भौतिकी तथ्यसमुच्चय--१

विकिपुस्तक से
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  • अत्यधिक ऊँचे ताप की माप किससे की जाती है? – पूर्ण विकिरण उत्तापमापी से
  • सूर्य का ताप किसके द्वारा मापा जाता है? — पाइरोमीटर तापमापी द्वारा
  • न्यूनतम सम्भव ताप कितना होता है? - शून्य डिग्री केल्विन (या, -273 डिग्री सेल्सियस)
  • ऊष्मा गतिकी का प्रथम नियम किस अवधारणा की पुष्टि करता है? - ताप संरक्षण
  • कमरे को ठंडा कैसे किया जा सकता है? – सम्पीड़ित गैस को छोड़ने से
  • चिल्लाते समय व्यक्ति हमेशा हथेली को मुँह के समीप क्यों रखते हैं? - उस स्थिति में ध्वनि ऊर्जा सिर्फ एक दिशा में इंगित होगी।
  • भूस्थिर उपग्रह का आवर्त काल कितना होता है? - 24 घण्टे
  • एक किलो चीनी का भार - समुद्र तल पर सर्वाधिक होगा
  • एक लिफ़्ट एक समान वेग से ऊपर जा रही हो तो, उसमें स्थित व्यक्ति का भार – अपरिवर्तित रहेगा
  • लालटेन की बत्ती में मिट्टी का तेल बराबर ऊपर चढ़ता रहता है, क्यों? - पृष्ठ तनाव के कारण
  • गर्म जल 90°C से 80°C तक ठण्डा होने में 10 मिनट लेता है, तो 80°C से 70°C तक ठण्डा होने में समय लेगा - 10 मिनट से अधिक
  • दो वेक्टर जिनका मान अलग है? - उनका परिणामी शून्य नहीं हो सकता
  • ट्रान्सफार्मर का प्रयोग किया जाता है - प्रत्यावर्ती वोल्टेज को उच्च-निम्न करने के लिए
  • द्रवों का वह गुण, जिसके कारण यह अपनी विभिन्न परतों में होने वाली गति का विरोध करता है, कहलाता है - श्यानता
  • गैसों की श्यानता ताप के बढ़ने पर - बढ़ती है
  • यदि पृथ्वी पर वायुमण्डल न होता, तो दिन की अवधि - अधिक होती
  • विद्युत मोटर निम्न सिद्धान्त के अनुसार कार्य करती है - फ़ैराडे के नियम
  • निम्न में से कौन-सा बम जीवन को नष्ट कर देता है, लेकिन भवनों को कोई क्षति नहीं पहुँचाता है? - न्यूट्रॉन बम
  • प्रकाश विद्युत सेल - प्रकाश को विद्युत में बदलता है
  • जेम्स चैडविक ने निम्नलिखित में से किसकी खोज की थी? - न्यूट्रॉन
  • घूर्णन करती एक गोल मेज पर अचानक एक लड़का आकर बैठ जाता है। मेज के कोणीय वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा? - कम हो जाएगा
  • परमाणु घड़ी निम्न प्रभाव के अंतर्गत कार्य करती है - पीजोइलेक्ट्रिक प्रभाव
  • क्वार्टज घड़िया निम्न सिद्धान्त के अनुसार कार्य करती हैं - दाब विद्युत प्रभाव
  • धूप के चश्मे के लिए किस काँच का प्रयोग किया जाता है? – क्रुक्स
  • सामान्य ट्यूबलाइट में कौन सी गैस होती है? - आर्गन के साथ मरकरी वेपर
  • खाना पकाने का बर्तन होना चाहिए - उच्च विशिष्ट ऊष्मा का निम्न चालकता का
  • केल्विन तापमापी में बर्फ़ का गलनांक होता है – - 0° K
  • भारतीय विज्ञान संस्थान’ कहाँ स्थित है? –बैंगलोर में
  • पराध्वनिक विमानों की चाल होती है - ध्वनि की चाल से अधिक
  • कार में रेडियेटर का क्या कार्य होता है? - इंजन को ठण्डा रखना
  • निम्न में से किस रंग का अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है - बैंगनी
  • स्वच्छ जल से भरे तालाब की गहराई 3 मीटर प्रतीत होती है। यदि हवा के सापेक्ष जल का अपवर्तनांक 4/3 हो, तो तालाब की वास्तविक गहराई क्या होगी? – 4 मीटर
  • रडार की कार्यप्रणाली निम्न सिद्धान्त पर आधारित है - रेडियों तरंगों का परावर्तन
  • लेसर निम्न सिद्धान्त पर कार्य करती है – विकरण का उद्दीप्ति उत्सर्जन
  • मोटर कार में शीतलन तन्त्र किस सिद्धांत पर कार्य करता है? - केवल संवहन
  • एक टेलीविश्ज़न में दूरस्थ नियन्त्रण के लिए किस प्रकार के वैद्युत चुम्बकीय विकिरण का उपयोग किया जाता है? - हर्त्ज या लघु रेडियो तरंगें
  • किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव को कहते हैं? – डाप्लर प्रभाव
  • वायु में ध्वनि की चाल 332 मीटर/सेकेण्ड होती है। यदि दाब बढ़ाकर दो गुना कर दिया जाए, तो ध्वनि की चाल क्या होगी? - 332 मी./से
  • एक गुब्बारे में हाइड्रोजन व ऑक्सीजन गैस के बराबर-बराबर अणु हैं। यदि गुब्बारे में एक छेद कर दिया जाए तो - हाइड्रोजन गैस तेज़ी से निकलेगी
  • कपूर के छोटे-छोटे टुकड़े जल की सतह पर नाचते हैं – पृष्ठ तनाव के कारण
  • यंग प्रत्यास्थता गुणांक का SI मात्रक है - न्यूटन/मी.2
  • विद्युत प्रेस का आविष्कार किसने किया था? – हेनरी शीले ने
  • दाब बढ़ाने पर जल का क्वथनांक? - बढ़ता है
  • उगते व डूबते समय सूर्य लाल प्रतीत होता है, क्योंकि? – लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है
  • इकाइयों की समस्त व्यवस्थाओं में किस इकाई की मात्रा समान होती है? – विशिष्ट गुरुत्व
  • एक व्यक्ति घूमते हुए स्टूल पर बांहें फैलाये खड़ा है। एकाएक वह बांहें सिकोड़ लेता है, तो स्टूल का कोणीय वेग बढ़ जायेगा
  • चन्द्रमा पर वायुमण्डल न होने का कारण है - पलायन वेग
  • एक लड़की झूला झूल रही है। उसके पास एक अन्य लड़की आकर बैठ जाती है, तो झूले का आवर्तकाल - अपरिवर्तित रहेगा
  • हम रेडियो की घुण्डी घुमाकर, विभिन्न स्टेशनों के प्रोग्राम सुनते हैं। यह सम्भव है – अनुनाद के कारण
  • ‘वेन्चुरीमीटर’ से क्या ज्ञात करते हैं? - जल के प्रवाह की दर
  • चौराहों पर पानी के फुहारे में गेंद नाचती रहती है, क्योंकि - पानी का वेग अधिक होने से दाब घट जाता है
  • यदि द्रव्यमान परिवर्तित हुए बिना पृथ्वी अपनी वर्तमान त्रिज्या की सिकुड़कर आधी रह जाये तो दिन होगा – 12 घण्टे का
  • उपग्रह में समय ज्ञात करने के लिए, अन्तरिक्ष यात्री को क्या प्रयोग करना चाहिए? — स्प्रिंग घड़ी
  • यदि पृथ्वी की त्रिज्या 1% कम हो जाये, किन्तु द्रव्यमान वही रहे तो पृथ्वी तल का गुरुत्वीय त्वरण – 2% घट जायेगा
  • मात्रकों की अन्तर्राष्ट्रीय पद्वति सन् 1971 मे लागू की गई थी।
  • निर्वात् में प्रकाश की चाल होती है - 3x108 मीटर/सेकेण्ड
  • वे राशियाँ जिनमें दिशा व परिमाण दोनो की आवश्यकता होती है वह सदिश राशियाँ होती है जैसे वेग, बल, त्वरण, विस्थापन आदि।
  • वे राशियाँ जिनमे परिमाण की आवश्यकता होती है अदिश राशियाँ होती है जैस चाल, किलोग्राम, मीटर आदि।
  • एक खगोलीय मात्रक की औसत दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच की है।
  • पटाखों व बारूद में लाल रंग स्ट्राँशियम के कारण होता है।
  • दही को बिलोकर मक्खन निकाला जाता है।तो उसमें अपकेन्द्रण बल लगता है (इलैक्ट्रान नाभिक की परिक्रमा अभिकेन्द्रिय के सिद्वान्त पर करते है)।
  • बैरोमीटर को अविष्कार टौरिसली ने किया था।
  • टेलिस्कोप को अविष्कार गैलीलियो ने किया था।
  • हवाई जहाज का अविष्कार राइट ब्रदर्स ने किया था।
  • हैलीकॉप्टर का अविष्कार ब्रेक्वेट ने किया था।
  • भारी हल्की वस्तुओं को निर्वात् में गिराया जाता है तो दोने साथ साथ गिरती है।
  • दिन के समय पृथ्वी समुद्र के पानी की अपेक्षा बहुत जल्दी गर्म हो जाती है क्योकि जल की विशिष्ट उष्माधारिता बहुत अधिक हाती है।
  • सरल यन्त्र , किसी व्यक्ति की सहायता कम बल का प्रयोग करके भी अधिक मात्रा में काम करने में करता है।
  • आर्यभटट् ने न्यूटन से पूर्व ही बता दिया था कि सभी वस्तुएं पृथ्वी की ओर गुरूत्वाकर्षित होती हैं।
  • जेट इन्जन रेखिक संवेग संरक्षण के सिद्वान्त पर कार्य करता है।
  • चन्द्रमा की सतह से पलायन वेग का मान पृथ्वी की सतह की अपेक्षा कम होता है क्योकि चन्द्रमा की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या से कम है।
  • साईकिल चालक को प्रारम्भ में अधिक बल लगाना पडता है क्योकि चालक जडत्व पर विजय पाने के लिए अधिक बल लगाता है।
  • पर्वतारोही पर्वतारोहण के समय आगे की ओर झुक जाता है क्योकि उसके गुरूत्व केन्द्र से होकर गुजरने वाली उर्घ्व रेखा उसके आगे झुकने में सन्तुलन की स्थिति में आ जाती हैं।
  • साइकिल चालक मोड पर साइकिल मोडते समय अन्तर की ओर झुकता है क्योकि उसे उपयुक्त अभिकेन्द्रीय बल मिल जाता है।
  • एक समान वृत्तीय गति में त्वरण एंव वेग दोने ही परिवर्ती होते है।
  • टेनिस की गेंद मैदान की अपेक्षा किसी पहाडी पर अधिक ऊची लछलती है क्योकि पर्वतो पर पृथ्वी का गुरूत्वीय त्वरण कम हो जाता हैं।
  • नदी से निकलकर समुद्र में प्रवेश करते ही जहाज कुछ ऊपर उठ जाता है क्योकि समुद्र के जल का घनत्व अधिक होता हैं।
  • यदि पृथ्वी का गुरूत्वीय बल अचानक लुप्त हो जाए , तो वस्तु का भार शून्य हो जायेगा तथा द्रव्यमान वही रहेगा।
  • पृथ्वी के चारो ओर एक विशेष वृत्तीय कक्षा में विभिन्न द्रव्यमान के दो कृत्रिम उपग्रह नियत चाल से घूम सकते है।
  • सरल लोलक का आवर्तकाल दो गुना हो जाएगा, यदि इसकी लम्बाई चार गुना कर दी जाए।
  • एक पिण्ड विराम अवस्था में अचानक समान द्रव्यमान के दो खण्डो में विभक्त हो जाता है।जो गतिशील हो जाते है दोना खण्ड एक दूसरे को विपरीत दिशा में समान वेग से गति करेगें।
  • दोलन करते सरल लोलक की स्थितिज ऊर्जा किनारो की स्थितियों पर अधिकतम होती है।
  • .जव घोडा तागें की खीचता है , तो टांगा पृथ्वी पर घोडे के पैरो द्वारा लगाए गए प्रतिक्रिया बल के कारण आगे बढता है यह न्यूटन के तृतीय नियम पर आधारित है।
  • डबल डेकर बस में ऊपरी डिब्बे में यात्रियो के खडे रहने की अनुमति नहीं दी जाती क्योकि बस का गुरूत्व केन्द्र ऊचा न हो जाए जिससे बस लुढकने की सम्भावना रहती है।
  • ग्रहों की गति के नियम कैपलर ने प्रतिपादित किए थे।
  • घडी में चाबी देने का उद्देश्य उसमें ऊर्जा का भण्डारण करना होता हैं यह ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा कहलाती है।
  • एक वस्तु का भार निर्वात में अधिकतम होगा।
  • स्याही का सोखना , भूमिगत जल का ऊपर चढना , सूती कपडे पर जल की बूॅद का फेलना केशिकत्व के उदाहरण है।
  • जल की सतह पर सुई तैरती है , इसका कारण पृष्ठ तनाव है।
  • गैस के अणुओ की गतिज ऊर्जा 0 कैल्विन ताप पर शून्य होती है।
  • प्रायः तेज ऑधी आने पर फूस की या टीन की हल्की छते उड जाती है क्योकि छत के ऊपर बहने वाली उच्च वेग की वायु छत की सतह पर दाव उत्पन्न कर देती है तथा छत के नीचे दाब सामान्य रहता है।
  • उडते हवाई जहाज में फाउण्टेन पेन की स्याही बाहर बहने लगती है क्योकि कम वायुमण्डल दाब के कारण पेन में स्थित वायु फेलने लगती है।
  • द्रव में अधिक त्रिज्या वाली केशनली में द्रव कम चढता है।
  • सामान्य वायुमण्डलीय दाब 760 मिलीमीटर पारा स्तम्भ होता हैं।
  • प्रेट्रोल में लगी आग को हम पानी से नही बुझा सकते क्योकि पानी भारी होने की वजह से नीचे चला जाता है और पेंट्रोल ऊपरी सतह पर आकर जलता रहता हैं।
  • रेलगाडी के प्लेटफार्म पर बनी लाइन के अन्दर (पीछे)खडा होना चाहिए क्योकि जब ट्रेन आती है तो व्यक्ति आगे निम्न वायुदाब तथा व्यक्ति के पीछे उच्चवायु दाब का क्षेत्र बन जाता है तथा मनुंष्य आगे गिरने का खतरा रहता है।
  • वायुमण्डल में बादलों के तैरने का कारण उनका कम घनत्व है।
  • नलकूप का पानी सर्दियों में गरम और गर्मियों में ठण्डा होता है क्योकि सर्दियों में भूगर्भ से निकलने वाले पानी के तापमान की तुलना में बाहर का तापमान अधिक निम्न होता हैं, गर्मियों में इसके विपरीत होता है।
  • यदि किसी बन्द बर्तन में भरी हुई गैस के गर्म किया जाए तो गैस दाब बढ जाता है क्योकि गैस के अणुओ की गतिज ऊर्जा बढ जाती है और वे बर्तन की दीवारो से जल्दी जल्दी टकराते है।
  • पहाडो पर कभी कभी नाक व मुॅह से खून गिरने लगता है क्योकि ऊचाई बढने के साथ वायुमण्डलीय दाब घटता है।
  • उडान भरने से पहले हवाई जहाज कार्यकारी वायुदाब बढाने के लिए दौडाया जाता हैं।
  • गहराई बढने के साथ द्रव का दाब वढता है इसलिए बाघ की नीचे की दीबार मौटी बनाई जाती है।
  • वायु पम्प हवा भरने के बाद गर्म हो जाता है क्योकि वायु के सम्पीडन के कारण ऊष्मा उत्पन्न होती है।
  • क्र्रान्तिक ताप पर द्रव का पृष्ठ तनाव शून्य हेता है।
  • ताप बढने पर गैस की श्यानता बढती है तथा द्रव की घटती हैं।
  • भारी मशीनो में ग्रेफाइट स्नेहक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।
  • आटो माबाइल्स में जलीय ब्रेक पास्कल के सिद्धान्त पर कार्य करता है।
  • मैनोमीटर का प्रयोग गैस का दाब मापने में किया जाता है।
  • फेदोमीटर का प्रयोग समुद्र की गहराई मापने में किया जाता हैं।
  • क्रायोमीटर का प्रयोग निम्न ताप मापने में किया जाता है।
  • डेजीमीटर का प्रयोग गैस का घनत्व मापने में किया जाता है।
  • ब्राहाणड में हाइड्रोजन सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता हैं।
  • मानव शरीर का सामान्य ताप 310 केल्विन होता है।
  • पृथ्वी तथा अन्य ग्रह सूर्य के चारो ओर चक्कर लगाते है यह सबसे पहले कांपरनिकस ने सिद्व किया था।
  • किसी पदार्थ का क्रान्तिक ताप वह ताप है जिससे अधिक ताप पर गैसीय अवस्था मे उस पदार्थ को कभी भी द्रवित नहीं किया जा सकता है।
  • साइकिल के ट्यूब अधिकतर गर्मियों में फटते है क्याकि गर्मी के कारण ट्यूब में उपस्थित वायु फेलती है और इस फेलाव के कारण ट्यूब फट जाती है।
  • प्रेशर कुकर में खाना कम समय में तैयार हो जाती हैं क्योकि जल का क्वथनांक बढ जाता है।
  • ऊष्मा का सर्वोत्तम चालक पारा है।
  • ब्राहाण्ड में न्यूनतम सम्भव ताप -273 डिग्री सें॰ है।
  • द्रव पातमापी की अपेक्षा गेस तापमापी अधिक सुग्राहक होते है, क्योकि गैसो में द्रव की अपेक्षा अधिक ऊष्मीय प्रसार होता हैं।
  • चावल को पकाने में ऊचे स्थान पर अधिक समय लगता है क्योकि वहाँ निम्न वायुदाव रहता है।
  • ठण्डे स्थानों पर जल के पाइप अधिक ठण्ड में फट सकते है क्योकि जब जल जमता है तो इसका आयतन बढ जाता है।
  • ऊष्मा विकिरण प्रक्रिया से सर्वाधिक तीब्र गति से स्थानान्तरित होती है।
  • पारा तापमापी 212 डिग्री सें॰ ताप तक मापन में प्रयुक्त होते है।
  • कमरे में रखे हुए एक चालू र्रेंफ्रजरेटर के दरवाजे खुले छोड दिए जाए तो कमरे का ताप बढता है।
  • जल का क्वथंनाक जल की खुली सतह के ऊपर के दाब पर निर्थर करता है।
  • यदि जल को 10 डिग्री से॰ से 0 डिग्री से॰ तक ठण्डा किया जाए तो जल का आयतन 4 डिग्री से॰ तक तो कम होगा फिर बढेगा।
  • यदि वस्तु का ताप धीरे धीरे कम किया जाए , तो उस वस्तु के पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा धारिता अपरिवर्तित रहती है।
  • पूर्ण आन्तरिक परावर्तन तब होता है , जब प्रकाश हीरे से काँच में जाता है।
  • यदि लेन्स द्वारा देखने पर अक्षरों का आकार छोटा दिखाई देता है तो वह लेन्स अवतल लेन्स है।
  • एक रेडियो दूरदर्शी में उच्च केणीय विभेदन क्षमता होती है परवलयाकार डिश एयिरल होता है , ग्रहों तथा तारें की जानकारी अधिक विस्तार से देता हैं।
  • रंग का अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है।
  • प्रिज्म द्वारा बैगनी रंग का विचलन अधिकतम होती है।
  • अवरक्त विद्युत चुम्बकीय तरंग की तरंगदैर्ध्य अधिकतम होती है।
  • प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश अपने घटक रंगों में विक्षेपित हो जाता है , क्योकि विभिन्न रंगों की किरण विभि न्न कोणों पर विचलित हो जाती है।
  • लाल किरणें नीले प्रकाश से तरंग दैर्ध्य में भिन्न होता है।
  • संध्या के समय , जब सूर्य क्षितिज से नीचे चला जाता है तो वह कुछ समय तक दिखाई देता रहता है। क्योकि पृथ्वी के समीप की वायु ऊपरी वायु से अधिक सघन होती है।
  • सूक्ष्मीदर्शी के अभिदृश्यक की फोकस नेत्रिका की फोकस दूरी से अधिक दूरी है।
  • यदि संडक पर खडे हुए व्यक्ति को अपने सामने लगी हुई शीशे की खिडकी में अपना प्रतिबिम्ब बडा दिखाई देता है तो वह उस शीशे के अन्दर की ओर उत्तल होता है।
  • प्रोफेसर रमन को प्रकाश के प्रकीर्णन के लिए नोवेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • लेसर, कलासम्बद्ध प्रकाश का उच्च तीव्रता का पुंज उत्पन्न करने की युक्ति है।
  • दाँत के डाक्टर का दर्पण अवतल होता हैं।
  • किसी वस्तु के त्रिविमीय प्रतिबिम्ब के उत्पन्न करने व रिकार्ड करने की तकनीकि को होलाग्राफी कहते है।
  • प्रकाश तरंगों के वायु से काँच में जाने पर जो चर प्रभावित होती है वे है तरंगदैर्ध्य और वेग।
  • हम प्रतिध्वनि ध्वनि तरंगो के परावर्तन के कारण सुनते है।
  • अप्रगामी तरंगे ऊर्जा वहन नहीं करती है।
  • सितार के तार में अप्रगामी अनुप्रस्थ तरगें उत्पन्न होती है।
  • सितार तथा वाणी के बजाए गए समान स्वर गुणता में भिन्न होते है तथा मनुष्य की आवाज पिच में भिन्न होती है।
  • 20000 हर्ज से अधिक आवृति की अनुदैर्ध्य तरंगों से उत्पन्न ध्वनि पराष्रव्य ध्वनि कहते है।
  • जब हम कमरे के अन्दर बैठे होते है तब हमें दूसरे कमरे का शोर विवर्तन के कारण सुनाई देता है।
  • किसी प्रतिध्वनि को सुनने के लिए मूल आवाज और प्रतिध्वनि की बीच का समय अन्तराल 1/10 सेंकण्ड से अधिक होता है।
  • ध्वनि स्वर की पिच आवृति पर निर्भर करती है।
  • 0 डिग्री सें॰ पर वायु में ध्वनि की चाल लगभग 332 मीटर प्रति सें॰ होती है।
  • किसी गैस में उत्पन्न ध्वनि तरंग सदैव अनुदैर्ध्य होती है।
  • ध्वनि तरंगे निर्वात में नही चल सकती है।
  • स्त्रियों और बच्चो की आवाज तीखी होती है इसका कारण उच्च आवृति होती है।
  • ध्वनि प्रबलता के आवृति से मापा जाता है।
  • ध्वनि का वेग 20 डिग्री सें॰ की नम वायु में अधिकतम होता है।
  • स्पष्ट प्रतिध्वनि तभी सुनी जा सकती है जब परावर्तक सतह की ध्वनि स्त्रोत से न्यूनतम दूरी 17 मीटर है।
  • चमगादड अधेरी रात में उडती है और अपना शिकार भी करती है। इसका कारण है वह पराध्वनि तरंगे निकालती है और उन्ही के द्वारा निर्देशित होती है।
  • ध्वनि अनुनाद को बढाकर कोई गायक खिडकी के काँचो को भी तोड सकता है।
  • बिजती के एक साधारण बल्ब को अपेक्षाकृत अल्प जीवन होता है क्योकि फिलामेण्ट के सहायक ताप उच्च ताप पर पिघल जाते है तथा दूसरा कारण बल्ब पूर्ण रूप से निर्वातित नही किया जा सकता है।
  • विद्युत परिपथ में अमीटर ष्रेणी क्रम में तथा वोल्ट मीटर समान्तर क्रम में जोडा जाता है।
  • एक धात्वीय तार के सिरों पर नियत वोल्टता आरोपित होने पर इसमें उत्पन्न ऊष्मा को दोगूना करने के लिए तार की लम्बाई दो गुनी करनी होगी।
  • प्रतिचुम्बकीय पदार्थ वे पदार्थ होते जो चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में हल्के से हट जाते है जैसे - विस्मथ , लकडी, प्लास्टिक आदि।
  • अनुचुम्बकीय पदार्थ वे पदार्थ होते है जो चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर चु॰ क्षेत्र की दिशा में हल्के चुम्बकित हो जाते है जैसे - आक्सीजन।
  • विद्युत चुम्बक नर्म लोहे के बनाए जाते है क्योकि नर्म लोहा अधिक चुम्बकीय प्रवृत्ति तथा कम धारण क्षमता रखता है।
  • यदि चुम्बक को दो भागो में विभक्त कर दिया जाये तो दोनो भाग पृथक पृथक चुम्बक बन जाते है।
  • घरेलू विद्युत पर स्थापन मूलतः समान्तर सम्बन्धन है।
  • शक्ति का व्यावहारिक मात्रक वाट है और एक वाट 1वोल्ट ओर 1 एम्पीयर के गुणनफल के तुल्य होता है।
  • ब्रम्हाण प्रसारित हो रहा है यह प्रमाण सबसे पहले एडविन हबल ने दिया था।
  • एक अर्द्वचालक वह पदार्थ है जो विद्युतरोधी से अधिक चालकता रखता है और एक चालक कम रखता है।
  • ट्रान्सफार्मर का उपयोग केवल प्रत्यवर्ती धारा के लिए किया जाता है। घरेलू प्रकाश के लिए प्रयुक्त लेम्प समान्तर क्रम में जोडे जाते है।
  • भारत में ए॰सी॰ मुख्य धारा की आवृति 50 चक्र/सेकण्ड होती है।
  • प्रत्यावर्ती धारा के दिष्ट धारा में दिष्टकारी द्वारा परिवर्तित किया जाता है।
  • हर्ट्ज आवृति का मात्रक है।
  • मोटर विद्युत ऊर्जा को यानित्रक ऊर्जा में बदलती है।
  • ट्रांसफार्मर के क्रोड बनाने के लिए नर्म लोहे का अधिक उपयोग होता है।
  • एक शक्तिशाली चुम्बक कुछ पदार्थो के आकर्षित करता है। कुछ को प्रतिकर्षित करता है।
  • जनित्र, धारामापी, विद्युत मीटर विद्युत धारा तथा चुम्बकीय क्षेत्र पर निर्भर करती है।
  • सिलिकॉन एंव जर्मेनियम सबसे शुद्व अर्द्व चालक है।
  • ट्रांसफार्मर का सिद्वान्त अन्योन्य प्रेरण के सिद्वान्त र आधारित है।
  • नाइक्रोम का तार हीटिंग एलीमेण्ट के रूप में प्रयुक्त किया जाता है क्योकि इसका विशिष्ट प्रतिरोध उच्च है एवं लाल तप्त होने पर आक्साइड नही बनता है।
  • प्रतिदिप्त नलिका में चोक लगाई जाती है चोक कुण्डली परिपथ में विद्युत धारा के कम करती है।
  • टी॰वी॰ सेट चलाने के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले रिमोट कण्ट्रोल यूनिट में सूक्ष्म तरंग का प्रयोग किया जाता है।
  • पटाखे में हरे रंग की चिंगारी उत्पन्न करने के लिए बेरियम नाइट्रेट का प्रयोग किया जाता हैं।
  • बेरियम एक उपयुक्त रूप मे रोगियों को पेट के एक्स किरणें परीक्षण से पूर्व खिलाया जाता है क्योकि बेरियम एक्स किरणों का एक अच्छा अवशोषक है और इससे चित्र में पेट की स्पष्टता से देखने में सहायता मिलती है।
  • गाइगर काउण्टर एक युक्ति जिससे एल्फा कणों का संसूचन किया जा सकता हैं।
  • वैज्ञानिक डा॰ राजा शमन्ना नाभिकीय भौतिकी से सम्बधित है।
  • वैज्ञानिक डा॰ एम॰एस॰ स्वामीनाथन वनस्पति रसायन शास्त्र से सम्बधित है।
  • वैज्ञानिक प्रो॰ यू॰ आर॰ राव अन्तरिक्ष अनुसंधान से सम्बधित है बैज्ञानिक प्रो॰ मेधनाद साध ऊष्मागतिकी एवं खगोल भौतिकी से सम्बधित है।
  • नाभिकीय रिएक्टर के निर्माण में जर्मेनियम अनिवार्य तत्व है।
  • केबाल्ट साधारणतः विकिरण चिकित्सा में प्रयुक्त होता है क्योकि यह गामा किरणें उत्सर्जित करता है।
  • ट्रांजिस्टर मिष्रित अर्द्वचालक के बनाये जाते है।
  • पेय जल में गामा उत्सर्जक समस्थानिक है या नहीं इसकी पुष्टि प्रस्फुरण गणक से की जा सकती है।
  • कैथेड किरणें सरल रेखा मे चलती है।
  • इलैक्ट्रॉन , पॉजिट्रॉन प्रतिकण युग्म है।
  • न्यूट्रॉनों आवेशरहित होता है किन्तु इसका द्रव्यमान होता है।
  • थोरियम को विविकरण द्वारा प्लूटोनियम में बदला जा सकता है।
  • एक ट्रांजिस्टर का प्रयोग प्रवर्धक के रूप में किया जाता है।
  • गामा किरणें का प्रयोग केंसर के इलाज , कीटाणुओं का नाश करने में तथा खाध पदार्थो को सुरक्षित रखने में किया जाता है।
  • आइन्सटीन की खेज प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या एवं आपेक्षिकता का सिद्वान्त है।
  • कैथोड किरणे सीधी रेखा में चलती हैं।
  • निकट दृष्टि दोष से पीडित व्यक्ति के चश्में में समतल - अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है।
  • फोटॉन प्रकाश ऊर्जा का पैकेट होता है।
  • सिलिकॉन चिप्स जिसको कि कम्प्यूटर में प्रयोग किया जा रहा है गेलियम आसैनाइड के बने होते है।
  • पहला भारतीय कम्प्यूटर सर्वप्रथम इण्डियन सांख्यिकीय संस्थान , केलकता 1955 में लगाया गया था।
  • किसी चालक के सिरों के बीच विभवान्तर उसमें बहने वाली धारा के समानुपाती होता है , यह नियम ओम का है।
  • सर्वप्रथम औधोगिक यन्त्र मानव का निर्माण 1960 अमेरिका में हुआ था।
  • सूर्य के चारों चक्कर लगाते ग्रह का वेग अधिकतम होता है जब सूर्य के समीप होता है।
  • जब सेना की टुकडी पूल को पार करती है , तो सैनिकों को कदम से कदम मिलाकर न चलने का निर्देश दिया जाता है क्योकि पैरों से उत्पन्न ध्वनि के अनुनाद के कारण पुल टूटने का खतरा रहता है।
  • प्रोटान की खोज रदरफोर्ड ने की थी।
  • इलैक्ट्रॉन की खोज जे॰के॰ थामसन ने की थी।
  • न्यूट्रॉन की खोज चैडविक ने की थी।
  • पॉजिट्रान की खोज एण्डरसन ने की थी।
  • पृथ्वी तल से ऊपर या नीचे जाने पर गुरूत्वीय त्वरण का मान घटता जाता है।
  • डायनेमो यान्त्रिक ऊर्जा के विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
  • मोटर विद्युत् ऊर्जा को यान्त्रिक ऊर्जा में बदलती है।
  • बैटरी रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
  • माइक्रोफोन ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
  • दाब बढने पर वर्फ का गलनांक घटता है।
  • पृथ्वी केन्द्र पर वस्तु का द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है भार शून्य होता है।
  • जल काँच व हीरे में प्रकाश की चाल - जल- काँच - हीरा क्रम में होती है।
  • इस्पात / हाथी दाँत की गोली अधिक प्रत्यास्थ होती है।
  • आइन्सटीन को नोबेल पुरूस्कार प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या पर मिला था।
  • दलदल में फसे व्यक्ति को लेट जाने की सलाह दी जाती है क्योकि क्षेत्रफल अधिक होने से दाब कम हो जाता है।
  • उगते व डूबते समय सूर्य लाल प्रतीत हाता है क्योकि लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है।
  • एक अश्व शक्ति में 746 वाट होते है।
  • कोई कण एक सें॰ में जितने कम्पन करता है उस संख्या को उसकी आवृति कहते है।
  • एक व्यक्ति घूमते हुए स्टूल पर वाहे फैलाए खडा हो एकांएक वह बाहे सिकोड लेता है स्टूल का कोणीय वेग बढ जायेगा।
  • 25 डिग्री सें॰ पर जल से भरी एक बन्द बोतल चन्द्रमा पर ले जाई जाती है यदि चन्द्रमा की सतह पर बोतल की डाट खेल दी जाए तो जल उबलने लगेगा।
  • चन्द्रमा पर एक बम विस्फोट होता है तो पृथ्वी पर उसकी आवाज सुनाई नही देती है क्योकि चन्द्रमा व पृथ्वी के बीच माध्यम नहीं है।
  • हम रेडियों की धुण्डी घुमाकर विभिन्न स्टेशन के प्रोग्राम सुनते है।यह अनुनाद के कारण सम्भव है।
  • एक गुब्बारे में हाइड्रोजन व आक्सीजन गैस के अणु बराबर संख्या में हो यदि गुब्बारे में छेद कर दिया जाए तो हाइड्रोजन गैस तेजी से निकलेगी।
  • यदि द्रव्यमान परिवर्तित हुए बगैर पृथ्वी सिकुडकर अपनी वर्तमान त्रिज्या की आधी रह जाये तो दिन 6 घण्टे का होगा।
  • अफ्रीका के काली त्वचा वाले व्यक्ति ब्रिटेन के सफेद त्वचा वाले व्यक्तियों की अपेक्षा अधिक गर्मी महसूस करते हैं।
  • झरने से जब जल ऊचाई से गिरता है तो उसका ताप बढ जाता है।
  • ठण्डे देशों में झीलों के जम जाने के पश्चात् भी जलीय जन्तु जीवित रह सकते है क्येकि नाभिकियों रिएक्टरों मे नियन्त्रक छडें कैडियम की होती है।
  • र्क्वाटज घडिया दाव विद्युत प्रभाव सिद्वान्त के अनुसार कार्य करती है।
  • सन् 1945 में नागासाकी पर गिराये गये बमों में प्लूटोनियम का उपयोग किया गया था।
  • सबसे पहला नाभिकिय रिएक्टर फार्मी ने बनाया था।
  • स्थायी चुम्बक के लिए सबसे श्रेष्ठ पदार्थ ऐलिको है लेकिन सबसे अधिक उपयोग इस्पात का होता है ऐंलिको निकिल एवं एल्यूमिनियम का मिष्रण होता है परमाणु क्रमांक 25 से 28 तक के तत्व स्थायी चुम्बक के लिए सबसे उपयुक्त होता है।
  • क्यूरी (Curie) किसकी इकाई का नाम है - रेडियोएक्टिव धर्मिता
  • किस रंग की तरंग दैर्ध्य सबसे कम होती है - बैंगनी
  • 'सेकेण्ड पेण्डुलम' का आवर्तकाल क्या होता है - 2 सेकेण्ड
  • भूस्थिर उपग्रह की पृथ्वी से ऊँचाई होती है - 36,000 किलोमीटर
  • निम्नलिखित में से किस पदार्थ में ऑक्सीजन नहीं है - मिट्टी का तेल
  • पौधों की आंतरिक संरचना का अध्ययन कहलाता है - फिजियोलॉजी, शारीरिकी
  • निम्न में से किस रंग का अपवर्तनांक सबसे अधिक होता है - बैंगनी
  • रडार की कार्यप्रणाली निम्न सिद्धान्त पर आधारित है - रेडियों तरंगों का परावर्तन
  • न्यूटन की गति के नियमों के अनुसार - द्वितीय नियम से बल की परिभाषा ज्ञात की जाती है।
  • किसी पिण्ड के उस गुणधर्म को क्या कहते हैं, जिससे वह सीधी रेखा में विराम या एकसमान गति की स्थिति में किसी भी परिवर्तन का विरोध करता है - जड़त्व
  • लेसर निम्न सिद्धान्त पर कार्य करती है - विकरण का उद्दीप्ति उत्सर्जन
  • मिथेन जिसके वायुमण्डल में उपस्थित है, वह है - बृहस्पति
  • प्रोटीन के पाचन में सहायक एन्जाइम है - ट्रिप्सिन
  • उन देशों में जहाँ के लोगों का मुख्य खाद्यान्न पॉलिश किया हुआ चावल है, लोग पीड़ित होते हैं - बेरी-बेरी से
  • माँसपेशियाँ में निम्नलिखित में से किसके एकत्र होने से थकान होती है - लैक्टिक अम्ल
  • समुद्र की गहराई नापने के लिए कौन-सा उपकरण प्रयोग किया जाता है - फ़ैदोमीटर
  • कम्प्यूटर की IC चिप्स किस पदार्थ की बनी होती हैं - सिलिकन की
  • वह काल्पनिक रेखा जो फ़ोकस एवं पोल से गुजरते हुए गोलकार दर्पण पर पड़ती है, वह कहलाती है - मुख्य अक्ष
  • अगर किसी वस्तु का फ़ोकस अवतल दर्पण पर पड़ता है, तो उसकी छाया कैसी बनेगी - अनन्त
  • वह धातु जो अम्ल एवं क्षार के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन निकालती है - जिंक
  • किसी ध्वनि स्रोत की आवृत्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव को कहते हैं - डाप्लर प्रभाव
  • कोई कण एक सेकेण्ड में जितने कम्पन करता है, उस संख्या को कहते हैं - आवृति
  • निम्नलिखित में से कौन धातु होते हुए भी विद्युत का कुचालक है - सीसा
  • निम्नलिखित में किस अधातु में धातुई चमक पायी जाती है - ग्रेफाइट, आयोडिन
  • एक गुब्बारे में हाइड्रोजन व ऑक्सीजन गैस के बराबर-बराबर अणु हैं। यदि गुब्बारे में एक छेद कर दिया जाए तो - हाइड्रोजन गैस तेज़ी से निकलेगी

इन्हें भी देखें[सम्पादन]