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शासन व्यवस्था

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स्वच्छ भारत अभियान और शहरी चुनौतियाँ

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  • ठोस और तरल अपशिष्ट का निपटान
  • अपशिष्ट निपटान के तीन प्रमुख घटक होते हैं: (1) अपशिष्ट पदार्थों का संग्रहण, स्थानांतरण और लैंडफिल क्षेत्र में उचित निपटान। अपशिष्ट संग्रह और लैंडफिल साइट तक उसके स्थानांतरण दोनों ही कार्यों में जनशक्ति के साथ-साथ एक कुशल परिवहन प्रणाली की आवश्यकता होती है।
  • अधिकांश शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट का निपटान करना मुख्य रूप से नगरपालिकाओं की ज़िम्मेदारी होती है। हालाँकि इस तथ्य से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि देश की कई नगरपालिकाएँ अपने दायित्वों की पूर्ति हेतु जनशक्ति, वित्तीय संसाधनों और प्रौद्योगिकी की कमी से जूझ रही हैं। अधिकांश नगरपालिकाएँ संसाधनों के लिये राज्य सरकारों पर निर्भर रहती हैं।
  • शहरी क्षेत्रों में सीवरेज का प्रबंधन

अधिकांश भारतीय शहरी महानगर ऐसे सीवेज सिस्टम का प्रयोग कर रहे हैं जो दशकों पहले निर्मित किये गए थे और अभी भी सीवेज को नदियों या नहरों में ले जाने के पैटर्न का पालन करते हैं। उल्लेखनीय है कि भारत का 70 प्रतिशत शहरी सीवेज अनुपचारित है। दशकों पुराने होने के कारण कई सीवेजो में सुपोषण (Eutrophication) की समस्या उत्पन्न हो जाती है। शहरों से अलग हैं गाँव वर्ष 2017 के आँकड़ों के अनुसार, देश की तकरीबन 66 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और इतनी बड़ी आबादी को संपूर्ण स्वच्छता की ओर ले जाने में सबसे बड़ी चुनौती लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाना था ताकि वे खुले क्षेत्रों में शौच करने के बजाय घरेलू शौचालयों का उपयोग करें। ग्रामीण मानसिकता के कारण वहाँ के अधिकांश घरों में शौचालय नहीं थे, इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लिये स्वच्छ भारत अभियान के घटकों में शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ सूचना,शिक्षा और संचार संबंधी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना भी शामिल था। ग्रामीण क्षेत्रों में एक समर्पित सीवरेज नेटवर्क की आवश्यकता कम होती है, क्योंकि वहाँ जो भी शौचालय मौजूद होते हैं वे घर के सोक पिट (Soak Pit) से जुड़े हुए होते हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कचरे को भी बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जाता है क्योंकि यह कार्य घरेलू स्तर पर किया जाता है, अतः इसके अधिकांश हिस्से का प्रयोग खेतों में किया जाता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्र के स्वच्छता स्तर में सुधार करना शहरी क्षेत्र की अपेक्षा बहुत कम जटिल है।