दसम ग्रन्थ/हिकायतें
| ਹਿਕਾਇਤਾਂ ॥ हिकाइतां ॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ अगंजो अभंजो अरूपो अरेख ॥ अगाधो अबाधो अभरमो अलेख ॥१॥ अरागो अरूपो अरेखो अरंग ॥ अजनमो अबरनो अभूतो अभंग ॥२॥ अछेदो अभेदो अकरमो अकाम ॥ अखेदो अभेदो अभरमो अभाम ॥३॥ अरेखो अभेखो अलेखो अभंग ॥ ख़ुदावंद बख़शिंदहे रंग रंग ॥४॥ हिकायत शुनीदेम राजहि दिलीप ॥ निशसतह बुदह निज़द मानो महीप ॥५॥ कि ओरा हमी बूद पिसरे चहार ॥ कि दर रज़म दर बज़म आमुख़तह कार ॥६॥ ब रज़म अंदरां हम चु अज़ शेर मसत ॥ कि चाबक रिकाबसतु गुसताख़ दसत ॥७॥ चहारो शहे पेश पिसरां बुखांद ॥ जुदा बर जुदा कुरसीए ज़र निशांद ॥८॥ बि पुरशीद दानाइ दउलत परसत ॥ अज़ी अंदरूं बादशाही कस असत ॥९॥ शुनीद आं चु दानाइ दानश निहाद ॥ ब तमकीन पासख अलम बर कुशाद ॥१०॥ ब ग़ुफ़तंद ख़ुश दीन दानाइ नग़ज़ ॥ कि यज़दां शनास असतु आज़ाद मग़ज़ ॥११॥ मरा कुदरते नेसत ईं गुफ़त नीसत ॥ सुखन गुफ़तनो बिकर जां सुफ़त नीसत ॥१२॥ अगर शहि बिगोयद बिगोयम जवाब ॥ नुमायम ब तो हाल ईं बा सवाब ॥१३॥ हरां कस कि यज़दान यारी दिहद ॥ ब कारे जहां कामगारी दिहद ॥१४॥ |
| कि ईं रा ब अक़ल आज़माई कुनेम ॥
वज़ां पस ब कार आज़माई कुनेम ॥१५॥ यके रा दिहद फ़ील दहि हज़ार मसत ॥ हमह मसतीओ मसत ज़ंजीर बसत ॥१६॥ दिग़र रा दिहद असप पां सद हज़ार ॥ ज़ि ज़र साख़तह ज़ीन चूं नउ बहार ॥१७॥ सियम रा दिहद शुतर सि सद हज़ार ॥ हमह नुक़रह बारो हमह ज़र निगार ॥१८॥ चुअम रा दिहद मुंग यक नुख़द नीम ॥ अज़ां मरद आज़ाद आकल अज़ीम ॥१९॥ बियावुरद पुर अक़ल ख़ानह कज़ां ॥ दिग़र नीम नुख़दश ब बसतन अज़ां ॥२०॥ हमी ख़ाशत को तुख़म रेज़ी कुनद ॥ ख़िरद आज़मायश बरेज़ी कुनद ॥२१॥ दफ़न करद हरदो ज़मीं अंदरां ॥ नज़र करद बर शुकर साहिब गिरां ॥२२॥ चु शश माहि गुशतंद दरां दफ़नवार ॥ पदीद आमदह सबज़हे नउ बहार ॥२३॥ बरेज़ीद दहि साल तुख़मे कज़ां ॥ ब परवरदह ओरा बुरीदन अज़ां ॥२४॥ बरेज़ी दहे बीसत बारश अज़ो ॥ बसे गशतह ख़रवार दानह अज़ो ॥२५॥ चुना ज़ियादह शुद दउलते दिल क़रार ॥ कज़ो दानह शुद दानहाए अ्मबार ॥२६॥ ख़रीदह अज़ां नक़द दहि हज़ार फ़ील ॥ चु कोहे रवां हम चु दरीआइ नील ॥२७॥ बगीरद अज़ो असप पांसद हज़ार ॥ हमह जर व ज़ीनो हमह नुक़रहवार ॥२८॥ ख़रीदंद से सद हज़ारो शुतर ॥ हमह ज़रह बारो हमह नुकरह पुर ॥२९॥ वज़ां दाल नउ शहिर आज़म बुबसत ॥ कि नामे अज़ां शहिर दिहली शुदसत ॥३०॥ दिग़र दानह रा बसत मूंगी पटन ॥ चु दोसतां पसंदसतु दुशमन फ़िकन ॥३१॥ ब गुज़रीद दह दो बर ईं नमत साल ॥ बसे गशत जो दउलते बे ज़वाल ॥३२॥ चु बिनशसत बर तख़त मानो महीप ॥ ब पुरशस दरामद सहे हफ़त दीप ॥३३॥ बिगोयद ब पेशीन काग़ज़ बियार ॥ चि बख़शीदअम मन ब पिसरां चहार ॥३४॥ दबीरे कलम बर कलम जन गिरिफ़त ॥ जवाबे सुख़न रा अलमबर गरिफ़त ॥३५॥ बगुफ़ता चि बख़शीद एशां हज़ार ॥ ब काग़ज़ बुबीं ता ज़ुबानस बियार ॥३६॥ |
| ब काग़ज़ बुबीं ता बिगोयद ज़ुबां ॥
चि बख़शीद शुद बख़श हरकस अज़ां ॥३७॥ चु बिशनीद सुख़न अज़ महीपान मान ॥ फ़रिशतह सिफ़त चूं मलायक मकान ॥३८॥ बयारी मरा पेश बख़शीदह मन ॥ चराग़े जहां! आफ़ताबे यमन! ॥३९॥ बिगोयद कि मुरदंद बाजे मुहिम ॥ कि मा हम बसा फ़ील बख़शीदहअम ॥४०॥ दिग़र रा बपुरशीद अपस च करद ॥ कि बाज़े बबख़शीदु बाज़े बिमुरद ॥४१॥ सिअम रा बपुरशीद शुतरां नुमां ॥ कुजा तो बबख़शीद ए जान मां! ॥४२॥ बगुफ़ता कि बाज़े बकार आमदंद ॥ बबख़श अंदरूं बेशुमार आमदंद ॥४३॥ चुअम रा बपुरशीद कि ए नेक बख़त! ॥ सज़ावार देहीम सायान तख़त! ॥४४॥ कुजा गशत बख़शश तुमारा फ़हीम ॥ यके दानह मुंगो दिग़र नुख़द नीम ॥४५॥ शवद गर हुकम ता बियारेम पेश ॥ हमह फ़ीलु असपो अज़ो शुतर बेश ॥४६॥ नज़र करद फ़ीले दो दहि हज़ार मसत ॥ पुर अज़ ज़र बारो हमह नुकरह बसत ॥४७॥ हुमां असप पां सद हज़ार आवरीद ॥ हुमां ज़र ज़ीन बेशुमार आवरीद ॥४८॥ हमह ख़ोद ख़ुफ़तान बरगशतवां ॥ बसे तीरु शमशेर कीमत गिरां ॥४९॥ बसे शुतर बगदाद ज़र बफ़त बार ॥ ज़रो जामह नीम आसतीं बेशुमार ॥५०॥ कि दहि नीलु दहि पदम दीनार ज़रद ॥ कज़ो दीदह शुद दीदहे दोसत सरद ॥५१॥ कि यक मुंग यक शहिर ज़ो काम शुद ॥ कि मूंगी पटन शहिर ओ नाम शुद ॥५२॥ कि नीमि नुख़द रा दिग़र शहिर बसत ॥ कि नामे अज़ो शहिर दिहली शुद असत ॥५३॥ ख़ुश आमद ब तदबीर मानो महीप ॥ ख़िताबश बदो दाद राजह दलीप ॥५४॥ कि पैदा अज़ो मरद शाहन शही ॥ सज़ावार तख़त असतु ताजो मही ॥५५॥ बज़ेबद अज़ो मरद ताजो नग़ीं ॥ बर आं अक़लु तदबीर हज़ार आफ़रीं ॥५६॥ सि ओ असत बेअक़ल आलूदह मग़ज़ ॥ न रफ़तार ख़ुशतर न ग़ुफ़तार नग़ज़ ॥५७॥ हमी ख़ासत कि ओरा बशाही दिहम ॥ ज़ि दौलत ख़ुदशरा अगाही दिहम ॥५८॥ बज़ेबद कज़ो रंग शाहनशही ॥ कि साहिब शऊर असत व मालक मही ॥५९॥ |
| ख़िताबश कज़ो गशत राजह दलीप ॥
ख़िलाफ़त बबख़शीद मानो महीप ॥६०॥ सि पिसरां दिग़र शाहि आज़ाद करद ॥ न दानश परसतो न आज़ाद मरद ॥६१॥ कि ओरा बरो ज़र सिंघासन निशाद ॥ कलीदे कुहन गंज रा बर कुशाद ॥६२॥ बदो दाद शाही ख़ुद आज़ाद गशत ॥ बपोशीद दलक़श रवां शुद बदशत ॥६३॥ बिदिह साक़ीया साग़रे सबज़ रंग ॥ कि मारा बकार असत दर वक़त जंग ॥६४॥ ब मन दिह कि बख़त आज़माई कुनम ॥ ज़ि तेग़े ख़ुदश कारवाई कुनम ॥६५॥२॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ ख़ुदावंद दानश दिहो दादगर ॥ रज़ा बख़श रोज़ी दिहो हर हुनर ॥१॥ अमां बख़श बख़शिंद ओ दसतगीर ॥ कुशायश कुनो रहि नुमायश पज़ीर ॥२॥ हिकायत शुनीदम यके नेक मरद ॥ कि अज़ दउर दुशमन बरावुरद गरद ॥३॥ ख़सम अफ़कनो शाहि चीं दिल फ़राज़ ॥ ग़रीबुल निवाज़ो ग़नीमुल गुदाज़ ॥४॥ जि रज़मो ब बज़मो हमह बंदुबसत ॥ कि बिसयार तेग़ असत हुशयार दसत ॥५॥ निवालह पियालह जि रज़मो ब बज़म ॥ तु गुफ़ती कि दीगर यले शुद ब बज़म ॥६॥ ज़ि तीरो तुफ़ंग हम चु आमुख़तह शुद ॥ तु गोई कि दर शिकम अंदोख़तह शुद ॥७॥ चु मालश गिरानश मतायश अज़ीम ॥ कि मुलकश बसे असत बख़शश करीम ॥८॥ अज़ो बादशाही ब आख़र शुदसत ॥ निशसतंद वज़ीरान ओ पेश पसत ॥९॥ ज़ि तो पस किरा बादशाही दिहम? ॥ किरा ताज इकबाल बर सर निहम? ॥१०॥ किरा मरद अज़ ख़ानह बेरूं कुनद? ॥ किरा बख़त इकबाल बर सर निहद? ॥११॥ ब होश अंदर आमद कुशादो दु चशम ॥ बगुफ़ता सुख़न शाहि पेशीन रसम ॥१२॥ न पाओ, न दसतो, न चशमो ज़ुबां ॥ न होशो, न हिमत, न हैबत कसां ॥१३॥ न हउलो, न हिमत, न हीलह, न होश ॥ न बीनी, न बीनायगी, हर दु गोश ॥१४॥ हरां कस कि हसत आज़मायश बवद ॥ वज़ां दउर दी बादशाहश बवद ॥१५॥ अजबमांद दानाइ दउर ईं जवाब ॥ सुख़नबाज़ दीगर कुनद बा सवाब ॥१६॥ बकिंगश दर आमद दिरंगश गिरिफ़त ॥ जवाबे सुख़न रा बरंगश गिरिफ़त ॥१७॥ चपोरासतश करद चरखे ज़ुबां ॥ बरा वुरद सुख़ने चु कैबर कमां ॥१८॥ कि ए शाहि! हुशियार आज़ाद मग़ज़ ॥ चिरामे तु गोई दरीं कार नग़ज़ ॥१९॥ |
| कसे रा शवद कार ई दर ज़मां ॥
वज़ा हसत ऐबअसत ज़ाहर जहां ॥२०॥ कि ईं हसत ऐबो, तु गोई हुनर ॥ कि ए शाह शाहान! हमह बहर बर! ॥२१॥ न दर जंग पुशतो, न दुशनाम दाद ॥ न अंगुशतबर हरफ़ दुशमन निहाद ॥२२॥ न आराम दुशमन, न आज़ार दोसत ॥ जवाबे गदारा, अदूरा बपोसत ॥२३॥ नवीशिंदह रा जा न हरफ़ो निहद ॥ सुख़न रा बहक़ जाइ शरफ़ो दिहद ॥२४॥ न उसताद रा दाद जाए सुख़न ॥ फ़रामोशगी चूं बकारे कुहन? ॥२५॥ ब बद मसलिहत कस न दादन दिगर ॥ बिहस नाम ओ चूं तु गोयद हुनर? ॥२६॥ न बीनद दिग़र ज़न, ब चशमो ख़ुदश ॥ न बद कार कस करद, नज़रे बदश ॥२७॥ नज़र करद कस बर, न हरफ़े हराम ॥ निगह दाशत बर शुकर, यज़दां मुदाम ॥२८॥ नज़र रा ब बदकार, दीगर ब बसत ॥ शनासी तु तहकीक, ओ कोर हसत ॥२९॥ क़दम रा न दारद, ब बदकार कार ॥ न दर जंग पसपाउ, पुशते बरार ॥३०॥ न दरकार दुज़दी, न दिल बिशकनी ॥ न ख़ानह ख़ुरम बाज़, नह रहज़नी ॥३१॥ बनाकस दुआए, न गोयद सुख़न ॥ ब ख़ाहश ख़राशी, न जोई सुख़न ॥३२॥ ब बदकार कस दर, न दादंद पाइ ॥ कि ओ पाइ लंग, असतु गोई बजाइ ॥३३॥ ब दुज़दी मतारा, न आलूदह दसत ॥ ब ख़ुरशे हरामो, कुशायद न दसत ॥३४॥ ब ख़ुद दसत ख़ाहंद, न गीरंद माल ॥ न रइयत ख़राशी, न आजज़ ज़वाल ॥३५॥ दिग़र ज़न न ख़ुद दसत अंदाख़तन ॥ रईयत ख़ुलासह न बर ताख़तन ॥३६॥ बख़ुद दसत रिशवत, न आलूदह करद ॥ कि अज़ शाहि दुशमन, बरावुरद गरद ॥३७॥ न जाए अदूरा दिहद वक़त जंग ॥ बुबारश दिहद तेग़ तरकश ख़तंग ॥३८॥ न रामश दिहद असप रा वक़त कार ॥ न जायश अदूरा दिहद दर दियार ॥३९॥ कि बे दसत ओ हसत गो पुर हुनर ॥ ब आलूदगी दर न बसतन कमर ॥४०॥ न गोयद कसे, बद सुख़न ज़ीं ज़ुबान ॥ कि ओ बे ज़ुबानसत, ज़ाहर जहान ॥४१॥ शुनीदन न बद सुख़न, कसरा बगोश ॥ कि ओ हसत बेगोश, गोई बहोश ॥४२॥ |
| कि पस परदह चुग़ली, शुनीदन न कस ॥
वज़ां ख़ुद शनासी, कि गोई शहस ॥४३॥ कसे कार बदरा न गीरंद बोइ ॥ कि ओ हसत बे बीनिओ नेक ख़ोइ ॥४४॥ न हउलो दिग़र, हसत जुज़बा ख़ुदाइ ॥ कि हिमत वरां, रा दरारद ज़ि पाइ ॥४५॥ ब होश अंदर आमद हमह वक़त जंग ॥ कि कोशश कुनद पाइ ब तीरो तुफ़ंग ॥४६॥ कि दरकार इनसाफ ओ हिमत असत ॥ कि दर पेश गुरबाइ ओ आजज़ असत ॥४७॥ न हीलह कुनद वक़त दर कार ज़ार ॥ न हैबत कुनद दुशमना बेशुमार ॥४८॥ हरां कस कि ज़ीं हसत गाज़ी बवद ॥ ब कारे जहां रज़म साज़ी कुनद ॥४९॥ कसे रा कि ईं कार आयद पसंद ॥ वज़ां शाहि बाशद जहां अरज़मंद ॥५०॥ शुनीद ईं सुख़न दउर दाना वज़ीर ॥ कि आकल शनास असत पोज़श पज़ीर ॥५१॥ कसे रा शनासद ब अक़ले बिही ॥ मरो रा बिदिह ताजु तख़तो मही ॥५२॥ ब बख़शीद ओ रा मही तख़त ताज ॥ गर ओ रा शनासी रईयत निवाज़ ॥५३॥ ब हैरत दर आमद बपिसरां चहार ॥ कसे गोइ गीरद हमह वक़त कार ॥५४॥ हरां कस कि रा अक़ल यारी दिहद ॥ ब कारे जहां कामगारी कुनद ॥५५॥ बिदिह साक़ीया साग़रे सबज़ रंग ॥ कि मारा बकार असत दर वक़त जंग ॥५६॥ बिदिह साक़ीया साग़रे नैन पान ॥ कुनद पीर सद सालह रा नउ जवान ॥५७॥३॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ कि रोज़ी दिहंद असतु राज़क़ रहीम ॥ रहाई दिहो रहिनुमाए करीम ॥१॥ दिल अफ़ज़ाइ दानश दिहो दादगर ॥ रज़ा बख़श रोज़ी दिहो हर हुनर ॥२॥ हिकायत शुनीदम यके नेक ज़न ॥ चु शमशाद कद्दे ब जोए चमन ॥३॥ कि ओ रा पदर राजहे उतर देश ॥ ब शीरीं ज़ुबां हम च इख़लास केश ॥४॥ कि आमद बराए हमह ग़ुसल गंग ॥ चु कैबर कमां हम चु तीरे तुफ़ंग ॥५॥ |
| हमी ख़ासत कि ओ रा स्वय्मबर कुनम ॥
कसे ईं पसंद आयद ओ रा दिहम ॥६॥ बिगोयद सुख़न दुख़तरे नेक तन! ॥ कसे तो पसंद आयद ओ रा बकुन ॥७॥ निशादंद बर काख ओ हफ़त खन ॥ चु माहे मही आफ़ताबे यमन ॥८॥ दहाने दुहद रा दहन बर कुशाद ॥ जवाबे सुख़न रा उज़र बर निहाद ॥९॥ कि ईं राजहे राजहा बेशुमार ॥ कि वक़ते तरद्दद बिआ मुख़तहकार ॥१०॥ कसे तो पसंद आयदत ईं ज़मां ॥ वज़ां पस ब दामादी आयद हुमां ॥११॥ नुमादंद ब ओ राजहां बेशुमार ॥ पसंदश नियामद कसे कार बार ॥१२॥ हम आख़र यके राजहे सुभट सिंघ ॥ पसंद आमदश हम चु गुररा निहंग ॥१३॥ हमह उमदहे राजहा पेश खांद ॥ जुदा बर जुदा दउर मजलस निशांद ॥१४॥ ब पुरशीद कि ए दुख़तरे नेक ख़ोइ! ॥ तुरा कस पसंद आयद अज़ीहां बजोइ? ॥१५॥ रवां करदु ज़ुनार दारान पेश ॥ बिगोयद कि ईं राजहे उत्तर देश ॥१६॥ कि ओ नाम बसतश बछतरा मती ॥ चु माहे फ़लक आफ़ताबे मही ॥१७॥ अज़ी राजहां कस नियामद नज़र ॥ वज़ां पस अज़ीं हां बुबीं पुर गुहर ॥१८॥ नज़र करद बर राजहा नाज़नीं ॥ पसंदश नियामद कसे दिल नग़ीं ॥१९॥ स्वय्मबर वज़ां रोज़ मउकूफ़ गशत ॥ कि नाज़म बु बरख़ासत दरवाज़ह बसत ॥२०॥ कि रोज़े दिग़र शाहि ज़ररीं सिपहर ॥ बर अउरंग बरामद चु रउशन गुहर ॥२१॥ दिग़र रोज़ हे राजहा ख़ासतंद ॥ दिग़र गूनह बाज़ार आरासतंद ॥२२॥ नज़र कुन बरोए तु ए दिलरुबाइ! ॥ किरा तो नज़र दर बियायद बजाइ ॥२३॥ ब पहिन अंदर आमद गुले अंजमन ॥ कि ज़र आब रंग असतु सीमाब तन ॥२४॥ रवां गशत दर राजहा बेशुमार ॥ गुले सुरख़ चूं गु्मबज़े नउ बहार ॥२५॥ ब दुज़दीद दिल राजहा बेशुमार ॥ बिअफ़तद ज़िमी चूं यले कारज़ार ॥२६॥ बिज़द बांग बर वै कि ख़ातून ख़ेश ॥ कि ईं उमदहे राजहा उत्तर देश ॥२७॥ वज़ां दुख़तर हसत ईं बछतरा मती ॥ चु माहे फ़लक हम चु हूरो परी ॥२८॥ |
| स्वय्मबर दरामद चु माहे फ़लक ॥
फरिशतह सिफ़त ओ चु ज़ातश मलक ॥२९॥ किरा दौलत इकबाल यारी दिहद ॥ कि ईं माहरो कामग़ारी दिहद ॥३०॥ पसंद आमद ओ राजह सुभट सिंघ नाम ॥ कि रउशन तबीयत सलीख़त मुदाम ॥३१॥ रवां करद बर वै वकीलस गिरां ॥ कि ए शाह शाहान! रउशन ज़मां! ॥३२॥ कि ईं तरज़ लालाइ बरगे समन ॥ कि लाइक़ सुमान असत ईं रा बकुन ॥३३॥ बिगोयद यके ख़ानह बानू मरासत ॥ कि चशमे अज़ो हरदु आहू तरासत ॥३४॥ कि हरगिज़ मन ईं रा न करदम कबूल ॥ कि क़उले कुरां असत क़समे रसूल ॥३५॥ ब गोश अंदर आमद अज़ीं न सुख़न ॥ बजु्मबश दरामद ज़ने नेक तन ॥३६॥ कसे फ़तह मारा कुनद वक़त कार ॥ वज़ां शाहि मारा शवद ईं दियार ॥३७॥ ब कोशीद मैदान जोशीद जंग ॥ ब पोशीद ख़फ़तान पोलाद रंग ॥३८॥ निशसतह बर आं रथ चु माहे मुनीर ॥ बुबसतंद शमशेर जुसतंद तीर ॥३९॥ ब मैदां दर आमद जु गुररीद शेर ॥ चु शेर असत शेर अफ़कनो दिल दलेर ॥४०॥ ब पोशीद ख़ुफ़तान जोशीद जंग ॥ ब कोशीद मैदान तीरो तुफ़ंग ॥४१॥ चुना तीर बारा कुनद कारज़ार ॥ कि लशकर बकार आमदश बेशुमार ॥४२॥ चुना बान बारीद तीरो तुफ़ंग ॥ बसो मरदमां मुरदह शुद जाइ जंग ॥४३॥ सहे नाम गज सिंघ दरामद बजंग ॥ चु कैबर कमा हम चु तीरो तुफ़ंग ॥४४॥ बजु्मबश दरामद चु अफ़रीत मसत ॥ यके गुरज़ अज़ फ़ील पैकर ब दसत ॥४५॥ यके तीर ज़द बानूए पाक मरद ॥ कि गज सिंघ अज़ असप आमद ब गरद ॥४६॥ दिग़र राजह रन सिंघ दरामद ब रोश ॥ कि परवानहे चूं दरामद बजोश ॥४७॥ चुना तेग़ ज़द बानूए शेर तन ॥ बिअफ़ताद रन सिंघ चु सरवे चमन ॥४८॥ यके शहिर अ्मबेर दिग़र जोधपुर ॥ ख़रामीदह बानो चु रख़सिंदह दुर ॥४९॥ बिज़द तेग़ बा ज़ोर बानो सिपर ॥ ब बरख़ेज़ शोलह बसे चूं गहुर ॥५०॥ |
| सियम राजह बूंदी दर आमद दलेर ॥
चु बर बच्चह आहू चु ग़ुररीद शेर ॥५१॥ चुना तीर ज़द हर दो अबरू सिकंज ॥ बिअफ़ताद अमर सिंघ चु शाखे तुरंज ॥५२॥ चुअम राजह जै सिंघ दर आमद मुसाफ़ ॥ बजोश अंदरीं शुद चु अज़ कोहकाफ़ ॥५३॥ हुमां ख़ुरद शरबत कि यारे चुअम ॥ ज़ि जै सिंघ पसे यक निआमद क़दम ॥५४॥ यको शहि फिरंगो पिलंदे दिगर ॥ ब मैदां दरामद चु शेरे बबर ॥५५॥ सियम शाहि अंगरेज़ चूं आफ़ताब ॥ चुअम शाहि हबशी चु मगरे दर आब ॥५६॥ यके रा बिज़द नेज़ह मुशते दिगर ॥ सियम रा ब पाओ चुअम रा सिपर ॥५७॥ चुना मे बिअफ़तद न बरख़ासत बाज़ ॥ सूए आसमां जान परवाज़ साज़ ॥५८॥ दिग़र कस नियामद तमंनाइ जंग ॥ कि पेशे नियामद दिलावर निहंग ॥५९॥ शबे शहि शबिसता चूं दर आमद बफ़उज ॥ सिपह ख़ानह आमद हमह मउज मउज ॥६०॥ ब रोज़े दिग़र रउशनीअत पनाह ॥ ब अउरंग दर आमद चु अउरंग शाह ॥६१॥ दु सूए यलां हमह बसतंद कमर ॥ ब मैदान जुसतंद सिपर बर सिपर ॥६२॥ बगुररीद आमद दु अबरे मुसाफ़ ॥ यके गशतह बायल यके गशत ज़ाफ़ ॥६३॥ चकाचाक बरख़ासत तीरो तुफ़ंग ॥ ख़ताख़त दरामद हमह रंग रंग ॥६४॥ ज़ि तीरो ज़ि तोपो ज़ि तेग़ो तबर ॥ ज़ि नेज़ह व नाचख़ व नावक सिपर ॥६५॥ यके देव आमद कि ज़ागो निशां ॥ चु ग़ुररीद शेर हम चु पीले दमां ॥६६॥ कुनद तीरो बारां चु बारांन मेग़ ॥ बरख़श अंदरां अबर चूं बरक़ तेग़ ॥६७॥ ब जोश अंदर आमद दहाने दुहल ॥ चु पुर गशत बाज़ार जाए अज़ल ॥६८॥ हरां कस कि पररा शवद तीर शसत ॥ बसद पहिलूए पील मरदां गुज़शत ॥६९॥ हुमां कस बसे तीर ज़द बर कज़ां ॥ बिअफ़ताद देवे चु करखे गिरां ॥७०॥ दिग़र देव बरगशत बियामद बजंग ॥ चु शेरे अज़ीमो हम चु बरां पिलंग ॥७१॥ चुना ज़ख़म गोपाल अंदाख़त सख़त ॥ बिअफ़ताद दानो चु बेख अज़ दरख़त ॥७२॥ दिग़र कस नियामद अज़ो आरज़ो ॥ कि आयद बजंगे चुनी माहरो ॥७३॥ |
| शहे चीन सर ताज रंगी निहाद ॥
बलाए ग़ुबारश दहन बर कुशाद ॥७४॥ शब आमद यके फ़ौज रा साज़ करद ॥ ज़ि दीगर वजह बाज़ी आग़ाज़ करद ॥७५॥ कि अफ़सोस अफ़सोस! है हात हात! ॥ अज़ीं उमर वज़ीं ज़िंदगी ज़ी हयात ॥७६॥ ब रोज़े दिग़र रउशनीयत फ़िकर ॥ बर औरंग दरामद चु शाहे दिगर ॥७७॥ सिपहि सू दु बरख़ासत अज़ जोश जंग ॥ रवां शुद ब हर गोशह तीरो तुफ़ंग ॥७८॥ रवांरव शुदह कैबरे कीनह कोश ॥ कि बाज़ूए मरदां बरावुरद जोश ॥७९॥ चु लशकर तमामी दरामद ब काम ॥ यके मांद ओ रासत सुभट सिंघ नाम ॥८०॥ बिगोयद कि ए शाह रुसतम ज़मां! ॥ तु मारा बिकुन या बिगीरी कमां ॥८१॥ बग़ज़ब अंदर आमद चु शेरे ज़िआं ॥ न पुशते दिहम बानूए हम चुना ॥८२॥ बपोशीद ख़ुफ़तान जोशीद जंग ॥ बकोशीद चूं शेर मरदां निहंग ॥८३॥ ब जायश दरामद चु शेरे अज़ीम ॥ ब कैबर कमां करद बारश करीम ॥८४॥ चपो रासत ओ करद ख़म करद रासत ॥ गरेवे कमां चरख़ चीनी बिख़ासत ॥८५॥ हरां कस कि नेज़ह बिअफ़ताद मुशत ॥ दुता गशत मुशते हमी चार गशत ॥८६॥ बियावेख़त बा दीगरे बाज़ पर ॥ चु सुरख़ अज़दहा बर हमी शेर नर ॥८७॥ चुना बान अफ़ताद तीरो तुफ़ंग ॥ ज़िमी कुशत गानश शुदह लालह रंग ॥८८॥ कुनद तीर बारान रोज़े तमाम ॥ कसे रा न गशतीद मकसूद काम ॥८९॥ अज़ो जंग ज़ो मांदगी मांदह गशत ॥ बिअफ़ताद हरदो दर आ पहिन दसत ॥९०॥ शहिनशाहि रूमी सिपर दाद रोइ ॥ दिग़र शाहि पैदा शुदह नेक ख़ोइ ॥९१॥ न दर जंग आसूदह शुद यक ज़मां ॥ बिअफ़ताद हरदो चुनी कुशतगां ॥९२॥ दिग़र रोज़ बरख़ासत हरदो बजंग ॥ बिआवेख़त बा यक दिग़र चूं निहंग ॥९३॥ वज़ां हरदु तन कूज़हगाने शुदह ॥ कज़ां सीनह गाहीन अरवा शुदह ॥९४॥ ब रख़श अंदर आमद चु मुशक़ी निहंग ॥ बसे बंगसी बोज़ बंगो पिलंग ॥९५॥ कि अबलक सियाह अबलको बोज़ बोर ॥ ब रख़श अंदर आमद चु ताऊस मोर ॥९६॥ |
| ज़िरह पारह शुद ख़ोद व ख़ुफ़ता बजंग ॥
ज़ि बक़तर ज़ि बरग़शतवां बा ख़ुदंग ॥९७॥ चुना तीर बारां शवद कारज़ार ॥ ज़ि बक़तर ज़ि ज़िरहा बरारद शरार ॥९८॥ ब रख़श अंदर आमद चु शेरे निहंग ॥ ज़िमी गशत शुद हम चु पुशते पिलंग ॥९९॥ चुना ज़्यादह शुद आतशे तीर बार ॥ कि अक़ल अज़ मग़ज़ रफ़त होश अज़ दियार ॥१००॥ चुना आवेख़त हरदो हुमा जाइ जंग ॥ कि तेग़ अज़ मियां गशत तरकश खतंग ॥१०१॥ चुना जंग करदंद सुबह ताब शाम ॥ बि अफ़ताद मुरछत न ख़ुरदंद तआम ॥१०२॥ जि ख़ुद मांदह शुद हरदु दर जाइ जंग ॥ चु शेरो यीआनो चु बाज़ा पिलंग ॥१०३॥ चु हबशी बरुद दुज़द दीनार ज़रद ॥ जहां गशत चूं गु्मबज़े दूद गरद ॥१०४॥ सियम रोज़ चौगां बिबुरद आफ़ताब ॥ जहां गशत चूं रउशनश माहिताब ॥१०५॥ बु बरख़ासत हरदो अज़ीं जाइ जंग ॥ रवां करद हर सूइ तीरो तुफ़ंग ॥१०६॥ चुना गरम शुद आतशे कारज़ार ॥ कि फ़ीले दु दह हज़ार आमद ब कार ॥१०७॥ ब कार आमदह असप हफ़त सद हज़ार ॥ हमह ज्वान शाइसतह नामदार ॥१०८॥ ज़ि सिंधी व अरबी व ऐराक राइ ॥ ब कार आमदह असप चूं बादु पाइ ॥१०९॥ बसे कुशतह सरहंग शाइसतह शेर ॥ बे वक़ते तरद्दद बकारे दलेर ॥११०॥ ब गुररीदन आमद दु अबरे सियाह ॥ नमे ख़ून माही लको तेग़ माह ॥१११॥ बजंग अंदरूं गउग़हे ग़ाज़ीयां ॥ ज़िमीं तंग शुद अज़ सुमे ताज़ीयां ॥११२॥ सुमे बाद पांयांन फ़ौलाद नाल ॥ ज़िमी ग़शत पुशते पिलंगी मिसाल ॥११३॥ चराग़े जहाने ख़ुमह बादह ख़ुरद ॥ सरे ताज दीगर बिरादर सपुरद ॥११४॥ बरोज़े चहारम तपीद आफ़ताब ॥ ब जिलवह दर आवेख़त जररीं तनाब ॥११५॥ दिग़र रवश मरदांन बसतंद कमर ॥ यमानी कमर दासत बररो पिसर ॥११६॥ चु होश अंदर आमद ब जोशीद जंग ॥ ब रोस अंदर आमद चु कोशश पिलंग ॥११७॥ चुअम रोज़ कुशतंद दहि हज़ार फ़ील ॥ दु दहि हज़ार असपो चु दरयाइ नील ॥११८॥ ब कार आमदह पियादह सी सद हज़ार ॥ जवां मरद शेरान अज़मूदह कार ॥११९॥ |
| कुनद ज़रहे रथ चहारो हज़ार ॥
ब शेर अफ़कनो जंग आमुख़तह कार ॥१२०॥ कि अज़ चार तीर असप कुशतश चहार ॥ दिग़र तीर कुशतश सरे बहिलदार ॥१२१॥ सियम तीर ज़द हरदो अबरू शिकंज ॥ कि मारे ब पेचीद ज़ि सउदाइ गंज ॥१२२॥ चहारम बिज़द तीर ख़बरश नियाफ़त ॥ कि भरमश ब बरख़ासत धरमश न ताफ़त ॥१२३॥ बिज़द चूं चुअम कैबरे नाज़नीं ॥ ब ख़ुरदंद शहि रग बिअफ़तद ज़िमीं ॥१२४॥ बिदानिसत कि ईं मरद पय मुरदह ग़शत ॥ बिअफ़ताद बूम हम चुनी शेर मसत ॥१२५॥ कि अज़ रथ बियामद बरामद ज़िमी ॥ ख़रामीदह शुद पैकरे नाज़नी ॥१२६॥ ब यक दसत बरदाशत यक प्यालह आब ॥ बनिज़दे शहि आमद चु पररा उकाब ॥१२७॥ बिगोयद कि ए शाहि आज़ाद मरद! ॥ चिरा ख़ुफ़तह हसती तु दर ख़ून गरद? ॥१२८॥ हुमा जानजानी तुअम नौजवां! ॥ बदीदन तुरा आमदम ईज़मां ॥१२९॥ बिगोयद कि ए बानूए नेक बख़त! ॥ चिरा तो बियामद दरीं जाइ सख़त? ॥१३०॥ अगर मुरदह बाशी दियारेम लास ॥ वग़र ज़िंदह हसती ब यज़दां सुपास ॥१३१॥ अज़ां गुफ़तनीहां ख़ुश आमद सुख़न ॥ बिगोयद कि ए नाज़नी सीम तन! ॥१३२॥ हरां कस कि ख़ाही बिगो मन दिहम ॥ कि ए शेर दिल मन! ग़ुलामे तुअम ॥१३३॥ ख़ुदावंद बासी तु ए कार सख़त! ॥ कि मारा ब यक बार कुन नेक बख़त ॥१३४॥ बिज़द पुशत पाओ कुशादश ब चशम ॥ हमह रवश शाहान पेशीन रशम ॥१३५॥ बिअफ़ताद बर रथ बिआवुरद जां ॥ बिज़द नउबतश शाहि शाहे ज़मां ॥१३६॥ बहोश अंदर आमद दु चशमश कुशाद ॥ बिगोयद किरा जाइ मारा निहाद? ॥१३७॥ बिगोयद तुरा ज़फ़र जंग याफ़तम ॥ ब कारे शुमा कत ख़ुदा याफ़तम ॥१३८॥ पशेमां शवद सुख़न गुफ़तन फ़ज़ूल ॥ हरां कस तु गोई कि बर मन कबूल ॥१३९॥ बिदिह साक़ीया जाम फेरोज़ह फ़ाम ॥ कि मा रा ब कार असत रोज़े तमाम ॥१४०॥ तु मारा बिदिह ता शवम ताज़ह दिल ॥ कि गौहर बिआरेम आलूदह गिल ॥१४१॥४॥ |
| ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥
तुई रहिनुमाओ तुई दिल कुशाइ ॥ तुई दसतगीर अंदर हर दो सराइ ॥१॥ तुई राज़ रोज़ी दिहो दसतगीर ॥ करीमे ख़ता बख़श दानश पज़ीर ॥२॥ हिकायत शुनीदम यके काज़ीअश ॥ कि बरतर न दीदम कज़ो दीगरश ॥३॥ यके ख़ानह ओ बानूए नउजवां ॥ कि कुरबां शवद हरकसे नाज़दां ॥४॥ कि शोसन सरे रा फ़रो मेज़दह ॥ गुले लालह रा दाग़ बर दिल शुदह ॥५॥ कज़ां सूरते माहि रा बीम शुद ॥ रशक शोख़तह अज़ मियां नीम शुद ॥६॥ बकार अज़ सूए ख़ानह बेरूं रवद ॥ ब दोशे ज़ुलफ़ शोर सु्मबल शवद ॥७॥ गर आबे ब दरीया बशोयद रुख़श ॥ हमह ख़ार माही शवद गुल रुख़श ॥८॥ बख़म ओ फ़ितादह हुमा सायह आब ॥ ज़ि मसती शुदह नाम नरग़स शराब ॥९॥ बजीदश यके राजहे नउजवां ॥ कि हुसनल जमाल असतु ज़ाहर जहां ॥१०॥ बगुफ़ता कि ए राजहे नेक बख़त! ॥ तु मारा बिदिह जाइ नज़दीक तख़त ॥११॥ नख़ुशती सरे काज़ी आवर तु रासत ॥ वज़ां पस कि ईं ख़ानह मा अज़ तुरासतु ॥१२॥ शुनीद ईं सुख़न रा दिल अंदर निहाद ॥ न राज़े दिग़र पेश अउरत कुशाद ॥१३॥ ब वक़ते शौहर रा चु ख़ुश ख़ुफ़तह दीद ॥ बिज़द तेग़ ख़ुद दसत सर ओ बुरीद ॥१४॥ बुरीदह सर ओरा रवां जाइ गशत ॥ दरां जा सबल सिंघ कि बिनशसतह असत ॥१५॥ तु गुफ़ती मरा हम चुनी करदहअम ॥ बपेशे तु ईं सर मन आवुरदहअम ॥१६॥ अगर सर तु ख़ाही सर तुमे दिहम ॥ ब जानो दिले बर तु आशक शुदम ॥१७॥ कि इम शब कुन आं अहिद तो बसतई ॥ ब गमज़हि चशम जान मन कुशतई ॥१८॥ चु दीदश सरे राजहे नउ जवां ॥ ब तरसीद गुफ़ताह कि ए बद निशां! ॥१९॥ चुना बद तु करदी ख़ुदवंद ख़ेश ॥ कि मारा चियारी अज़ीं कार बेश? ॥२०॥ ज़ि तो दोसती मन ब बाज़ आमदम ॥ ज़ि करदह तु मन दर नियाज़ आमदम ॥२१॥ |
| चुनी बद तु करदी ख़ुदावंद कार ॥
मरा करदह बाशी चुनी रोज़गार ॥२२॥ बिअंदाख़त सर रा दरां जा ज़ि दसत ॥ बरे सीनह ओ सर बिज़द हर दु दसत ॥२३॥ मरा पुशत दादी तुरा हक़ दिहद ॥ वज़ां रोज़ मउलाइ काज़ी शवद ॥२४॥ बिअंदाख़त सर ख़ानह आमद बुबाज़ ॥ बआं लाश काज़ी बख़ुशपीद दराज़ ॥२५॥ बिअंदाख़त बर सर ज़ि ख़ुद दसत ख़ाक ॥ बिगुफ़ता कि ख़ेज़ेद यारान पाक! ॥२६॥ कि बदकार करद ईं कसे शोर बख़त ॥ कि काज़ी ब जां कुशत यक ज़ख़म सख़त ॥२७॥ ब हर जा कि याबेद ख़ूंनश निशां ॥ हुमा राह गीरंद हमह मरदुमां ॥२८॥ ब आं जा जहां ख़लक इसतादह करद ॥ बजाए कि सर काज़ी अफ़तादह करद ॥२९॥ बिदानिशत हमह औरतो मरदुमां ॥ कि ईं रा ब कुशत असत राजह हुमां ॥३०॥ गिरफ़तंद ओ रा बुबसतंद सख़त ॥ कि जाए जहांगीर बिनशसतह तख़त ॥३१॥ बि गुफ़तंद कि ईं रा हवालह कुनद ॥ ब दिल हरचि दारद सज़ायश दिहद ॥३२॥ बि फ़रमूद जल्लाद रा शोर बख़त ॥ कि ईं सर जुदा कुन ब यक ज़ख़म सख़त ॥३३॥ चु शमशेर रा दीद आं नौजवां ॥ ब लरज़ह दरामद चु सरवे गिरां ॥३४॥ बग़ुफ़ता कि मन कार बद करदहअम ॥ ब कारे शुमां तउर ख़ुद करदहअम ॥३५॥ नमूदह इशारत बि चशमे बिआं ॥ कि ए बानूए सरवरे बानूआं! ॥३६॥ बहुकमे शुमा मन ख़ता करदहअम ॥ कि कार ईं बबे मसलहत करदहअम ॥३७॥ ख़लासम बिदिह अहद करदम कबूल ॥ कि अहिदे ख़ुदा असत क़समे रसूल ॥३८॥ गुनह बख़श तो मन ख़ता करदहअम ॥ कि ए जिगर जां! मन ग़ुलामे तुअम ॥३९॥ ब गुफ़ता गर ईं राजह पां सद कुशम ॥ न काज़ी मरा ज़िंदह दसत आमदम ॥४०॥ कि ओ कुशतह गशतह, चरा ईं कुशम? ॥ कि ख़ूने अज़ीं बर सरे ख़ुद कुनम? ॥४१॥ चि ख़ुशतर कि ईं रा ख़लासी दिहम ॥ व मन हज़रते काबह अल्लह रवम ॥४२॥ बगुफ़त ईं सुखन राव करदश ख़लास ॥ ब ख़ानह ख़ुद आमद जमै करद ख़ास ॥४३॥ |
| बुबसतंद बारो तयारी कुनद ॥
कि एज़द मरा कामगारी दिहद ॥४४॥ दरेग़ अज़ कबायल जुदा मे शवम ॥ अगर ज़िंदह बाशम बबाज़ आमदम ॥४५॥ मताए नकद जिनस रा बार बसत ॥ रवानह सूए काबह तअल्लह शुद असत ॥४६॥ चु बेरूं बरामद दु से मंज़लश ॥ बयाद आमदह ख़ानह ज़ा दोसतश ॥४७॥ बुबाज़ आमदह नीम शब ख़ानह आं ॥ चि निआमत अज़ीमो चि दउलत गिरां ॥४८॥ बिदानिसत आलम कुज़ां जाइ गशत? ॥ चि दानद कि कस हाल बर सर गुज़शत? ॥४९॥ बिदिह साक़ीया प्यालह फ़ेरोज़ फ़ाम ॥ कि मारा बकार असत दर वक़त तुआम ॥५०॥ बमन दिह कि ख़ुशतर दिमाग़े कुनम ॥ कि रौशन तबै चूं चराग़े कुनम ॥५१॥५॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ ख़ुदावंद बख़शिंदहे दिल कुशाइ ॥ रज़ा बख़श रोज़ी दिहो रहिनुमाइ ॥१॥ न फ़उजो न फ़रशो न फ़ररो न फ़ूर ॥ ख़ुदावंद बख़शिंदह ज़ाहर ज़हूर ॥२॥ हिकायत शुनीदेम दुख़तर वज़ीर ॥ कि हुसनल जमाल असत रौशन ज़मीर ॥३॥ वजां कैसरो शाहि रूमी कुलाह ॥ दरख़शिंदह शमशो चु रख़सिंदह माह ॥४॥ यके रोज़ रौशन बरामद शिकार ॥ हमह यूज़ अज़ बाज़ व बहरी हज़ार ॥५॥ ब पहिन अंदर आमद बनख़ज़ीर गाह ॥ बिज़द गेर आहू बसे शेर शाह ॥६॥ दिग़र शाह मग़रब दरआमद दलेर ॥ चु रख़शिंदह माहो चु ग़ुररिंदह शेर ॥७॥ दु शाहे दरामद यके जाइ सख़त ॥ किरा तेग़ यारी दिहद नेक बख़त ॥८॥ किरा रोज़ इकबाल यारी दिहद ॥ कि यज़दां किरा कामगारी दिहद ॥९॥ बजु्मबश दरामद दु शाहे दलेर ॥ कि बर आहूए यक बरामद दु शेर ॥१०॥ बगुररीदन आमद दु अबरे सियाह ॥ सनाने बियंदाख़त नेज़ह चु काह ॥११॥ चुना तीर बारान प्ररा शुदह ॥ ज़िमीं आसमां पुर आं ज़िकरश शुदह ॥१२॥ |
| चका चाक बरख़ासत नोके सिनां ॥
यके रुसत ख़ेज़ अज़ बरामद जहां ॥१३॥ चु सूरे सराफ़ील दम मेज़दह ॥ कि रोज़े कियामत बहम मेज़दह ॥१४॥ ग़ुरेज़श दरामद ब अरबी सिपाह ॥ ब ग़ालब दरामद हुमां गरब शाह ॥१५॥ कि तनहा बिमांद असत शाहे अरब ॥ ब वक़ते चु पेशीन शमश चूं गरब ॥१६॥ चु ताबश नुमनद शवद दसतगीर ॥ चु दुज़दे शवद वक़त शब रा असीर ॥१७॥ बु बसतंद बुरदंद शहि निज़द शाह ॥ चु माह अफ़कनो हम चु बुरदंद माह ॥१८॥ ब ख़ानह ख़बर आमदह शाहि बसत ॥ हमह कार दुज़दी व मरदी गुज़शत ॥१९॥ निशसतंद ब मजलस ज़ि दानाइ दिल ॥ सुख़न रांद पिनहां वज़ां शहि ख़िज़ल ॥२०॥ चु बिसनीद ईं ख़बर दुख़तर वज़ीर ॥ ब बसतंद शमशेर जुसतंद तीर ॥२१॥ ब पोशीद ज़र बफ़त रूमी कबाइ ॥ बज़ीं बर निशसतो बिआमद बजाइ ॥२२॥ रवां शुद सूए शाहि मग़रब चु बाद ॥ कमाने कियानी ब तरकश निहाद ॥२३॥ बपेशे शहे मग़रब आमद दलेर ॥ चु ग़ुररीदह बबरो चु दररिंदह शेर ॥२४॥ दुआ करद कि ए शाहि आज़ाद बख़त! ॥ सज़ावार देहीमु सायान तख़त ॥२५॥ मरा काहीया आमद अज़ बहर काह ॥ दो से सद सवारो यक अज़ शकल शाहि ॥२६॥ कि बिहतर हुमानसत आं रा बिदिह ॥ वगरनह ख़ुदश मौत बर सर बिनिह ॥२७॥ शुनीदे ज़ि मन शाहि गर ईं सुख़न ॥ हुमाना तुरा बेख़ बरकंद बुन ॥२८॥ शुनीद ईं सुख़न शाहि फ़ौलाद तन ॥ ब लरज़ीद बर ख़ुद चु बरग़े समन ॥२९॥ चुना जंग करदंद ईं काहीयां ॥ न दानम मग़र शाहि बाशद जवां ॥३०॥ न दानम कसे शाहि हसतश जवां ॥ कि मारा बिगीरद जि मायंदरां ॥३१॥ ज़ि पेशीनहे शह वज़ीरां बुखांद ॥ सुख़न हाइ पोशीदह बा ओ बिरांद ॥३२॥ तु दीदी चुना काहीया जंग करद ॥ कि अज़ मुलक यज़दां बरावुरद गरद ॥३३॥ मुबादा कुनद ताख़त बर मुलक सख़त ॥ दिहम काहीया रा अज़ां नेक बख़त ॥३४॥ हुमां शाहि महिबूशीया पेश खांद ॥ हवालह नमूदश कि ओ रा निशांद ॥३५॥ तु आज़ाद गशती अज़ी सहिल चीज़ ॥ बिगीरए बिरादर! तु अज़ ज़ां अज़ीज़ ॥३६॥ |
| ज़ने पेच दसतार रा ताबदाद ॥
दिग़र दसत बर मुशत तेगश निहाद ॥३७॥ बिज़द ताज़ीयानह ब हर चार चार ॥ बगुफ़ता कि ए बे ख़बर! बे मुहार! ॥३८॥ कि आमद दरीं जा वज़ा काह नेसत? ॥ कि एज़द गवाह असत यज़दां यकेसत ॥३९॥ दरोगे मरा बर ग़फ़ूरे गुआहसत ॥ बिगोयद कि मारा पनाहे ख़ुदासत ॥४०॥ रिहाई दिहंदह ख़ुदावंद तख़त ॥ विदा गशत ज़ो मंज़लो जाइ सख़त ॥४१॥ बिदिह साक़ीया! सागरे सबज़ पान ॥ कि साहिब शऊर असत ज़ाहर जहान ॥४२॥ बिदिह साक़ीया! जाम फ़ीरोज़ रंग ॥ कि दर वक़त शब चूं ख़ुशे रोज़ जंग ॥४३॥६॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ ख़ुदावंद बख़शिंदहे बेशुमार ॥ कि ज़ाहर ज़हूर असत साहिब दियार ॥१॥ तबीअत बहालसत हुसनल जमाल ॥ चु हुसनल जमालो फ़ज़ीलत क़माल ॥२॥ कि इसफ़ंद यार अज़ जहां रख़त बुरद ॥ नसब नामहे ख़ुद ब बहिमन सपुरद ॥३॥ अज़ां दुख़तरे हम चु पररे हुमाइ ॥ चु हुसनल जमाल असत दउलत फ़िज़ाइ ॥४॥ चु बहमन शह अज़ ईं जहां बुरद रख़त ॥ ब दुख़तर सुपरदंद आं ताज तख़त ॥५॥ निशसतंद बर तख़त रूमी हुमाइ ॥ कि बुसतां बहार असतु सूरत फ़िज़ाइ ॥६॥ चु बुग़ज़शत बर वै ज़ि दह साल चार ॥ कि पैदा शुदह सबज़हे नौबहार ॥७॥ बहारे जवानी ब नउबत रसीद ॥ चु बुसतां गुले सुरख़ बेरूं कशीद ॥८॥ ब हुसन अमदश तूतीए नौबहार ॥ चु माहे कि बरख़ुद कुनद नौबहार ॥९॥ मिज़ाज़श ज़ि तिफ़ली बरूं दर रसीद ॥ जवानी ज़ि आग़ाज़ बरवै कशीद ॥१०॥ विदा शुद अज़ो हाल तिफ़ली मिज़ाज ॥ बहारे जवानी दरामद बुबाज़ ॥११॥ कि बिनशसत बर तख़त शाहन शही ॥ ब कलम अंदर आवेख़त काग़ज़ मही ॥१२॥ नज़र करद बर बचह गौहर निगार ॥ कि बुरद अंदरूंन शब वक़ते ग़ुबार ॥१३॥ बिआवेख़त बा ओ दु से चार माह ॥ कि शिकमश फ़रोमांद अज़ तुख़मि शाह ॥१४॥ चु नह माह गशतह ब आं बिसतनी ॥ ब कोशश दरामद रगे ख़ुशतनी ॥१५॥ |
| तवल्लद शुदश कोदके शीर ख़ार ॥
कि ख़ुद शहि व शाह अफ़कनो नामदार ॥१६॥ कि ज़ाहर न करदंद सिररे जहां ॥ ब संदूक़ ओ रा निगह दाशत आं ॥१७॥ ज़ि मुशक़ो फ़ितर अ्मबर आवेख़तंद ॥ बरो ऊद अज़ ज़ाफ़रां रेख़तंद ॥१८॥ ब दसत अंदरूं दाशत ओ रा अक़ीक़ ॥ रवां करद संदूक़ दरया अमीक़ ॥१९॥ रवां करद ओ रा कुनद जामह चाक ॥ नज़र दाशत बरु शुकर यज़दान पाक ॥२०॥ निशसतंद बर रोद लबे गाज़रां ॥ नज़र करद संदूक़ दरीया रवां ॥२१॥ हमी ख़ासत कि ओ रा बदसत आवरंद ॥ कि संदूक़ बसतह शिकसत आवरंद ॥२२॥ चु बाजू ब कोशश दरामद किरां ॥ ब दसत अंदर आमद मताए गिरां ॥२३॥ शिकसतंद मुहरश बराए मता ॥ पदीद आमदह ज़ां चु बख़शिंदह माह ॥२४॥ वज़ां गाजरां ख़ानह कोदक चु नेसत ॥ ख़ुदा मन पिसर दाद ईं हसब सेसत ॥२५॥ बियावुरद ओ रा गिरिफ़त आं अक़ीक़ ॥ शुकर करद यज़दान आज़म अमीक़ ॥२६॥ कुनद परवरिश रा चु पिसरे अज़ीम ॥ ब यादे ख़ुदा क़िबलह काबह करीम ॥२७॥ चु बुगज़शत बर वै दु से साल माह ॥ कज़ो दुख़तरे ख़ानह आवुरद शाह ॥२८॥ नज़र करद बर वै हुमाए अज़ीम ॥ ब याद आमदश पिसर गाज़र करीम ॥२९॥ बपुरशीद ओ रा कि ए नेक ज़न! ॥ कुजा याफ़ती पिसर ख़ुश ख़ोइ तन? ॥३०॥ बिदानेम ख़ानेम शनासेम मन ॥ यके मन शनाशम न दीग़र सुख़न ॥३१॥ दवीदंद मरदम बख़ादम कज़ो ॥ कि अज़ ख़ानहे गाज़रानश अज़ो ॥३२॥ बुख़ादंद ओ रा बुबसतंद सख़त ॥ ब पुरशीद ओ रा कि ए नेक बख़त! ॥३३॥ बिगोयम तुरा हम चु ईं याफ़तम ॥ नुमायम ब तो हाल चूं साख़तम ॥३४॥ कि साले फ़लां माह दर वक़त शाम ॥ कि ईं कार रा करदअम मन तमाम ॥३५॥ ग़िरिफ़तेम संदूक़ दरीया अमीक़ ॥ यके दसत ज़ो याफ़तम ईं अक़ीक़ ॥३६॥ बदीदंद गौहरि ग़िरफ़तंद अज़ां ॥ शनासद कि ईं पिसर हसत आं हुमां ॥३७॥ |
| बरो ताज़ह शुद शीर पिसतां अज़ो ॥
बिज़द सीनह ख़ुद हरदो दसतां अज़ो ॥३८॥ शनासद अज़ो हर दु लब बर कुशाद ॥ कि ज़ाहर न करदश दिल अंदर निहाद ॥३९॥ दिग़र रोज़ रफ़तंद ज़उजह फलां ॥ मरा ख़ाब दादह बज़ुरगे हुमां ॥४०॥ तुरा मन कि फ़रज़ंद बख़शीदहअम ॥ चराग़े कयारा दरख़शीदहअम ॥४१॥ ज़ि गंजो ज़र श गौहरो तख़त दाद ॥ वज़ां पिसर रा ख़ानहे ख़ुद निहाद ॥४२॥ ब गुफ़तश कि ईं रा ज़ि दरीआफ़तम ॥ कि दाराब नामश अज़ो साख़तम ॥४३॥ कि शाही जहां रा बदो मे दिहम ॥ वज़ां ताज इकबाल बर सर निहम ॥४४॥ मरा ख़ुश तर आमद अज़ां सूरतश ॥ कि हुसनल जमाल असत ख़ुश सूरतश ॥४५॥ कि अज़ शाहि ओ चूं ख़बर याफ़तश ॥ कि दाराब नामे मुक़ररा शुदश ॥४६॥ अज़ां शेर शुद शाहि दाराइ दीं ॥ हक़ीक़त शनास असतु ऐनुल यकीं ॥४७॥ बिदिह साक़ीया! साग़रे सुरख़ फ़ाम ॥ कि मारा ब कार असत वक़ते मुदाम ॥४८॥ बिदिह पियालह फ़ेरोज़ रंगीन रंग ॥ कि मारा ख़ुश आमद बसे वक़त जंग ॥४९॥७॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ ख़ुदावंद बख़शिंदहे दिल करार ॥ रज़ा बख़श रोज़ी दिहो नौबहार ॥१॥ कि मीर असत पीर असत हर दो जहां ॥ ख़ुदावंद बख़शिंदह हर यक अमां ॥२॥ हिकायत शुनीदेम शाहे अज़ीम ॥ कि हुसनल जमाल असतु साहिब करीम ॥३॥ कि सूरत जमाल असतु हुसनल तमाम ॥ हमह रोज़ आशायशे रोद जाम ॥४॥ कि सरहंग दानश जि फ़रज़ानगी ॥ कि अज़ मसलिहत मौज मरदानगी ॥५॥ वज़ां बानूए हम चु माहे जवां ॥ कि कुरबां शवद हर कसे नाज़दां ॥६॥ कि ख़ुश रंग ख़ुश ख़ोइ ओ ख़ुश जमाल ॥ ख़ुश आवाज़ ख़ुश ख़्वारगी ख़ुश ख़ियाल ॥७॥ ब दीदन कि ख़ुश ख़ोइ ख़ूबी जहां ॥ ज़ि हरफ़ात करदन ख़ुशो ख़ुश ज़ुबां ॥८॥ |
| दु पिसरश अज़ां बूद चूं शमश माह ॥
कि रौशन तबीयत हक़ीक़त गवाह ॥९॥ कि गुसताख़ दसत असत चालाक जंग ॥ ब वक़ते तरद्दद चु शेरो निहंग ॥१०॥ दु पील अफ़कनो हम चु शेर अफ़कन असत ॥ ब वक़ते वगा शेर रोईं तन असत ॥११॥ यके ख़ूब रोइ ओ दिग़र तन चु सीम ॥ दु सूरत सज़ावार आज़म अज़ीम ॥१२॥ वज़ां मादरे बरकस आसुफ़तह गशत ॥ चु मरदसत गुल हम चुनी गुल प्रसत ॥१३॥ शबं गाह दर ख़ाबगाह आमदंद ॥ कि ज़ोरावरां दर निगाह आमदंद ॥१४॥ बुख़ादंद पस पेश ख़ुरदो कलां ॥ मयो रोद रामश गिरां रा हुमां ॥१५॥ बिदानिसत कि अज़ मसतीयश मसत गशत ॥ बिज़द तेग़ ख़ुद दसत हर दो शिकसत ॥१६॥ बिज़द हर दो दसतश सरे ख़ेश ज़ोर ॥ ब जु्मबश दरामद ब करदंद शोर ॥१७॥ बिगोयद कि ए मुसलमानान पाक! ॥ चिरा चूं कि कुशती अज़ी जामह चाक ॥१८॥ बिख़ुरदंद मय हर दु आं मसत गशत ॥ गिरफ़तंद शमशेर पौलाद दसत ॥१९॥ कि ईं रा बिज़द आं बई आं जदंद ॥ ब दीदह मरा हर दु ईं कुशतह अंद ॥२०॥ दरेगा मरा जा ज़िमी हम न दाद ॥ न दहलीज़ दोज़ख़ मरा रह कुशाद ॥२१॥ दु चशमे मरा ईं चि गरदीद ईं ॥ कि ईं दीदहे ख़ून ईं दीद ईं ॥२२॥ बिहज़ मन तने तरक दुनीया कुनम ॥ फ़कीरे शवम मुलक चीं मे रवम ॥२३॥ बि ग़ुफत ईं सुख़न रा कुनद जामह चाक ॥ रवां शुद सूए दसतख़त चाक चाक ॥२४॥ कि ओ जा बदीदंद ख़ुश ख़ाबगाह ॥ निशसतह असतु बर गाउ बा ज़न चु माह ॥२५॥ ब पुरशीद ओ रा कि ए नेक ज़न! ॥ हमांयू दरख़ते चु सरवे चमन? ॥२६॥ कि हूरो परी तो चु नूरे जहां? ॥ कि माहे फ़लक आफ़ताबे यमां? ॥२७॥ न हूरो परीअम न नूरे जहां ॥ मनम दुख़तरे शाहिजां बिलसितां ॥२८॥ ब पुरशश दरामद परसतश न मूद ॥ बनिज़दश ज़ुबां रा ब फ़ुरसत कसूद ॥२९॥ ब दीदन तुरा मन बस आज़ुरगदहअम ॥ बिगोई तु हर चीज़ बख़शीदहअम ॥३०॥ ब हंगाम पीरी जवां मे शवम ॥ ब मुलके हुमां यार मन मेरवम ॥३१॥ |
| बदाशन तु दानी वगर ईं वफ़ा ॥
बयाद आमदश बदतर ईं बेवफ़ा ॥३२॥ वज़ां जा बिआमद बगिरदे चुचाह ॥ कज़ा जा अज़ो बूद नख़ज़ीर गाह ॥३३॥ बसैरे दिग़र रोज़ आमद शिकार ॥ चु मिन काल अज़ बाशहे नौ बहार ॥३४॥ कि बरख़ासत पेशश गवज़ने अज़ीम ॥ रवां करद असपश चु बादे नसीम ॥३५॥ बसे दूर गशतश न मांदह दिगर ॥ न आबो न तोसह न अज़ ख़ुद ख़बर ॥३६॥ वज़ां ओ शवद बा तने नौजवां ॥ न हूरो परी आफ़ताबे जहां ॥३७॥ ब दीदन वज़ां शाहि आशुफ़तह गशत ॥ कि अज़ ख़ुद ख़बर रफ़त व अज़ होश दसत ॥३८॥ कि क़समे ख़ुदा मन तुरा मे कुनम ॥ कि अज़ जान जानी तु बरतर कुनम ॥३९॥ उज़र करदउ चूं दु से चार बार ॥ हम आख़र बग़ुफ़तम वज़ां करद कार ॥४०॥ बुबीं गरदशे बेवफ़ाई ज़मां ॥ कि ख़ूंने सितादश न मांदश निशां ॥४१॥ कुजा शाहि कै ख़ुसरवो ज़ाम ज़म? ॥ कुजा शाहि आदम मुहमद ख़तम? ॥४२॥ फ़रेदूं कुजा शाहन इसफ़ंदयार? ॥ न दाराब दारा दरामद शुमार ॥४३॥ कुजा शाहि असकंदरो शेर शाह? ॥ कि यक हम न मांद असत ज़िंदह ब जाह ॥४४॥ कुजा शाह तैमूर बाबर कुजासत ॥ हुमायूं कुजा शाहि अकबर कुजासत ॥४५॥ बिदिह साक़ीया! सुरख़ रंगे फ़िरंग ॥ ख़ुश आमद मरा वक़त ज़द तेग़ जंग ॥४६॥ ब मन दिह कि ख़ुद रा पयोरस कुनम ॥ ब तेग़ आज़माईश कोहस कुनम ॥४७॥८॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ क़मालश करामात आज़म करीम ॥ रज़ा बख़श राज़क़ रहाको रहीम ॥१॥ ब जाकर दिहंद ईं ज़मीनो ज़मान ॥ मलूको मलायक हमह आं जहान ॥२॥ हिकायत शुनीदेम शाहे फ़िरंग ॥ चु बा ज़नि निशसतंद पुशते पलंग ॥३॥ नज़र करद बर बच्चह गौहर निग़ार ॥ ब दीदन हुमायूं जवां उसतवार ॥४॥ ब वक़ते शब ओ रा बुख़ादंद पेश ॥ ब दीदन हुमायूं ब बालाइ बेश ॥५॥ |
| बिआवेख़त बा ओ हमह यक दिगर ॥
कि ज़ाहर शवद होश हैबत हुनर ॥६॥ यके मूइ चीं रा बुख़ादंद पेश ॥ कि अज़ मूइ चीनी बरावुरद रेश ॥७॥ बरो हरकि बीनद न दानद सुख़न ॥ कि अज़ रोइ मरदे शुदह शकल ज़न ॥८॥ बिदानंद हरकस कि ईं हम ज़न असत ॥ कि दर पैकरे चूं परी रौशन असत ॥९॥ ब दीदंद ओ रा यके रोज़ शाह ॥ कि मकबूल सूरत चु रख़शिंदह माह ॥१०॥ बि पुरशीद ओ रा कि ए नेक बख़त! ॥ सज़ावार शाह असतु शायान तख़त ॥११॥ कि ज़न तो कदामी किरा दुख़तरी? ॥ कि मुलके किरा रो किरा ख़्वाहरी? ॥१२॥ ब नज़र अंदरूं बहरमंद आमदश ॥ ब दीदन शहे दिल पसंद आमदश ॥१३॥ कनीज़क यके रा बुख़ादंद पेश ॥ शबं गाहि बुरदश दरूं ख़ानह ख़ेश ॥१४॥ बिगुफ़ता कि ए सरव कद सीम तन ॥ चराग़े फ़लक आफ़ताबे यमन ॥१५॥ वज़ां बहर मा रा ब तपशीद दिल ॥ कि माही बिअफ़ताद अज़ आब गिल ॥१६॥ बुरोए शबा पैक गुलज़ार मां! ॥ कि दर पेश यारे वफ़ादार मां ॥१७॥ तु ग़र पेश ओ रा बियारी मरा ॥ कि बख़शेम सरबसतह गंजे तुरा ॥१८॥ रवां शुद कनीज़क शुनीद ईं सुख़न ॥ बिगोयद सुख़न रा ज़ि सर ताब बुन ॥१९॥ ज़ुबानी कनीज़क शुनीदीं सुख़न ॥ ब पेचीद बर ख़ुद ज़ि पोशाक ज़न ॥२०॥ कि ज़ाहर कुनानीद असबाब ख़ेश ॥ कि दीदन जहां रा ब किरदार ख़ेश ॥२१॥ बख़ाहद मरा शाहि ए यार मा! ॥ मरा मसलिहत दिह वफ़ादार मा! ॥२२॥ तु गोई मनईं जा गुरेज़ा शवम ॥ कि इम रोज़ अज़ जाइ ख़ेज़ा शवम ॥२३॥ न तरसी इलाजे तुरा मन कुनम ॥ ब दीदन वज़ा चार माहे निहम ॥२४॥ चु ख़ुशपीद यक जाइ चूं बे ख़बर ॥ ख़बर गशत शुद शाह ओ शेर नर ॥२५॥ दहाने कनीज़क शुनीद ईं सुख़न ॥ बजु्मबश बलरज़ीद सर ताब बुन ॥२६॥ बियामद कज़ो जाइ ओ ख़ुफ़तह दीद ॥ ज़ि सरता क़दम हम चु मिहरश तपीद ॥२७॥ बिदानद कि ईं रा ख़बरदार शुद ॥ ब रोज़े अज़ा ईं ख़बरदार शुद ॥२८॥ |
| बिख़ुशपीद यक जा यके ख़ाब गाह ॥
मरा दाव अफ़तद न यज़दां गवाह ॥२९॥ जुदागर बुबींनम अज़ ईं ख़ाब गाह ॥ यके जुफ़त बाशम चु ख़ुरशैद माह ॥३०॥ वज़ां रोज़ गशतह बियामद दिगर ॥ हुमां ख़ुफ़तह दीदं यके जा बबर ॥३१॥ दरेग़ा अज़ीं गर जुदा याफ़तम ॥ यके हमलह चूं शेर नर साख़तम ॥३२॥ दिग़र रोज़ रफ़तश सियम आमदश ॥ ब दीदंद यक जाइ बर ताफ़तश ॥३३॥ ब रोज़े चु आमद ब दीदंद जुफ़त ॥ ब हैरत फ़रो रफ़त बा दिल बिगुफ़त ॥३४॥ कि हैफ़ असत आं रा जुदा याफ़तम ॥ कि तीरे कमा अंदरूं साख़तम ॥३५॥ न दीदेम दुशमन न दोज़न बतीर ॥ न कुशतम अदूरा न करदम असीर ॥३६॥ शशम रोज़ आमद ब दीदह वज़ां ॥ ब पेचश दरावख़त गुफ़त अज़ ज़ुबां ॥३७॥ न दीदेम दुशमन कि रेज़ेम ख़ूं ॥ दरेगा न कैबर कमां अंदरूं ॥३८॥ दरेग़ा ब दुशमन न आवेख़तम ॥ दरेगा ना बा यक दिग़र रेख़तम ॥३९॥ हक़ीक़त शनाशद न हाले दिगर ॥ कि मायल बसे गशत ओ ताब सर ॥४०॥ बुबीं बेख़बर रा चकारे कुनद ॥ कि कारे बदश इख़तयारे कुनद ॥४१॥ बुबीं बे ख़बर बद ख़राशी कुनद ॥ कि बेआब सर ख़ुद तराशी कुनद ॥४२॥ बिदिह साक़ीया! जाम सबज़े मरा ॥ कि सरबसतह मन गंज बख़शम तुरा ॥४३॥ बिदिह साक़ीया! साग़रे सबज़ फ़ाम ॥ कि ख़सम अफ़कनो वक़तह सतश ब काम ॥४४॥९॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ ग़फ़ूरो ग़ुनह बख़श ग़ाफ़ल कुश असत ॥ जहां रा तुईं बसतु ईं बंदुबसत ॥१॥ न पिसरो न मादर बिरादर पिदर ॥ न दामादु दुशमन न यारे दिगर ॥२॥ शुनीदम सुख़न शाहि मायंदरां ॥ कि रौशन दिलो नाम रौशन ज़मां ॥३॥ कि नामश वज़ीरसत साहिब शऊर ॥ कि साहिब दिमाग़ असत ज़ाहर ज़हूर ॥४॥ |
| कि पिसरे अज़ां बूद रौशन ज़मीर ॥
कि हुसनल जमाल असत साहिब अमीर ॥५॥ कि रौशन दिले शाहि ओ नाम बूद ॥ अदूरा ज़िमरदी बर आवुरद दूद ॥६॥ वज़ीर यके बूद ओ होशमंद ॥ रईयत निवाज़ असत दुशमन गज़ंद ॥७॥ वज़ां दुख़तरे हसत रौशन चराग़ ॥ कि नामे अज़ां बूद रौशन दिमाग़ ॥८॥ ब मकतब सपुरदंद हर दो तिफ़ल ॥ कि तिफ़लश बसे रोज़ गशतंद ख़िज़ल ॥९॥ निशसतंद दानाइ मौलाइ रूम ॥ कि दिरमश बबख़शीद आं मरज़ बूम ॥१०॥ निशसतंद दर आं जाइ तिफ़ले बसे ॥ बुख़ांदे सुख़न अज़ किताब हर कसे ॥११॥ ब बग़ल अंदर आरंद हर यक किताब ॥ ज़ि तउरेत अंजील वजहे अदाब ॥१२॥ दु मकतब कुनानीद हफ़त अज़ ज़ुबां ॥ यके मरद बुख़ांदंद दीगर ज़नां ॥१३॥ कि तिफ़ला बुख़ादंद मुलां ख़ुशश ॥ ज़नारा बुख़ांदंद ज़ने फ़ाज़लश ॥१४॥ वज़ां दरमियां बूद दीवार ज़ीं ॥ यके आं तरफ़ बूद यके तरफ़ ईं ॥१५॥ सबक बुरद हर दो ज़ि हर यक हुनर ॥ इलम कशमकश करद बा यक दिगर ॥१६॥ सुख़न हर यके रांद हर यक किताब ॥ ज़ुबां फ़रश अरबी बिगोयद जवाब ॥१७॥ इलम रा सुखन रांद बा यक दिगर ॥ ज़ि कामल ज़ि ज़ायल ज़ि नारद सियर ॥१८॥ कि शमशेर इलमो अलमबर कशीद ॥ बहारे जवानी ब हरदो रशीद ॥१९॥ बहारश दर आमद गुले दोसतां ॥ बजु्मबश दरामद सहे चीसतां ॥२०॥ बरख़श अंदर आमद शहिनशाहि चीं ॥ बख़ूबी दरामद तने नाज़नीं ॥२१॥ ब ख़ूबी दर आमद गुले बोसतां ॥ ब ऐश अंदर आमद दिले दोसतां ॥२२॥ ज़ि देवार जो अंदरूं मूस हसत ॥ ज़ि देवार ओ हम चूं सूराख गशत ॥२३॥ ब दीदन अज़ां अंदरूं हर दु तन ॥ चराग़े जहां आफ़ताबे यमन ॥२४॥ चुना इशक़ आवेख़त हर दो निहां ॥ कि इलमश रवद दसत होश अज़ जहां ॥२५॥ चुना हर दु आवेख़त बाहम रग़ेब ॥ कि दसत अज़ इनारफ़त पा अज़ रकेब ॥२६॥ ब पुरशीद हर दो कि ए नेक ख़ोइ! ॥ कि ए आफ़ताबे जहां! माह रोइ? ॥२७॥ |
| कि ईं हाल गुज़रद ब आं हर दो तन ॥
बि पुरशीद अख़वंद व अख़वंद ज़न ॥२८॥ चराग़े फ़लक! आफ़ताबे जहां! ॥ चरा लागरी गशत वजहे नुमां? ॥२९॥ चि आज़ार गशतह बुगो जान मा! ॥ कि लाग़र चरा? गशती ए जान मा! ॥३०॥ अज़ारश बुगो ता इलाजे कुनम ॥ कि मरज़े शुमा रा ख़िराज़े कुनम ॥३१॥ शुनीद ईं सुख़न रा न दादश जवाब ॥ फ़रो बुरद हर दो तने इशक़ ताब ॥३२॥ चु गुज़रीद बरवै दु से चार रोज़ ॥ बरामद दु तन हर दो गेती फ़रोज़ ॥३३॥ बरो दूर गशतंद तिफ़ली ग़ुबार ॥ कि मुहरश बर आवुरद चूं नौबहार ॥३४॥ वज़ां फ़ाज़लश बूद दुख़तर यके ॥ कि सूरत जमाल असत दानश बशे ॥३५॥ शनासीद ओ रा ज़ि हालत वज़ां ॥ बग़ुफ़तश दरूं ख़िलवतश ख़ुश ज़ुबां ॥३६॥ कि ए सरव कद माह रो सीम तन! ॥ चराग़े फ़लक आफ़ताबे यमन! ॥३७॥ जुदाई मरा अज़ तुरा क़तरह नेसत ॥ ब दीदन दु क़ालब ब ग़ुफ़तम यकेसत ॥३८॥ ब मन हाल गो ता चि गुज़रद तुरा ॥ कि सोज़द हमह जान जिगरे मरा ॥३९॥ कि पिनहां सुख़न करद यारां ख़तासत ॥ अगर रास गोई तु बर मन रवासत ॥४०॥ कि दीगर बगोयम मरा रासत गो ॥ कि अज़ ख़ून जिगरे मरा तो बिशो ॥४१॥ सुख़न दुज़दगी करद यारां ख़तासत ॥ अमीरान दुज़दी वज़ीरां ख़तासत ॥४२॥ सुख़न गुफ़तने रासत ग़ुफ़तन ख़ुश असत ॥ कि हक़ गुफ़तनो हम चु साफ़ी दिल असत ॥४३॥ बसे बार ग़ुफ़तश जवाबो न दाद ॥ जवाबे ज़ुबां सुख़न शीरी कुशाद ॥४४॥ यके मजलिस आरासत बा रोद जाम ॥ कि हम मसत शुद मजलसे ओ तमाम ॥४५॥ ब कैफ़श हमह हम चु आवेख़तंद ॥ कि ज़ख़मे जिगर बाज़ुबां रेख़तंद ॥४६॥ सुख़न बा ज़ुबां हम चु गोयद मुदाम ॥ न गोयद बजुज़ सुख़न महबूब नाम ॥४७॥ दिग़र मजलिस आरासत बा रोद चंग ॥ जवानान शाइसतहे ख़ूब रंग ॥४८॥ हमह मसत ख़ो शुद हमह ख़ूब मसत ॥ इनाने फ़ज़ीलत बरूं शुद ज़ि दसत ॥४९॥ |
| हरा कस कि अज़ इलम सुख़नश बिरांद ॥
कि अज़ बेख़ुदी नाम हरदो बुखांद ॥५०॥ चु इलमो फ़ज़ीलत फरामोश गशत ॥ बुख़ादंद बा यक दिग़र नाम मसत ॥५१॥ हरां कस कि देरीनह रा हसत दोसत ॥ ज़ुबां ख़ुद कुशायिंदह अज़ नाम ओसत ॥५२॥ शनाशिद कि ईं गुल सुख़न आशक असत ॥ ब गुफ़तन हुमायूं सुबक तन ख़ुश असत ॥५३॥ कि अज़ इशक़ व अज़ मुशक़ अज़ ख़मर ख़ूं ॥ कि पिनहां न मांद असत आमद बरूं ॥५४॥ ब शहर अंदरूं गशत शुहरत पज़ीर ॥ कि आज़ादहे शाहु व दुख़तर वज़ीर ॥५५॥ शुनीद ईं सुख़न शहि दु किशती बुखांद ॥ जुदा बर जुदा हर दु किशती निशांद ॥५६॥ रवां करद ओ रा ब दरीया अज़ीम ॥ दु किशती यके शुद हमह मौज बीम ॥५७॥ दु किशती यके गशत ब हुकमे अलाह ॥ ब यक जा दरामद हुमा शमश माह ॥५८॥ बुबीं कुदरते किरदगारे अलाह ॥ दु तन रा यके करद अज़ हुकम शाहि ॥५९॥ दु किशती दरामद ब यक जा दु तन ॥ चराग़े जहां आफ़ताबे यमन ॥६०॥ बि रफ़तंद किशती ब दरीयाइ गार ॥ ब मौज अंदर आमद चु बरगे बहार ॥६१॥ यके अज़दहा बूद आं जा निशसत ॥ ब ख़ुरदन दरामद वज़ां करद जसत ॥६२॥ दिग़र पेश तर बूद कहरे बला ॥ दु दसतश सतूं करद बे सर नुमा ॥६३॥ मियां रफ़त शुद किशतीए हर दु दसत ॥ बनेस्वे दमानद अज़ो मार मसत ॥६४॥ गरिफ़तंद ओ रा बदसत अंदरूं ॥ ब बख़शीद ओ रा न ख़ुरदंद ख़ूं ॥६५॥ चुना जंग शुद अज़दहा बा बला ॥ कि बेरूं निआमद ब हुकमे ख़ुदा ॥६६॥ चुना मौज ख़ेज़द जि दरीया अज़ीम ॥ कि दीगर न दानिसत जुज़ यक करीम ॥६७॥ रवां गशत किशती ब मौजे बला ॥ बराहे ख़लासी ज़ि रहमत ख़ुदा ॥६८॥ ब आख़र हम अज़ हुकम परवरदिगार ॥ कि किशती बर आमद ज़ि दरीया किनार ॥६९॥ कि बेरूं बरामद अज़ां हर दु तन ॥ निशसतह लबे आब दरीया यमन ॥७०॥ बरामद यके शेर दीदन शिताब ॥ ब ख़ुरदन अज़ां हर दु तन रा कबाब ॥७१॥ |
| ज़ि दरीया बर आमद ज़ि मगरे अज़ीम ॥
ख़ुरम हर दु तन रा ब हुकमे करीम ॥७२॥ बजाइश दरामद ज़ि शेरे शिताब ॥ गज़ंदश हमी बुरद बर रोद आब ॥७३॥ ब पेचीद सर ओ ख़ता गशत शेर ॥ ब दहने दिग़र दुशमन अफ़तद दलेर ॥७४॥ ब गीरद मगर दसत शेरो शिताब ॥ ब बुरदंद ओ रा कशीदह दर आब ॥७५॥ बुबीं कुदरते किरदगारे जहां ॥ कि ईं रा ब बख़शीद कुसतश अज़ां ॥७६॥ बि रफ़तंद हरदो ब हुकमे अमीर ॥ यके शाहज़ादह ब दुख़तर वज़ीर ॥७७॥ बि अफ़ताद हर दो ब दसते अज़ीम ॥ न शायद दिग़र दीद जुज़ यक करीम ॥७८॥ ब मुलके हबश आमद आं नेक ख़ोइ ॥ यके शाहज़ादह दिग़र ख़ूब रोइ ॥७९॥ दर आं जा बिआमद कि बिनशसतह शाह ॥ नशसतंद शब रंग ज़ररीं कुलाह ॥८०॥ ब दीदंद ओरा बुख़ादंद पेश ॥ ब गुफ़तंद कि ए शेर आज़ाद केश! ॥८१॥ ज़ि मुलके कदामी तु ब मन बगो? ॥ चि नामे किरा तो ब ईं तरफ़ जो? ॥८२॥ वगरनह मरा तो न गोईं चु रासत ॥ कि मुरदन शिताब असत एज़द गवाहसत ॥८३॥ शहिनशाहि पिसरे ममायंदरां ॥ कि दुख़तर वज़ीर असत ईं नौजवां ॥८४॥ हक़ीक़त ब गुफ़तश ज़ि पेशीनह हाल ॥ कि बरवै चु बुगज़शत चंदीं ज़वाल ॥८५॥ ब मिहरश दरामद बग़ुफ़त अज़ ज़ुबां ॥ मरा ख़ानह जाए ज़ि ख़ुद ख़ानह दां ॥८६॥ वज़ारत ख़ुदश रा तुरा मे दिहम ॥ कुलाहे मुमालक तु बर सर निहम ॥८७॥ ब गुफ़तंद ईं रा व करदंद वज़ीर ॥ कि नामे वजां बूद रौशन ज़मीर ॥८८॥ ब हर जा कि दुशमन शनासद अज़ीम ॥ दवीदंद बरवै ब हुकमे करीम ॥८९॥ कि ख़ूनश बरेज़ीद करदंद ज़ेर ॥ दिग़र जा शुनीदे दवीदे दलेर ॥९०॥ ब हर जा कि तरकश बरेज़ंद तीर ॥ ब कुशते अदूरा ब करदे असीर ॥९१॥ ब मुदत यके साल ता चार माह ॥ दरिख़शिंदह आमद चु रख़शिंदह माह ॥९२॥ बदोज़ंद दुशमन बसोज़ंद तन ॥ बयाद आमदश रोज़गारे कुहन ॥९३॥ ब गुफ़तश यके रोज़ दुख़तर वज़ीर ॥ कि ए शाह शाहान रौशन ज़मीर! ॥९४॥ |
| ब यक बार मुलकत फ़रामोश ग़शत ॥
कि अज़ मसत मसती हमह होश गशत ॥९५॥ तु आं मुलक पेशीनह रा याद कुन ॥ कि शहरे पदर रा तु आबाद कुन ॥९६॥ निगह दाशत अज़ फ़ौज लशकर तमाम ॥ बसे गंज बख़शीद बर वै मुदाम ॥९७॥ यके लशकर आरासत चूं नौबहार ॥ ज़ि ख़ंजर व गुरजो व बक़तर हज़ार ॥९८॥ ज़िरह ख़ोद ख़ुफ़तान बरगशतवान ॥ ज़ि शमशेर हिंदी गिरां ता गिरान ॥९९॥ ज़ि बंदूक मसहद व चीनी कमान ॥ ज़िरह रूम शमशेर हिंदोसतान ॥१००॥ चि अज़ ताज़ी असपान पोलाद नाल ॥ हमह जू बदह फ़ीलान अजिश बे मसाल ॥१०१॥ हमह शेर मरदां व ज़ोरावरां ॥ कि शेर अफ़कना रा बशफ़ अफ़कनां ॥१०२॥ बरज़म अंदरूं हमचु पील अफ़कन असत ॥ बबज़म अंदरूं चरब चालाक दसत ॥१०३॥ निशां मे दिहद नेज़ह रा नोक ख़ूं ॥ कशीदंद अज़ तेग़ ज़हिर आब गूं ॥१०४॥ यके फ़ौज आरासतह हम चु कोह ॥ जुवानान शाइसतहे यक गरोह ॥१०५॥ बपोशीद दसतार दुख़तर वज़ीर ॥ ब बसतंद शमशेर जुसतंद तीर ॥१०६॥ ब सरदारीए करद पेशीनह फ़ौज ॥ रवां करद लशकर चु दरीयाइ मौज ॥१०७॥ यके गोल बसतह चु अबरे सियाह ॥ ब लरज़ीद बूमो ब लरज़ीद माह ॥१०८॥ बियावुरद लशकर चु बर वै हदूद ॥ सलाहे दिग़र तीर तेग़ो नमूद ॥१०९॥ बिआरासत लशकर ब साज़े तमाम ॥ हमह ख़ंजरो गुरज गोपाल नाम ॥११०॥ ब बुरदंद अक़लीम ता राज तख़त ॥ ब बुरदन शहे बाद पायान रख़त ॥१११॥ चुना जंग करदंद आं मुलक रा ॥ चु बरगे दरख़तां ज़ि बादे सबा ॥११२॥ ब कुशतन अदूरा कुशायद ब पेश ॥ ब बेरूं ज़ि मुलकश हमह रूह रेश ॥११३॥ परी चिहरए हम चु शेरे नियाद ॥ ब कुशतन अदूरा कि ख़ंजर कुशाद ॥११४॥ ब हर जा दवीदे ब कुशते अज़ां ॥ ब हर जा रशीदे ब बसते अज़ां ॥११५॥ शुनीद ईं अज़ां शाहि मायंदरां ॥ ब तुंदी दरामद बजाइश हुमां ॥११६॥ |
| ब आरासतह फ़ौज चूं नौबहार ॥
ज़ि तोपे तुपक ख़ंजरे आबदार ॥११७॥ बपेशे शफ़ आमद चु दरया अमीक़ ॥ ज़ि सरता क़दम हम चु आहन ग़रीक ॥११८॥ ब आवाज़ तोपो तमाचह तुफ़ंग ॥ ज़िमी ग़शत हम चूं गुले लालह रंग ॥११९॥ बमैदां दरामद कि दुख़तर वज़ीर ॥ ब यक दसत चीनी कमां दसत तीर ॥१२०॥ ब हरजा कि पररां शवद तीर दसत ॥ ब सद पहिलूए पील मरदां गुज़शत ॥१२१॥ चुना मौज़ ख़ेज़द ज़ि दरीयाब संग ॥ बरख़श अंदर आमद चु तेग़ो निहंग ॥१२२॥ ब ताबश दरामद यके ताब नाक ॥ ब रख़श अंदर आमद यके ख़ून ख़ाक ॥१२३॥ ब तामश दरामद हमह हिंद तेग़ ॥ ब गुररीद लशकर चु दरीयाइ मेग़ ॥१२४॥ ब चरख़ अंदर आमद ब चीनी कमां ॥ ब ताब आमदश तेग़ हिंदोसतां ॥१२५॥ गरेवह बबावुरद चंदी करोह ॥ ब लरज़ीद दरयाब दररीद कोह ॥१२६॥ ब रख़श अंदर आमद ज़िमीनो ज़मां ॥ ब ताबश दरामद चु तेग़े यमां ॥१२७॥ ब तेज़ आमदो नेज़हे बांसतीं ॥ ब जु्मबश दरामद तने नाज़नीं ॥१२८॥ ब शोरश दरामद नफ़र हाइ कुहिर ॥ ज़ि तोपो व नेज़ह बपोशीद दहिर ॥१२९॥ ब जु्मबश दरामद कमानो कमंद ॥ दरख़शां शुदह तेग़ सीमाब तुंद ॥१३०॥ ब जोश आमदह ख़ंजरे ख़्वार ख़ूं ॥ ज़ुबां नेज़ह मारश बरामद बरूं ॥१३१॥ ब ताबश दरामद लको ताब नाक ॥ यके सुरख़ गोगिरद शुद खूंन ख़ाक ॥१३२॥ दिहा दिह दरामद ज़ि तीरो तुफ़ंग ॥ हयाहय दरामद निहंगो निहंग ॥१३३॥ चकाचाक बरख़ासत तीरो कमां ॥ बरामद यके रुसत ख़ेज़ अज़ जहां ॥१३४॥ न पोयिंदर रा बर ज़िमी बूद जा ॥ न परिंदह रा दर हवा बूद राह ॥१३५॥ चुना तेग़ बारीद मियाने मुसाफ़ ॥ कि अज़ कुशतगां शुद ज़िमी कोहकाफ़ ॥१३६॥ कि पाओ सर अ्मबोह चंदां शुदह ॥ कि मैदां पुर अज़ गोइ चौगां शुदह ॥१३७॥ रवा रउ दरामद ब तीरो तुफ़ंग ॥ कि पारह शुदह ख़ोद ख़ुफ़तान जंग ॥१३८॥ चुना तेग़ ताबश त पीद आफ़ताब ॥ दरख़तां शुदह ख़ुशक व दरयाइ आब ॥१३९॥ |
| चुनां तीर बारां शुदह हम चु बरकु ॥
बिअफ़ताद शुद फ़ील चूं फ़रक फ़रक ॥१४०॥ ब हरब अंदर आमद वज़ीरे चु बाद ॥ यके तेग़ मायंदरानी कुशाद ॥१४१॥ दिग़र तरफ़ आमद ब दुख़तर अज़ां ॥ बरहिने यके तेग़ हिंदोसतां ॥१४२॥ दरख़शां शुदह आं चुना तेग़ तेज़ ॥ अदूरा अज़ो दिल शवद रेज़ रेज़ ॥१४३॥ यके तेग़ ज़द बर सरे ओ समंद ॥ ज़िमीनश दरामद चु कोहे बिलंद ॥१४४॥ दिग़र तेग़ ओ रा बिज़द करद नीम ॥ बि अफ़ताद बूमस चु करखे अज़ीम ॥१४५॥ दिग़र मरद आमद चु प्ररां उकाब ॥ बिज़द तेग़ ओ रा ब करदश ख़राब ॥१४६॥ चु कारे वज़ीरश बराहत रसीद ॥ दिग़र मिहनते सियम आमद पदीद ॥१४७॥ सियम देव आमद बगल तीद ख़ूं ॥ ज़ि दहलीज़ दोज़ख़ बरामद बरूं ॥१४८॥ ब कुशतंद ओ रा दु करदंद तन ॥ चु शेरे यिआं हम चु गोरे कुहन ॥१४९॥ चहारम दरामद चु शेरां बजंग ॥ चु बर बचहे गोर ग़ररां पिलंग ॥१५०॥ चुना तेग़ बर वै बिज़द नाज़नीं ॥ कि अज़ पुशत असपश दरामद ज़िमीं ॥१५१॥ कि पंचम दरामद चु देवे अज़ीम ॥ यके ज़ख़म ज़द करद हुकमे करीम ॥१५२॥ चुना तेग़ बर वै ज़दां ख़ूब रंग ॥ ज़ि सर ता क़दम आमदह ज़ेर तंग ॥१५३॥ शशम देव आमद चु अफ़रीत मसत ॥ ज़ि तीरे कमां हम चु कबज़ह गुज़शत ॥१५४॥ बिज़द तेग़ ओ रा कि ओ नीम शुद ॥ कि दीगर यला रा अज़ो बीम शुद ॥१५५॥ चुनी ता बमिकदार हफ़ताद मरद ॥ ब तेग़ अंदर आवेख़त ख़ास अज़ न बरद ॥१५६॥ दिग़र कस निआमद तमंनाइ जंग ॥ कि बेरूं नियामद दिलावर निहंग ॥१५७॥ ब हरब आमदश शाह मायंदरां ॥ ब ताबश तपीदन दिले मरदमां ॥१५८॥ चु अबरस ब अंदाख़त दउरे यलां ॥ ब रख़श अंदर आमद ज़िहे आसमां ॥१५९॥ ब ताबश दरामद ज़िमीनो ज़मन ॥ दरख़शां शुदह तेग़ हिंदी यमन ॥१६०॥ |
| चलाचल दरामद कमानो कमंद ॥
हयाहय दरामद ब गुरजो गज़ंद ॥१६१॥ चकाचाक बरख़ासत तीरो तुफ़ंग ॥ ज़िमी लाल शुद चूं गुले लालह रंग ॥१६२॥ हहाहू दरामद चुपह नंद रूं ॥ दिहा दिह शुदह ख़ंजरे ख़ार खूं ॥१६३॥ ब रख़श अंदर आमद यके ताब रंग ॥ ब रख़श अंदर आमद दु चालाक जंग ॥१६४॥ ब शोरश दरामद सराफ़ील सूर ॥ ब रख़श अंदर आमद तने ख़ास हूर ॥१६५॥ ब शोरश दरामद ज़ि तन दर ख़रोश ॥ ब बाजूइ मरदां बरावुरद जोश ॥१६६॥ यके फ़रश आरासत सुरख़ अतलसे ॥ बु ख़ानद चु मकतब ज़ुबां पहिलूए ॥१६७॥ ब मरदम चुना कुशत शुद कारज़ार ॥ ज़ुबां दर गुज़ारम नियायद शुमार ॥१६८॥ गुरेज़ा शवद शाहि मायंदरां ॥ ब कुशतंद लशकर गिरां ता गिरां ॥१६९॥ कि पुशतश बिअफ़ताद दुख़तर वज़ीर ॥ बि बसतंद ओ रा कि करदंद असीर ॥१७०॥ ब निज़दे बियावुरद जो शाह ख़ेश ॥ बि गुफ़तह कि ए शाह शाहान वेश! ॥१७१॥ बिगोयद कि ईं शाह मायंदरां ॥ बि बसतह बियावुरद निज़दे शुमां ॥१७२॥ अग़र तो बिगोई ब ज़ां ईं बुरम ॥ वग़र तो बिगोई बज़िंदा दिहम ॥१७३॥ बज़िंदां सपुरदंद ओ रा अज़ीम ॥ सितानद अज़ो ताज शाही कलीम ॥१७४॥ शहिनशाहगी याफ़त हुकमो रज़ाक ॥ कसे दुशमना रा कुनद चाक चाक ॥१७५॥ चुना करद शुद कसद मिहनत कसे ॥ कि रहमत बबख़शीद जो रहमते ॥१७६॥ कि ओ शाह बानू शुदो मुलक शाह ॥ कि शाही हमी याफ़त हुकमे इलाह ॥१७७॥ बिदिह साक़ीया! साग़रे सबज़ आब ॥ कि बेरूं बिअफ़ताद परदह नकाब ॥१७८॥ बिदिह साक़ीया! सबज़ रंगे फ़िरंग ॥ कि वक़ते ब कार असत अज़ रोज़ जंग ॥१७९॥१०॥ |
| ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥
तु ईं दसतगीर असत दर मांदगां ॥ तु ईं कार साज़ असत बेचारगां ॥१॥ शहिनशाहि बखशिंदए बे निआज़ ॥ ज़िमीनो ज़मां रा तुईं कारसाज़ ॥२॥ हिकायत शुनीदेम शाहे कलिजंर ॥ कुना नीद यक दर चु अज़ कोह मंजर ॥३॥ यके पिसर ओ बूद हुसनुल जमाल ॥ कि लायक़ जहां बूद अज़ मुलक माल ॥४॥ यके शाहि ओ जाव दुख़तर अज़ो ॥ कि दीगर न ज़न बूद समन बर कज़ो ॥५॥ वज़ां दुख़तरे शाह आं पिसर शाह ॥ शुद आशुफ़तह बर वै चु बर शमश माह ॥६॥ बिगोयद कि ए शाह मारा बिकुन ॥ कि दहिशत कसे मरद दीगर मकुन ॥७॥ शुनीदम कि दर शाहि हिंदोसतां ॥ कि नामे वज़ां शेर शाहे वज़ां ॥८॥ चुनां नशत दसतूर मुलके ख़ुदा ॥ बयक दान बेगान रेज़द जुदा ॥९॥ बिग़ीरंद शाही बिअफ़ताद तुरग़ ॥ बपेशे गुरेज़द चु अज़ बाज़ मुरग़ ॥१०॥ बिगीरद अज़ो हरदु असपे कलां ॥ कि मुलको अराकश बिआमद अज़ां ॥११॥ बि बख़शीद ओ रा बसे ज़र दु फ़ील ॥ कि बेरूं बिआवुरद दरीयाइ नील ॥१२॥ यके नाम राहो सुराहो दिगर ॥ चु आहू कलां पाइ अज़ीमे दु नर ॥१३॥ अगर असप हर दो अज़ां मे दिहद ॥ वज़ां पस तुरा ख़ानह बानूं कुनद ॥१४॥ शुनीद ईं सुख़न रा हमी शुद रवां ॥ बियामद ब शहर शाह हिंदोसतां ॥१५॥ निशसतंद बर रोद जमना लब आब ॥ बि बुरदंद बादह ख़ुरदंद कबाब ॥१६॥ पसे दो बरामद शबे चूं सियाह ॥ रवां करद आबस बसे पुशत काह ॥१७॥ ब दीदंद ओ रा बसे पासबां ॥ ब तुंदी दरामद बताबश हुमां ॥१८॥ बसे बर वै बंदूक बारां कुनद ॥ चु बा बरक़ अबरस बहारां कुनद ॥१९॥ हमी वज़ह करदंद दु से चार बार ॥ हम आख़र कुनद ख़ाब ख़ुफ़त इख़तीयार ॥२०॥ बिदानद कि ख़ुफ़तह शवद पासबां ॥ ब पय मुरद शुद हम चु ज़ख़मे यलां ॥२१॥ रवां करद ओ जा बिआमद अज़ां ॥ कि बुन गाह अज़ शाह करखे गिरां ॥२२॥ |
| घरी रा बिकोबद घरीया घरीयार ॥
वज़ां मेख कोबद ब पुशते दिवार ॥२३॥ चुना ता बरामद दिवारे अज़ीम ॥ दु असपश नज़र करद हुकमे करीम ॥२४॥ यके रा बिज़द ता अज़ो नीम करद ॥ दरे पासबाने बर अज़ नीम करद ॥२५॥ दिग़र रा बिज़द ता जुदा गशत सर ॥ सियम रा बिकुशतन शवद ख़ूंन तर ॥२६॥ चुअम रा जुदा करद पंजम बकुशत ॥ शशम रा बकुशतंद जमदार मुशत ॥२७॥ शशम चौकीअस कुशत आमद अज़ां ॥ कि हफ़तश गिरां बुद चौकी गिरां ॥२८॥ कि हफ़तम हमी कुशत ज़ख़मे अज़ीम ॥ कि दसतश कुनद रख़श हुकमे करीम ॥२९॥ चुना ताज़ीआनह बिज़द ताज़ीअश ॥ कि बाला बियामद ब ज़मन अंदरश ॥३०॥ वगशतन दराबे ब बेरूं अज़ां ॥ कि हैरत बिमांदंद शाहे जहां ॥३१॥ कि दंदा ख़ुरद दसत अज़ शेर शाह ॥ ब हैरत हमी रफ़त आलम पनाह ॥३२॥ कि मरा कुज़ा बुरद असपे अज़ीम? ॥ बि बख़शीद ओ हम चु क़समे करीम ॥३३॥ दरेग़ा अगर रूइ ओ दीदमे ॥ ब सद गंज सरबसत बख़शीदमे ॥३४॥ कि हैफ़सत गरो दीदए याफ़तम ॥ ब जाए दिग़र दिल नज़ो ताफ़तम ॥३५॥ कि दीदार बख़शंद अगर ओ मरा ॥ कि सद गंज सरबसत बख़शम वरा ॥३६॥ चु शुहरत कुनानीद शहर अंदरूं ॥ कि बख़शीद मम ख़ूंन अज़ ख़्वार ख़ूं ॥३७॥ बि बसतंद दसतार अज़ जाम ज़र ॥ ब पेशे शह आमद चु ज़ररी सिपर ॥३८॥ बगोयद कि शेर अफ़कनो शेर शाह ॥ कि अज़ राह रा मन बिबुरदंद राह ॥३९॥ अजबमांद साहिब ख़िरद ईं जवाब ॥ दिग़र बार गोयद कि बा वै सवाब ॥४०॥ कि नकल स नुमा ईं मरा शेर तन ॥ ब वजहे चरा? बुरदा असपे कुहन ॥४१॥ निशसतंद अज़ां वजहे बर रोद आब ॥ बि बुरदंद बादह बख़ुरदन कबाब ॥४२॥ रवां करद अवल बसे पुशत काह ॥ दग़ा मे दिहद पासबानान शाह ॥४३॥ वज़ां पस ब कोशश कुनानीद लख़त ॥ ब पैरश दरांमद जि दरीयाइ सख़त ॥४४॥ वज़ां बिशकुनानीद ओ गिरद शुद ॥ ब दीदन अज़ो शाह पय मुरदह शुद ॥४५॥ |
| घड़ी यक बिमादंद ग़रूब आफ़ताब ॥
वज़ां जा बियामद कुशायद तनाब ॥४६॥ लग़ामश बिदादंद स्वारे शुदसत ॥ बिज़द ताजीआंनह चु अफ़रीत मसत ॥४७॥ चुना असप ख़ोज़ीद बरतर जि शाह ॥ ज़ि बाला बियामद ब दरीयाइ गाह ॥४८॥ ब पैरश दरामद जि दरीया अज़ीम ॥ कि पारस हमी गशत हुकमे करीम ॥४९॥ फ़रोद आमदश असप करदस सलाम ॥ बिगोयद सुख़न शाहि अरबी कलाम ॥५०॥ तु अक़लश चरा? गशत ए शाहि शाह! ॥ कि मा राह बुरदन, तु दादन सुराह ॥५१॥ कि गुफ़तश चुनी, ता रवां करद रख़श ॥ ब याद आमदो, एज़दे दाद बख़श ॥५२॥ बि अफ़ताद पुशत, असपहा बेशुमार ॥ कि ओ रा न हम बर, कुनद कस स्वार ॥५३॥ बिज़द मरद दासतारहा पेश शाह ॥ कि ए शाह शाहान! आलम पनाह! ॥५४॥ बिगीरद कसे हर दु आहू बुराक? ॥ तु ओ रा बिबख़शीद ख़ुद दसत ताक ॥५५॥ चरामे कुनद कारहा बेख़ुदी? ॥ कि राहा अज़ो मन सुराहा तुईं ॥५६॥ बिबुरदश अज़ो असप हर दो अज़ीम ॥ वज़ां रा बि बख़शीद हुकमें रहीम ॥५७॥ कि ओ रा दरावुरद ख़ानह निकाह ॥ कि कौले कुनद मुसतकीम हुकम शाह ॥५८॥ बिदिह साक़ीया! साग़रे कोकनार ॥ दरे वक़त जंगश बियामद ब कार ॥५९॥ कि ख़ूबसत दर वक़त ख़सम अफ़कनी ॥ कि यक कुरतयस फ़ील रा पैकनी ॥६०॥११॥
ੴ वाहगुरू जी की फ़तह ॥ रज़ा बख़श बख़शिंदए बेशुमार ॥ रिहाई दिहो पाक परवरदगार ॥१॥ रहीमो करीमो मकीनो मकां ॥ अज़ीमो फ़हीमो ज़मीनो ज़मां ॥२॥ शुनीदम सुख़न कोह कैबर अज़ीम ॥ कि अफ़गां यके बूद ओ जा रहीम ॥३॥ यके बानूए बूद ओ हम चु माह ॥ कुनद दीदन शरिशत ग़रदन ज़ि शाह ॥४॥ दो अबरू चु अबरे बहारां कुनद ॥ बमियगां चु अज़ तीर बारां कुनद ॥५॥ |
| रुख़े चूं ख़लासी दिहद माहि रां ॥
बहारे गुलिसतां दिहद शाहि रां ॥६॥ ब अबरू कमाने शुदा नाज़नीं ॥ ब चशमश ज़नद कैबरै कहरगीं ॥७॥ ब मसती दिहद हम चुनी रूइ मसत ॥ गुलिसतां कुनद बूम शोरीद दसत ॥८॥ ख़ुशे ख़ुश जमालो कमालो हुसन ॥ ब सूरत जवानसत फ़िकरे कुहन ॥९॥ यके हसन ख़ां बूद ओ जा फ़गां ॥ बदानश हमी बूद अक़लश जवां ॥१०॥ कुनद दोसती बा हमह यक दिगर ॥ कि लैली व मजनूं ख़िज़ल गशत सर ॥११॥ चु बा यक दिग़र हम चुनी गशत मसत ॥ चु पा अज़ रकाबो इना रफ़त दसत ॥१२॥ तलब करद ओ ख़ानए ख़िलवते ॥ मियां आमदश जो बदन शहवते ॥१३॥ हमीं जुफ़त ख़ुरदंद दु से चार माह ॥ ख़बर करद जो दुशमने निज़द शाह ॥१४॥ ब हैरत दरांमद फ़गाने रहीम ॥ कशीदन यके तेग़ गररां अज़ीम ॥१५॥ चु ख़बरश रसीदो कि आमद शौहर ॥ हुमां यार ख़ुद रा बिज़द तेग़ सर ॥१६॥ हमहि गोशतो देग़ अंदर निहाद ॥ मसालय बिअंदाख़त आतश बिदाद ॥१७॥ शौहर रा ख़ुरानीद बाक़ी बिमांद ॥ हमह नौकरां रा ज़िआफ़त कुनाद ॥१८॥ चु ख़ुश गशत शौहर न दीदश चु नर ॥ बकुशतां कसे रा कि दादश ख़बर ॥१९॥ बिदिह साक़ीया! साग़रे सबज़ गूं ॥ कि मारा बकारसत जंग अंदरूं ॥२०॥ लबालब बकुन, दम बदम नोश कुन ॥ ग़मे हर दु आलम, फ़रामोश कुन ॥२१॥१२॥ |