Hasgulae 100 125
विकिपीडिया, एक मुक्त ज्ञानकोष से
चुटकुला #10 0
बस
मुंबई की एक बस में कुछ लोग सफर कर रहे थे, जब कंडक्टर टिकट देने को आया तो एक ने पैसे निकालते हुए कहा - मोहम्मद अली।
दूसरे ने कहा - सेंट जोजफ।
एक देवीजी बोलीं - महालक्ष्मी।
पिछली सीट पर एक ऐसे साहब बैठे हुए थे, जो मुंबई में नए-नए आए थे।
जब कंडक्टर उनके पास आया तो वे बोले - मेरा नाम हमीद अली है।
चुटकुला # 101
कटी पतंग
दो दोस्त बहुत अर्से बाद एक-दूसरे से मिले।
एक ने पूछा- सुनाओ आजकल कैसी कट रही है।
खाक कट रही है, बेकार हूं, सरला भी कटी पतंग की तरह इधर-उधर डोलती फिरती है। लेकिन तुम सुनाओ?
खूब मजे से कट रही है। दूसरे ने कहा- आजकल मैं कटी पतंगें लुटता-फिरता हूं।
चुटकुला #1 02
आत्महत्या
चुटकुला # 103
परेशान
आप परेशान क्यों हैं?
मैंने एक ऐसी दवा तैयार की थी, जिसे प्रयोग करने पर 50 वर्ष की महिला भी 25 वर्ष
की लगने लगती है।
तो इसमें परेशानी वाली क्या बात है? खूब बिकी होगी?
अरे, भला कौन महिला अपनी उम्र 50 वर्ष कबूल करेगी? सो, मेरी दवा नहीं बिकी।
चुटकुला # 104
चुटकुला # 105
मामा
'अपने मामा को चपत लगाते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई? मम्मीजी ने डांटा।
गुड्डूज बोले - 'मम्मी, मैंने तो चपत भर लगाई है। भगवान कृष्ण ने तो अपने मामा को जान से ही मार डाला था।
चुटकुला #1 06
भिखारी
एक भिखारी ने दरवाजे पर आवाज लगाई- दाता के नाम पर रोटी दे दो।
भीतर से आवाज आई - मम्मी घर में नहीं हैं।
इस पर भिखारी बोला - मैं रोटी मांग रहा हूं, तुम्हारी मम्मी नहीं।
चुटकुला # 107
ट्रेवलिंग सूट
प्रेमी- डाश्ललग, ये सूट जो मैंने पहना हुआ है, ट्रेवलिंग सूट है।
चुटकुला # 108
प्रेमिका- कैसे?
प्रेमी- पहले पहले मेरे दादा से पहना मेरे पापा ने। और अब इसे मैं पहन रहा हूँ।
चुटकुला # 109
शिकार
टन्नू ने जंगल में शेर पर बंदूक तानी थी कि शेर ने फुर्ती से झपट्टा मारकर बंदूक दूर गिरा दी। एक झापड़ मारा टन्नू को और कहा-
'बोर्ड नहीं पढ़ा, कि यहाँ शिकार करना मना है।
टन्नू ने बोर्ड पढ़कर सॉरी कहा, और जाने लगा।
मगर शेर ने कहा ठहरो-
'अब मैं तुम्हारा शिकार करूँगा।
टन्नू ने कहा- 'ऐसा कैसे? बोर्ड पर तो मनाही लिखी है।
शेर लापरवाही से- 'लिखी होगी, बाश्शाओ। अपन तो अनपढ़ हैं।
हा-हा-हा!
और वह टन्नू पर टूट पड़ा।
चुटकुला #11 0
दौड...
तुम घोडे के बराबर नहीं दौड सकते हो?
लेकिन घोडा दौड में मुझसे आगे नहीं जा सकता।
ऐसा हो ही नहीं सकता।
क्यों नहीं हो सकता, मैं घोडे पर बैठा जो रहूंगा।
चुटकुला # 111
पिकनिक
पापा बोले- 'बेटी, पिकनिक पर जरूर जाओ, पर अंधेरा होने से पहले घर जरूर लौट आना।
युवा बेटी ने कहा- 'ओह पापा! अब मैं कोई बच्ची थोडे ही हूं।
पापा बोले- 'बेटी, इसलिए तो कह रहा हूं।
चुटकुला # 112
शादी
जुगल ने अपनी प्रेमिका से कहा, 'मैं उस युवती से शादी करूंगा, जो मेहनती हो, सादगी से रहती हो, घर को संवारकर रखती हो, आज्ञाकारी हो।
प्रेमिका ने मुस्कुराते हुए बताया, 'मेरे घर आ जाना, ये सारे गुण मेरी नौकरानी में हैं।
चुटकुला #113
घडी
एक बार एक आदमी के घर में चोरी हो गई। वह थाने में रिपोर्ट लिखाने गया। तब दरोगा ने पूछा-
जब तुम्हारे यहां चोरी हुई थी तो कितना बजा था।
उस आदमी ने कहा कि साहब चार लट्ठ हम पर तथा एक लट्ठ हमारे भाई पर बजा था।
दरोगाजी ने कहा- मैं पूछता हूं कि घडी में कितना बजा था?
साहब घडी में तो केवल एक ही लट्ठ बजा था, तभी टूट गई थी।
चुटकुला # 114
टिकट
सुंदर युवती बनी-ठनी अपने पुरुष मित्र की बाट देख रही थी। जब वह आया तो उसका मुख दमक रहा था। वह बोला - आज हमारी रात्रि बड़ी मधुर बीतेगी। मैं खलनायक के तीन टिकट ले आया हूं।
निराश स्वर में युवती ने पूछा - तीन क्यों?
'तुम्हारे पिता, मां और भाई के लिए।
चुटकुला # 115
प्रेमी
क्लब में ताश का खेल हो रहा था। एक खिलाडी ने अपनी घडी देखी और पत्ते फेंक दिए।
क्या हुआ? दोस्तों ने पूछा।
मैं चला। आज ठीक आठ बजे पंडित रामलाल का टेलीविजन पर सितार वादन का प्रोग्राम है, मुझे ठीक आठ बजे पहुंचना है।
हमें नहीं मालूम था कि तुम संगीत के इतने बडे प्रेमी हो।
मैं संगीत का नहीं, पंडित रामलाल की पत्नी का प्रेमी हूं।
मुझे ठीक आठ बजे पंडित रामलाल के घर पहुंचना है।
चुटकुला # 116
सुहाग रात
एक बार एक लड़के की शादी होती है। जब वो सुहाग रात मनाने जाता है तो उसकी
बीबी इधर से उधर भागती है। सुबह तक बीबी उसके हाथ नहीं आती और वह कुछ
नहीं कर पाता। इसकी शिकायत करते हुए वह अपने पिता से कहता है कि पापा, मेरे
बेड के चारों ओर दीवार बनवा दो या फिर एक मोटी रस्सी ला दो जिससे कि मैं
अपनी दुल्हन को डबलबेड से बांध सकूं।
चुटकुला # 117
अंग्रेज
एक बार चुटकुला #118
बच्चा
एक दुकानदार (एक ग्राहक महिला से)- बहन जी, आपका बच्चा तो बहुत तंदरुस्त है।
महिला- हां क्यों न हो, आखिर मैं इसे दूध और संतरे के रस पर पाल रही हूं।
दुकानदार(कुछ सोचते हुए)- बहनजी, संतरे का रस किस में है।
चुटकुला #119
जवानी
एक अधेड अभिनेत्री ने ठंडी सांस लेते हुए अपनी सहेली से कहा-
जब मुझे अपनी जवानी के दिन याद आते हैं तो मुझे अपने आप से नफरत होने लगती
है।
सहेली- क्यों ऐसा क्या हुआ था उन दिनों?
अभिनेत्री ने उदास होकर जवाब दिया- इसी बात का ही तो रोना है कि कुछ हुआ ही
नहीं।
चुटकुला # 120
शादी का फैसला
एक दोस्त दूसरे दोस्त से- तो फिर तुमने वाकई उस लड़की से शादी करने का फैसला
कर ही लिया।
दूसरा दोस्त(निराशा से)- हां यार, क्या करुं मजबूरी है।
पहला दोस्त(आश्चर्य से)- क्यों, मजबूरी किस बात की है?
दूसरा दोस्त- अरे यार, वह इतनी मोटी हो गई है कि मंगनी की अंगूठी अब उसके हाथ
से उतरती ही नहीं।
चुटकुला # 121
तो-तो की बीमारी
एक बार एक शहरी आदमी दरभंगा जाने के लिए दिल्ली से चलकर पटना पहुंचा और वहां उसने
एक व्यक्ति से पूछा- भाईसाहब, दरभंगा यही रास्ता जाता है? उस व्यक्ति ने जवाब दिया- तो?
फिर आगे मुजफ्फरपुर पहुंचकर उसने दूसरे व्यक्ति से यही प्रश्न किया। तो उसने भी वही जवाब
दिया- तो? दरभंगा पहुंचकर भी उसने यही प्रश्न तीसरे व्यक्ति से किया, तो वहां मिले व्यक्ति ने
जवाब दिया -भाई मेरे, यही दरभंगा है। इस पर शहरी आदमी ने राहत की सांस ली और उससे
पूछा- भाईसाहब, आप एक बात बताएंगे कि बिहार में सबको तो-तो की बीमारी है क्या?
तीसरा व्यक्ति- वो सब अनपढ़-गंवार होंगे।
शहरी- तो आप पढे-लिखे हैं।
तीसरा व्यक्ति- तो?
चुटकुला #122
वयस्क फिल्म
एक दिन उन्नीस सरदार वयस्क फिल्म देखने गए । टिकट लेकर वे सिनेमा हाल
में घुसने के लिए लाइन में लग गए। टिकट जांचने वाला गिनते हुए एक-एक
कर उन्हें प्रवेश देने लगा- 'एक.... दो.... तीन.... दस.... अठारह !
उन्नीसवें सरदारजी से उसने आश्चर्य से पूछा- 'क्यों सरदारजी, आज उन्नीस के
उन्नीस सरदारों को एकाएक पिक्चर देखने की क्या सूझी ?
सरदारजी ने बडे ही भोलेपन से जवाब दिया- ' ओ जी बात ये है कि आपने
ही तो पोस्टर पर लिखा हुआ है कि '18 से नीचे को प्रवेश नहीं मिलेगा!
इसलिए हम पूरे उन्नीस आए हैं।
चुटकुला # 123
ताश की गड्डी
एक जनरल स्टोर पर एक खरीददार ताश खरीदने के लिए गया।
उसने दुकानदार से पूछा- भाईसाहब, आपके पास ताश की गड्डी है क्या?
दुकानदार- हां है न, भैया।
खरीददार- ठीक है, एक गड्डी दे दो।
दुकानदार : क्यों, क्या खेलने लिए चाहिए?
खरीददार(खीझकर) : नहीं, दरअसल मैं घर बनवा रहा हूं और उसमें ईंट कम पड़ गई हैं
इसलिए ताश की गड्डी खरीद रहा हूं।
चुटकुला # 124
याददाश्त
दो मित्र आपस में बातें कर रहे थे।
पहला मित्र : यार, मैं अपनी पत्नी की वजह से बहुत परेशान हो गया हूं।
दूसरा मित्र : क्या हो गया? वो बहुत झगडती हैं क्या?
पहला मित्र : नहीं यार, उसकी याददाश्त बहुत खराब है।
दूसरा मित्र : क्यों? काम की बातें भूल जाती हैं क्या?
पहला मित्र : अरे नहीं, वो छोटी-छोटी बातें भी याद रखती है।
चुटकुला # 125
पियक्कड
एक पियक्कड का दावा था कि वो आंख बंद करके न केवल किसी पेय का ब्रांड
बल्कि उसके उत्पादक का नाम भी बता सकता है। उस पियक्कड की आंख पर पट्टी
बांधी गई और उसके सामने गिलास रखा गया।
पहला गिलास पीकर वह बोला : हैवर्ड की ओल्ड टवर्न।
दूसरा गिलास : मोहन मीकिन की डिप्लोमेट।
तीसरा गिलास : यूबी की किंग फिशर।
उसकी बातों से लोग बडे प्रभावित हुए। अब उसके सामने अंतिम गिलास रखा गया।
वह अंतिम गिलास पीकर बोला : अरे ये तो यूरिन है।
इस पर एक दर्शक बोला : वो तो हमें भी पता है। आप तो इसके उत्पादक का नाम
बताओ।