Indian Culture in a Nutshell

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तीन देव - ब्रह्मा, विष्णु, महेश (शंकर)

चार वेद - ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद

चार आश्रम - ब्रह्मचर्य, गृहस्त, वानप्रस्थ, सन्यास

चार धाम - बद्रीनाथ (उत्तर में), जगन्नाथपुरी (पूर्व में), रामेश्वरम (दक्षिण में०, द्वारका (पश्चिम में)

चार पुरुषार्थ - धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष

चार वर्ण - ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य , सूद्र

पंचामृत - दही (दधि) + दूध (दुग्ध) + घी (घृत) + मधु (शहद) + गंगाजल

छः शास्त्र - न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वेदान्त

सप्त ऋषि -

आठ प्रकार के विवाह - ब्राह्म विवाह, दैत्य विवाह, ऋषि विवाह, प्रजापत्य विवाह, असुर विवाह, गान्धर्व विवाह, राक्षस विवाह, पैशाच विवाह

नव ग्रह -


दस अवतार (विष्णु के दस अवतार) मत्स्य अवतार, कूर्म अवतार , वाराह अवतार , वामन अवतार, नरसिंह अवतार, राम अवतार , कृष्ण अवतार , बुद्ध अवतार , कल्कि अवतार


समुद्र मंथन में निकले चौदह रत्न -

हलाहल (विष) - शिव जी पी गये

कामधेनु (या सुरभि गाय) - ऋषियों को यज्ञादि के लिये दे दी गयी

लक्ष्मी - लक्ष्मीजी ने विष्णु का वरन किया

मणि (कौस्तुभ एवं पद्मराग) - विष्णु के लिये

अप्सरा (रम्भा)

वारुणी (कन्या, सुरा लिये हुए) - असुरों को दी गयी

हाथी (ऐरावत) - इन्द्र को दिया गया

कल्पवृक्ष या पारिजात,

पाञ्चजन्य शंख,

चन्द्रमा,

धनुष (सारंग)

घोड़ा (उच्चैश्रवा) - राजा बालि को दिया गया

धन्वन्तरि - अमृत लेकर आये

अमृत - देवताओं एवं दैत्यों को बांटी गयी


सोलह संस्कार -

(१) गर्भधारण संस्कार

(२) पुंसवन (दुग्ध) संस्कार - तीसरे माह

(३) सीमान्तनयन - छठवें माह

(४) जन्म या जातकर्म - जन्म के समय किया जाने वाला

(५) नामकरण(निष्क्रमण) - जन्म के कुछ दिनों बाद, शिशु को सूर्य का दर्शन कराकर उसे एक नाम प्रदान किया जाता है।

(६) निस्करण

(७) अन्नप्राशन - जब शिशु को सबसे पहले पकाया हुआ भोजन दिया जाता है।

(८) मुंडन

(९) कर्णभेदन या कर्णछेदन

(१०) उपनयन - इसमें बालक को यज्ञोपवीत दिया जाता है और शिक्षा के लिये गुरू के पास भेजा जाता है।

(११) वेदाध्ययन (वेद का अध्ययन)

(१२) संवर्तन - शिक्षा समाप्ति के पश्चात

(१३) विवाह

(१४) वानप्रस्थ - पचास वर्ष की आयु की प्राप्ति पर

(१५) सन्यास - प्राय: ७५ वर्ष की आयु की प्राप्ति पर

(१६) दाह संस्कार - अन्तिम संस्कार


18 पुराण -

1-ब्रह्म पुराण 2-पद्म पुराण 3-विश्णु पुराण 4-शिव पुराण 5-भागवत पुराण,

6-नारद पुराण, 7-मार्कण्डेय पुराण, 8-अग्नि पुराण, 9-भविष्य पुराण, 10-ब्रह्म वैवर्त पुराण

11-लिंग पुराण 12-वाराह पुराण 13-स्कन्द पुराण14-वामन पुराण, 15-कूर्म पुराण

16-मत्स्य पुराण 17-गरुण पुराण 18-ब्रह्माण्ड पुराण


मुख्य उपनिषद -

केन् उपनिषद् , ईशावास्य उपनिषद , कथ उपनिषद् , प्रश्नोपनिषद

मुण्डक उपनिषद , माण्डूक्य उपनिषद , ऐतरेय उपनिषद , तैत्तिर्य उपनिषद

शेताशेत उपनिषद , वृहदारण्यक उपनिषद , छान्दोग्य उपनिषद


चार युग - कृतयुग (सत्युग), त्रेतायुग, द्वापरयुग , कलियुग (वर्तमान)

भारतीय मास (12) - चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद (भादो), अश्विन (क्वार), कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन

सत्ताइस नक्षत्र - चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़, उत्तराषाढ़, सतभिषा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वभाद्र, उत्तरभाद्र, अश्विन, रेवती, भरणी, कृतिका, रोहणी, मृगशिरा, उत्तरा, पुनवर्सु, पुष्य, मघा, अश्लेशा, पूर्वफाल्गुन, उत्तरफाल्गुन, हस्त


सात दिन - रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, वृहस्पतिवार (गुरुवार), शुक्रवार, शनिवार


आदि कवि - महर्षि वाल्मिकि, जिन्होने संस्कृत में रामायण की रचना की।

अद्वैत सिद्धान्त - एको ब्रह्म द्वितीयोनास्ति, ब्रह्म सत्यं जगत् मिथ्या (एक ही ब्रह्म है, दूसरा कोई नहीं है। ब्रह्म सत्य है, जगत मिथ्या (झूठा) है।

गायत्री मंत्र - ॐ भूर्भुव: स्वः । तत् सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ॥


शान्ति पाठ
ॐ शान्तिरन्तरिशँ, शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः

शान्तिरोषधयः शान्ति वनस्पतयः शान्तिविशवेदेवाः

शान्तिब्रमहा शान्तिँ, सवॅ शान्तिः शान्तिरेव

शान्ति सामा शान्तिः, शान्तिरेधि़, शुभ शान्तिभॅवतु

ऒं शान्तिः, शान्तिः, शान्तिः ॥

संकल्प मंत्र

दाहिने हाथ में जल, पुष्प तथा अक्षत लेकर निम्न संकल्प करे-

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु: भामद्भागवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणो द्वितीयपरार्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतित मे कलियुगे कलिप्रथमचरणे जम्बूद्वीपे भारतवर्षे आर्यावर्तैकदेशे........नगरे/ग्रामे.....वैक्रमाब्दे......संवत्सरे....मासे.....पक्षे....तिथौ.....वासरे.....गोत्र: शर्मा/वर्मा/गुप्तोऽहं श्रीगायत्रीप्रीत्यर्थं* सहस्रनामस्तोपाठं करिष्ये।

हाथ का जलाक्षत छोड़ दे। (यदि सहस्रार्चन करना हो तो ‘सहस्रनामार्चनं करिष्ये’-ऐसा बोलना चाहिये।)


वैदिक राष्ट्रगान या राष्ट्राभिवर्द्धन मन्त्र

आ ब्रह्मन् ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायतामाराष्ट्रे राजन्य़ः शूर ईषव्यातिव्याधी महारथो जायतां दोग्ध्री धेनुर्वोढानड्वानाशुः सप्तिः पुरन्ध्रिर्योषा जिष्णूरथेष्टा सभेयो युवाऽस्य यजमानस्यवीरो जायताम्। निकामे निकामे नः पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो न ओषधयः पच्यन्ताम् योगक्षेमो नः कल्प्यताम्। -- (शुक्ल यजुर्वेद ; अध्याय २२, मंत्र २२)


चौसठ कलाएँ



शैव मत (Shaivism)

Brahman, the one and only (formless) supreme aspect of God. The Universe in Potential Static Energy.

आदि शक्ति : the Female aspect of the Supreme Divine in Kinetic Dynamic Form.

तीन महाशक्तियाँ : (Super Powers) of the Universe or the Super Goddesses In Hinduism.

महासरस्वती (Great Saraswati) - Universal Force of Creation

महालक्ष्मी (Great Lakshmi) - Universal Force of Preservation

महाकाली (Great Kali) - Universal Force of Dissolution


हिन्दू त्रिदेव (GOD = Generator + Operator + Destroyer)

ब्रह्मा - the creator (Generator)

विष्णु - the sustainer (Operator)

शिव - the destroyer (Destroyer)


हिन्दू त्रिदेवी - Triple Goddess, the consorts of the Trinity

सरस्वती - Hindu Goddess of Knowledge and Wisdom, Wife of Brahma

लक्ष्मी - Hindu Goddess of Wealth and Fertility, Wife of Vishnu

पार्वती - Hindu Goddess of Power and Might, Wife of Shiva


विष्णु से सम्बन्धित अन्य देवता

गरुण- The Eagle Headed Deity who is the vehicle of Vishnu

अनन्त या शेष - The Infinite Serpent which is the Bed of Vishnu

नारद - The Divine Messenger of the Gods

दत्तात्रेय - Shown with Three Heads, representing the Oneness with Brahma, Vishnu and Siva (Shiva) - He is Guru and God, worshipped by all sects

हयग्रीव - He is shown with the head of a horse and is worshipped as the repository of all wisdom and knowledge


विषय सूची

शिव [सम्पादन]

शिव के विभिन्न रूप RUDRA- THE LORD OF POWER नटराज - The Lord of Dance

दक्षिणमूर्ति - The Lord of the South - The Preceptor and Guru

महादेव - The Great God

हनुमान - Personified as a Monkey Headed Deity, God of Service and Devotion

अर्धनारीश्वर - The Androgynous God (Half Man and Half Woman)


शिव से सम्बन्धित अन्य देवता

गणेश - Oldest Son of Shiva and the God of Prosperity, shown with an elephant head

कार्तिक या स्कन्द - The Second Son of Shiva, The God of War, Youth and Purity

वीर भद्र- The Deity who Guards the Abode of Shiva

नन्दी - The Bull which is the vehicle of Shiva

अयप्पा - Also called Manikantha, Sasta - son of Siva and Mohini, the feminine form of Vishnu Lakshmi


लक्ष्मी के आठ रूप

आदि लक्ष्मी

विजया लक्ष्मी

विद्या लक्ष्मी

धन लक्ष्मी

धान्य लक्ष्मी

संतान लक्ष्मी

धैर्य लक्ष्मी


लक्ष्मी से सम्बन्धित अन्य देवता

श्री देवी- The Goddess of Beauty

पृथ्वी या भूदेवी - The Goddess of Earth

अलक्ष्मी या ज्येष्ट देवी - The Contra Goddess of Misfortune Parvati . The Passive/Peaceful Manifestations of Parvati

सती- Goddess of Marriage and Wedlock

Shashti - Goddess of Marriage and Childbirth

अन्नपूर्णा - Goddess of Food and Nourishment

ललिता - Goddess of Beauty


The Warrior Manifestations of Parvati

Kali - The Goddess of Time and Death [सम्पादन]

The Ten Great Wisdom Manifestations of Kali

Kali - The Goddess as Time

Tara - The Goddess as Space

Chinnamasta - The Goddess as The Cycle of Life and Death

Bhuvaneshvari - The Goddess as Perfection

Tripura Sundari - The Goddess as the Most beautiful

Bhairavi - The Goddess as the Most frightful

Bagalamukhi - The Crane headed Goddess as upholder of Universal Order

Dhumavati - The Widowed Goddess as Chaos and Misery

Matangi - The Goddess as Leftovers and Salvage

Kamala - The Goddess as Perfection

Durga - The Goddess of Power and War


The Nine Manifestations of Durga

Shailaputri

Brahmacharini

Kushmanda

Skanda Mata

Katyani

Chandraghanta

Siddhi Dhatri

Maha Gauri

Kaal Ratri

Maya - The Goddess of Illusion and Mystery


The Adityas [सम्पादन]

Indra - god of weather and war

Mitra - god of honesty, friendship and contracts

Ravi, Surya - the Sun gods

Varuna - god of the oceans and rivers

Yama - god of death


Some of the most important Devas: [सम्पादन]

Agni - god of fire

The Asura - Demons, Anti gods

The Aswini - gods of sunrise and sunset

Dyaus-pitar - ('Heaven-father') cognate of the Roman god Jupiter

Ganesh - personified with the head of an elephant, god of wisdom, intelligence, education and prudence

Parjanya - god of wind

Parvati or Parvathi, wife of Shiva

Prithivi - the Earth goddess

Purusha - the Cosmic-Man

The Rudras - the storm deities

Soma - the lunar deity

Ushas - The goddess of sunrise

Vasus, the

Vayu - god of wind


The Visvedevas

Ishvara - One who gives prosperity.

Hari - One who destroys sins (obstacles on the way to Moksha (liberation from the cycles of birth-death-birth)).

Narayana - The final destination towards which all individual souls are travelling.



प्राचीन भारतीय धार्मिक साहित्य की रूपरेखा



Sandarbh [सम्पादन]