)
- राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी ; चौथा भाग (लेखक : ऋषिकेश राय)
- राष्ट्रीय अस्मिता और अंग्रेजी ; पाँचवां भाग (लेखक : ऋषिकेश राय)
- बैसाखी पर दौडा-दौडी (प्रो मधुसूदन झावेरी)
- भारत में हिंदी का वर्तमान और इंग्लैंड में अंग्रेज़ी का अतीत एक जैसा ; अंग्रेज़ों के भाषा प्रेम तथा समर्पणभाव का अनोखा उदाहरण (डॉ. दलसिंगार यादव)
- अंग्रेजी की अंधभक्ति (डॉ वेदप्रताप वैदिक)
- मातृभाषा में शिक्षा का महत्व (जगमोहन सिंह राजपूत, एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक)
- भारतीय ”बॉन्साई पौधे” (मधुसूदन झावेरी)
- राजभाषा प्रशिक्षण : प्रगति के पथ पर (मधुमती)
- अंग्रेजी मानसिक दासता और हिन्दी (साहित्य दर्शन)
- स्वैच्छिक हिन्दी संस्थाएँ : प्रासंगिकता, उपादेयता एवं सीमाएँ (प्रो दिलीप सिंह)
- भारतीय भाषाओं की अस्मिता की रक्षा के लिये भोपाल घोषणा-पत्र (डॉ कविता वाचक्नवी)
- हिन्दी किसकी है (बीनू भटनागर)
- अँगरेजी का अंडरवर्ल्ड-१ (विजयशंकर चतुर्वेदी)
- अंगरेजी का खतरनाक अंडरवर्ल्ड-२ (विजयशंकर चतुर्वेदी)
- हिन्दी पर सरकारी हमले का आखिरी हथौड़ा
- षडयंत्र है या अनभिज्ञता (प्रो. सुरेन्द्र गंभीर)
- अपना दिल फैला रही है हिंदी (अखिलेश आर्येन्दु)
- हिन्दी के लिये घातक है त्रिभाषा-सूत्र (वेदप्रताप वैदिक)
- 170 देशों में नोटों पर अंग्रेजी का हाल (चन्दन कुमर मिश्र)
- अंग्रेजी का हठ और कारपोरेट मठ (डॉ वेदप्रताप वैदिक)
- कटघरे में अंग्रेजी मीडिया (तेजिन्दर)
- हिन्दी-अंग्रेजी टक्कर (डॉ मधुसूदन झावेरी)
- अंग्रेजी के बारे में भ्रम (शंखनाद)
- अंग्रेजी के दुष्परिणाम (शंखनाद)
- नई हिंदी गढ़ रही है सोशल नेटवर्किंग (प्रभासाक्षी, सितम्बर २०१२)
- तमिलनाडु में हिन्दी लोकप्रिय? (डॉ. मधुसूदन झवेरी ; सितम्बर २०१२)
- क़ानून से बची थी फ्रांस में फ्रेंच
- इंग्लैंड में अँग्रेजी कैसे लागू की गयी ? (-डॉ. गणपति चंद्र गुप्त)
- इजराइल में हीब्रू-संकल्प का बल (-डॉ. रवीन्द्र अग्निहोत्री)
- हिन्दी ज्ञान–विज्ञान की भाषा है; तत्समीकरण, तद्भवीकरण दोनों उसकी शक्ति हैं। (रमेश कुमार शर्मा)
- हिंदी का दुर्भाग्य या कहें भारत का दुर्भाग्य? (राजीव दीक्षित)
- दो दशकों में हुआ है हिंदी का अंतरराष्ट्रीय विकास (अरविंद जयतिलक ; नवम्बर २०१२)
- पाकिस्तान में उर्दू में घुलती जा रही है हिंदी (नवम्बर, २०१२)
- जो देश अपनी ही भाषा में काम नहीं करते वे हमेशा पिछड़े रहते हैं ( नरेश सक्सेना, दिसम्बर २०१२)
- जापानी भाषा कैसे सक्षम बनी ? (डॉ. मधुसूदन झावेरी ; दिसम्बर, २०१२)
- हिंदी भाषा का भारत के उच्चतम न्यायालय में प्रयोग (जनतांत्रिक अधिकार)
- हिन्दी का लैमार्कवादी विकास: राष्ट्रीय आत्मघात का एक अध्याय (1) (वासुदेव त्रिपाठी ; सितम्बर २०११)
- हिन्दी का लैमार्कवादी विकास: राष्ट्रीय आत्मघात का एक अध्याय (2) (वासुदेव त्रिपाठी ; सितम्बर २०११)
- हिंदी की अन्तर-क्षेत्रीय, सार्वदेशीय एवं अंतरराष्ट्रीय भूमिका (प्रोफेसर महावीर सरन जैन)
- हिंदी माध्यम से उच्च शिक्षा दलितों के हित में (गंगा सहाय मीणा)
- भाषा का दमन: विदेशियों की एक सोची समझी चाल ! (डॉ सुधीर कुमार शुक्ल 'तेजस्वी' ; नवम्बर २०१२)
- हमारे देश की सारी समस्या का हल हिन्दी है (सतीश कुमार रावत)
- संयुक्तराष्ट्र में हिंदी को मिले हक (वेदप्रताप वैदिक ; २०११)
- भाषाओं के लोकतंत्र के पक्ष में (योगेन्द्र यादव, मार्च २०१३))
- सामाजिक न्याय में रोड़ा बनती अँग्रेजी (प्रमोद भार्गव, मार्च २०१३)
- सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक (प्रवक्ता ब्यूरो, मई २०१३)
- अब भी नहीं मिला अपनी भाषा में न्याय पाने का हक (श्यामसुन्दर पाठक, मई २०१३)
अंग्रेजी में लेख/समाचार[सम्पादन]
- Macaulay's Children (Subhash Kak)
- Google predicts India will be largest net mkt (Times of India)
- Rise of Hindi Portals (Techtree dot com)
- Is the Web going the Hindi way? (Localization Labs)
- English language affecting mother tongue - By Mithun Dey
- English isn't the Only Language of the Web
- Writing the Web’s Future in Numerous Languages
- No language has progressed like Hindi (Ramesh Dave)
- Google predicts India will be largest net mkt (Times of India)
- Rise of Hindi Portals (Techtree dot com)
- Is the Web going the Hindi way? (Localization Labs)
- English language affecting mother tongue - By Mithun Dey
- English isn't the Only Language of the Web
- Writing the Web’s Future in Numerous Languages
- India: Common script can unite (Shankara Saran)
- Don't teach English to your children in Class I (MS Swaminathana)
- The Rise of Hindi (Hindustan Times, New Delhi, July 20, 2010)
- Authorities ban mixed English words "ungelivable" in publications
- Englishman trashes myths about English (टाइम्स आफ इण्डिया)
- Poke Me: Why English should not be the medium of instruction in India (The Economic Times)
- Is premature English making India a super-dunce? (Swaminomics)
- पैट्रिसिया रायन: ज़बरदस्ती इंग्लिश न थोपें !
- English is a big obstacle in the path of India’s development (उतिष्ठ जाग्रत)
- The Dominance of Angreziyat in Our Education (जून २०१३)