कृष्ण काव्य में माधुर्य भक्ति के कवि/रूपरसिक की रचनाएँ

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रूपरसिक जी के तीन हस्तलिखित ग्रन्थ पाए गए हैं :

  1. बृहदुत्सव मणिमाल
  2. हरिव्यास यशामृत
  3. लीलाविंशति