कृष्ण काव्य में माधुर्य भक्ति के कवि/श्रीभट्ट की रचनाएँ

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निम्बार्क सम्प्रदाय के विद्वानों के अनुसार श्रीभट्ट जी ने बहुत दोहे लिखे थे,जिनमें से कुछ ही युगल शतक के रूप में अवशिष्ट रह गये हैं। युगल शतक में छह सुखों का वर्णन है:

  1. सिद्धांत
  2. ब्रजलीला
  3. सेवा
  4. सहज
  5. सुरत
  6. उत्सव