सामान्य अध्ययन२०१९/चर्चित देश,शहर या कोई स्थान

विकिपुस्तक से
Jump to navigation Jump to search

← चर्चित व्यक्ति और पुरस्कार | महत्वपूर्ण दिवस →


  • भारत का नया मानचित्र(New Map of India)

हाल ही में भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को प्रभावी तौर से समाप्त करके जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 को लागू कर दिया गया है। इस अधिनियम के तहत पुरानी व्यवस्था को परिवर्तित करके दो नए संघशासित क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख का पुनर्गठन किया गया। वर्ष 1947 में भूतपूर्व जम्मू और कश्मीर राज्य में निम्न 14 जिले थे – कठुआ, जम्मू, ऊधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला, पुँछ, मीरपुर, मुज़फ्फराबाद, लेह और लद्दाख, गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास तथा ट्राइबल टेरिटरी। वर्ष 2019 में भूतपूर्व जम्मू-कश्मीर की राज्य सरकार द्वारा इन 14 ज़िलों के क्षेत्रों को पुनर्गठित करके 28 ज़िलों में परिवर्तित कर दिया गया है। नए ज़िले इस प्रकार हैं – कुपवारा, बान्दीपुर, गांदरबल, श्रीनगर, बड़गाम, पुलवामा, शोपियाँ, कुलगाम, राजौरी, रामबन, डोडा, किश्‍तवार, साम्बा और कारगिल। नए लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र में कारगिल तथा लेह दो ज़िले हैं तथा जम्मू-कश्मीर राज्य संघ क्षेत्र में भूतपूर्व जम्मू-कश्मीर राज्य का शेष हिस्सा है। कारगिल ज़िले को लेह और लद्दाख ज़िले के क्षेत्र से अलग करके बनाया गया है। इस आधार पर भारत के मानचित्र में 31 अक्तूबर, 2019 को सृजित नए जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र को दर्शाते हुए सर्वेअर जनरल ऑफ इंडिया (Surveyer General Of India) द्वारा तैयार किया गया मानचित्र इस प्रकार है।

भारतीय शहर या स्थान[सम्पादन]

  • 26 दिसंबर,2019 को होने वाला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) केरल के चेरुवथुर (Cheruvathur) में दिखाई देगा।

चेरुवथुर विश्व के उन तीन स्थानों में से एक है,जहाँ सूर्य ग्रहण सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह सूर्य ग्रहण कतर,संयुक्त अरब अमीरात तथा ओमान में शुरू होगा परंतु चेरुवथुर की विशेष भू-वैज्ञानिक स्थिति होने के कारण यह भारत में सर्वप्रथम दिखाई देगा। जब चंद्रमा,सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है,तो पृथ्वी पर सूर्य के प्रकाश के बजाय चंद्रमा की परछाई दिखती है,इस स्थिति को सूर्यग्रहण कहते हैं। सामान्यतः सूर्यग्रहण अमावस्या से संबंधित माना जाता है परंतु चन्द्रमा के कक्ष तल में 5 डिग्री झुकाव होने के कारण यह अमावस्या से आगे-पीछे हो जाता है। जब सूर्य का आंशिक भाग छिपता है तो उसे आंशिक सूर्यग्रहण तथा जब पूर्णतः सूर्य छिप जाता है तो उसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहा जाता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य की परिधि पर डायमंड रिंग (Dimond Ring) या हीरक वलय की संरचना निर्मित होती है।

  • रूस और चीन ने पावर ऑफ़ साइबेरिया (Power Of Siberia) नामक क्रॉस बॉर्डर गैस पाइपलाइन का उद्घाटन किया।

यह पाइपलाइन चीन और रूस को कोयले को प्राकृतिक गैस से प्रतिस्थापित करने में मदद मिलेगी तथा ताप के अलावा इस पाइपलाइन से विद्युत् उत्पादन भी किया जा सकेगा। नई पाइपलाइन यूरेशिया में रूस और चीन के प्रमुख सहयोगियों के रूप में ऊर्जा एकीकरण का प्रतीक है पावर ऑफ़ साइबेरिया के विषय में: रूस की भूमिका यूरोप में एक प्राथमिक गैस आपूर्तिकर्त्ता की रही है लेकिन रूस और चीन के बीच पावर ऑफ साइबेरिया पहली क्रॉस बॉर्डर गैस पाइपलाइन है। अनुबंध के तहत रूस अगले 30 वर्षों में चीन को 1 ट्रिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगा। अवस्थिति: चीन के हीहे (Heihe) क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले यह पाइपलाइन यांग्त्ज़ी नदी (Yangtze River) और अमूर नदी (Amur River) के डेल्टाओं से होकर गुजरती है।

  • नगालैंड की राजधानी कोहिमा में 1 दिसंबर, 2019 को नगालैंड का 57वाँ स्थापना दिवस मनाया गया।

नगालैंड 1 दिसंबर,1963 को भारतीय संघ के 16वें राज्य के रुप में अस्तित्व में आया तथा 16,579 वर्ग किमी० क्षेत्रफल के साथ यहाँ का लिंगानुपात 931 है। यह पूर्व में म्याँमार, उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम तथा दक्षिण में मणिपुर से घिरा हुआ है। नगालैंड तथा म्याँमार के बीच सरामती पर्वत शृंखला प्राकृतिक सीमा बनाती है जो नगालैंड की सबसे ऊँची पहाड़ी भी है। राज्य की लगभग 70% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है तथा यहाँ की मुख्य खाद्य फसल धान है इसके अलावा कुल कृषि के 70% भाग पर धान की खेती की जाती है। यहाँ खेती की स्लेश तथा बर्न प्रणाली प्रचलित है जिसे स्थानीय स्तर पर झूम खेती कहा जाता है। राज्य का दीमापुर ज़िला पूरे देश से रेल एवं हवाई यातायात से जुड़ा है। नगालैंड में प्रत्येक वर्ष दिसंबर माह के पहले सप्ताह में हॉर्नबिल उत्सव (Hornbill Festival) का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा सेकरेन्यी(फरवरी),मोन्यु(अप्रैल) आदि यहाँ के प्रमुख त्योहार हैं।

  • कृष्णा नदी जल विवाद की शुरुआत पूर्ववर्ती हैदराबाद एवं मैसूर राज्यों के साथ हुई थी तथा बाद में महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बीच भी जारी रहा। विवाद का मूल कारण जल के बँटवारे से संबंधित है।

विवाद के समाधान हेतु वर्ष 1969 में कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण (Krishna Water Disputes Tribunal-KWDT) की स्थापना की गई थी। वर्ष 2014 में तेलंगाना के निर्माण के पश्चात् आंध्र प्रदेश ने दूसरे कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण KWDT 2 द्वारा दिये गए फैसले और वर्ष 2013 में उसके (KWDT 2) द्वारा जारी एक अन्य रिपोर्ट को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। आंध्र प्रदेश चाहता है कि तेलंगाना को न्यायाधिकरण में एक पक्ष के रूप में शामिल किया जाए, परंतु अभी तक यह संभव नहीं हो पाया है।

  • जम्मू और कश्मीर में एनएच-44 पर स्थित चेनानी नशरी सुरंग (Chenani Nashari Tunnel) का नाम बदलकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग करने की घोषणा की गई।

चेनानी नशरी सुरंग:

9 किलोमीटर की यह सुरंग देश की सबसे लंबी आधुनिक सुरंग है, जो उधमपुर को जम्मू में रामबन से जोड़ती है।
यह भारत की पहली व विश्व की छठी सड़क सुरंग है जिसमें ट्रांसवर्स वेंटिलेशन सिस्टम (Transverse Ventilation System) है।

हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र में निर्मित इस सुरंग के माध्यम से क्षेत्रों के बीच यात्रा में लगने वाला समय लगभग दो घंटे कम होगा, साथ ही इससे ईंधन की भी बचत होगी। यह पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील (हिमस्खलन, बर्फबारी, मौसमी घटनाएँ) पटनीतोप क्षेत्र में वनों को संरक्षण भी प्रदान करती है। यह वायु संचार, संचार, विद्युत आपूर्ति तथा अग्निशमन तकनीकों से युक्त एकीकृत नियंत्रण प्रणाली है। किसी सुरक्षा खतरे से बचाने के लिये सुरंग में उन्नत स्कैनर (Scanner) भी लगया गया है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म वर्ष 1901 में बंगाल में हुआ था।

वे स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग तथा आपूर्ति मंत्री थे।‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ इनका संकल्प था।
इन्होंने ‘भारतीय जनता पार्टी’ की नींव रखी।

66 वर्ष पूर्व जब डॉ. मुखर्जी को गैर-कानूनी तरीके से लखनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया था तब उन्हें चेनानी नशरी के जरिए श्रीनगर ले जाया गया।

  • जयपुर के समीप स्थित रामगढ़ बांधको यहाँ के किसानों और स्थानीय लोगों द्वारा पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।

हाल ही में इस बांध में पानी के प्रवाह को प्रभावित करने वाले अतिक्रमणों को हटाने की मांग की जा रही है।

वर्ष 1904 में तत्कालीन जयपुर शासक सवाई माधोसिंह द्वितीय के शासनकाल में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था।
रामगढ़ बांध स्थित झील में वर्ष 1982 के एशियाई खेलों के दौरान रोइंग इवेंट (Rowing Event) का आयोजन किया गया था।

महत्त्व:

  1. यह कृषि और पेयजल आपूर्ति की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
  2. इसके अतिरिक्त यह स्थानीय लोगों के लिये एक प्रकार का पिकनिक स्थल है।

आगे की राह: प्रस्तावित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के माध्यम से बांध में चंबल नदी के पानी की आपूर्ति की जानी चाहिये। इसके जलग्रहण क्षेत्र में कृषि भूमि पर निर्माण की अनुमति देनी चाहिये लेकिन इसको ध्यान में रखा जाए कि इससे बांध में पानी का प्रवाह बाधित न हो।

  • भुवनेश्वर (ओडिशा) में विश्व कवि काॅन्ग्रेस के 39वें सत्र का आयोजन 6 अक्तूबर, 2019 को किया गया।
थीम:-‘कविता के माध्यम से करुणा’ (Compassion through Poetry)
उद्देश्य:-अधिक से अधिक लोगों को अपनी मूल भाषाओं में कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक लिखने के लिये प्रोत्साहित करना है।
भारतीय परंपरागत और वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार में कविता को माध्यम बनाना, साथ ही युवा पीढ़ी से इसे संरक्षित करने का आह्वान करना।
कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (Kalinga Institute of Industrial Technology- KIIT) के संस्थापक अच्युत सामंत को इस आयोजन के लिये सर्वोच्च सम्मान स्वर्ण गेबल (Golden Gable) से सम्मानित किया गया।

विश्व कवि काॅन्ग्रेस का आयोजन कला और संस्कृति की विश्व अकादमी (World Academy of Arts and Culture) द्वारा किया जाता है। इसका आयोजन पहली बार वर्ष 1969 में मनीला (फिलीपींस) में किया गया था। इस आयोजन का उद्देश्य कविता के माध्यम से विश्व बंधुत्व और शांति को बढ़ावा देना है।

कच्छ का रेगिस्तान- भारतीय और फ्राँसीसी शोधकर्त्ताओं की एक टीम के अनुसार कच्छ का गर्म शुष्क रेगिस्तान कभी नम आर्द्र उपोष्ण कटिबंधीय जंगल था, जिसमें विभिन्न प्रकार के पक्षी, मीठे पानी की मछलियाँ और संभवतः ज़िराफ और गैंडे थे। उनके निष्कर्ष लगभग 14 मिलियन वर्ष पूर्व की भूवैज्ञानिक समयावधि मिओसीन ( Miocene) के दौरान कशेरुक जीवाश्मों की खोज पर आधारित हैं। खोज के बाद, विश्लेषण के लिये उन्हें लगभग 12 साल लगे। ज़्यादातर पसलियों तथा दांतों और हड्डियों के हिस्सों से युक्त जीवाश्म, गुजरात के कच्छ के रापर तालुक के पलासवा गाँव से पाए गए थे। जर्नल हिस्टोरिकल बायोलॉजी (Journal Historical Biology) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पलासवा से मिले जीवाश्म से पता चलता है कि मध्य मिओसीन (लगभग 14 म्या) के दौरान उष्ण, आर्द्र / नम तथा उष्ण कटिबंधीय से लेकर उपोष्ण कटिबंधीय जैसी पर्यावरणीय परिस्थितियों में जीवों और वनस्पतियों की एक समृद्ध विविधता बरकरार थी। अरब सागर से निकटता के कारण कच्छ में अब तक पाए गए जीवाश्मों में मुख्य रूप से समुद्री जीवों की संख्या अधिक है। भूगर्भीय परिवर्तनों ने अंततः समुद्र से नमक के समतल मैदान के संपर्क को बंद कर दिया और यह क्षेत्र एक बड़ी झील में बदल गया तथा अंततः नमकीन आर्द्रभूमि ( Salt Flats) बन गया। निष्कर्ष बताते हैं कि 300 मिलियन वर्ष पहले जब भारत का कुछ हिस्सा गोंडवानालैंड में था तभी स्तनधारी जीव (Mammal) भारत और अफ्रीका के बीच तितर बितर हो गए। यह आश्चर्य की बात है कि कच्छ में मिओसिन युग में बंद बेसिन में जिराफ, गैंडे, हाथी और विशालकाय मगरमच्छ थे।

  • बिधाननगर नगर निगम (साल्ट लेक सिटी) की अध्यक्ष कृष्णा चक्रवर्ती को हाल ही में निगम के महापौर के रूप में शपथ दिलाई गई।कोलकाता शहर के केंद्र से 8.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस उपनगरीय क़स्बा का विकास हाल ही में नए वाणिज्यिक विकास एवं IT केंद्रों का तेज़ी से विकास के कारण हुआ।

यहाँ पर एक साल्ट लेक भी है। विधाननगर नगर निगम वर्ष 2015 में बना था और इसके पहले महापौर सब्यसाची दत्त बने थे लेकिन पार्टी में अविश्वास के चलते इन्होंने 18 जुलाई को महापौर पद से इस्तीफा दे दिया था। इस नगर में आवासीय संपत्तियों की मांग पिछले एक दशक में बहुत अधिक बढ़ी है, साथ ही निवेश में भी बहुत तीव्र वृद्धि हुई है। निवेश का प्रमुख कारण आईटी कंपनियों का कार्यालय जैसे- विप्रो, TCS, एक्सेंचर, IBM, टेक महिंद्रा, जेनपैक्ट, HCL टेक्नोलॉजीज़, NIIT टेक्नोलॉजीज़, सीमेंस, डेलॉयट एवं लेक्समार्क आदि यहाँ पर स्थित हैं।

विश्व के प्रमुख स्थल[सम्पादन]

  • बखूरा तथा अल घमर क्षेत्र इज़राइल-जॉर्डन की सीमा पर बसे हैं। दोनों हीं क्षेत्र पर जॉर्डन की प्रभुसत्ता बनी रहेगी परंतु इज़राइल को इस क्षेत्र के निजी उपयोग का अधिकार प्राप्त होगा।

वर्ष 1994 में हुई संधि द्वारा यह क्षेत्र इज़राइल को आगामी 25 वर्षों के लिये दे दिया गया था।

  • 20 दिसंबर को मकाउ (Macau) ने अपनी 20वीं वर्षगांठ मनाई। इसी दिन पूर्वी पुर्तगाली उपनिवेश (मकाउ) चीन को वापस सौंपा गया था।

मकाउ विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (Macau Special Administrative Region- MSAR) चीन का अभिन्न भाग है और चीन के "एक देश,दो प्रणाली" मॉडल का उदाहरण है। “एक देश, दो प्रणालियाँ" एक संवैधानिक सिद्धांत है जो क्रमशः वर्ष 1997 और 1999 में चीन का क्षेत्र बनने के बाद हांगकांग और मकाउ के शासन का वर्णन करता है। यह चीन की समाजवादी आर्थिक प्रणाली का समर्थन नहीं करता है तथा विदेशी और रक्षा मामलों को छोड़कर इसे सभी मामलों में उच्च स्तर की स्वायत्तता प्राप्त है। यह हांगकांग से 60 किलोमीटर की दूरी पर पर्ल नदी के मुहाने के पास चीन के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है। इसके क्षेत्र में मकाउ प्रायद्वीप और ताइपा (Taipa) तथा कोलोन (Coloane) के दो द्वीप शामिल हैं। मकाउ दुनिया में सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। मकाउ की अर्थव्यवस्था जुआ उद्योग और कैसिनो पर निर्भर है जिसका सरकारी आय में लगभग 80% योगदान है।

बोगनविली
  • बोगनविली (Bougainville) 23 नवंबर,2019 को होने वाले जनमत संग्रह के बाद पापुआ न्यू गिनी से अलग होकर यह विश्व का नवीनतम देश बन जाएगा।

बोगनविली का नाम 18वीं शताब्दी के फ़्राँसीसी खोज़कर्ता के नाम पर पड़ा।

वर्ष 1975 में पापुआ न्यू गिनी को ऑस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता मिली जिसमें इस तांबा आदि से समृद्ध (बोगनविली ) एक अलग प्रांत बनाया गया।

पापुआ न्यू गिनी की स्वतंत्रता के समय ही बोगनविली को भी स्वतंत्र किये जाने की घोषणा की गई जिसे पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया द्वारा नज़रअंदाज़ कर दिया गया। इसी कारण यहाँ जन असंतोष उमड़ पड़ा और वर्ष 1988 से अलगाव के लिये युद्ध चलता रहा है। वर्ष 1997 में अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थों की मदद से यह युद्ध समाप्त हो गया। बोगनविली शांति समझौता,2005 के तहत स्वायत्त बोगनविली सरकार का निर्माण और इसकी स्वतंत्रता हेतु एक गैर-बाध्यकारी जनमत संग्रह कराने का वादा किया गया था।

  • तुलागी द्वीप (Tulagi Island):- बीजिंग स्थित एक कंपनी ने गुप्त समझौते के तहत तुलागी द्वीप (Tulagi Island) और उसके आसपास के क्षेत्र हेतु विशेष विकास अधिकार (Exclusive Development Rights) प्राप्त किये हैं। तुलागी द्वीप, सोलोमन द्वीप पर उपस्थित एक द्वीप है जो दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका के मध्य अवस्थित है।
  • भारत द्वारा जारी नए राजनीतिक मानचित्र में कालापानी क्षेत्र (Kalapani Territory) की सीमा को लेकर नेपाल ने औपचारिक विरोध किया।

कालापानी क्षेत्र भारतीयों के एक तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है। यह काली नदी का उद्गम स्थल भी है। यही काली नदी कालापानी से भारत और नेपाल दोनों देशों का सीमांकन करती है जो आगे चलकर टनकपुर में शारदा नदी के नाम से जानी जाती है।

इथियोपिया
  • नेचर एकोलोजी एंड एवोल्यूशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार दनाकिल (Danakil) पर सक्रिय और स्वाभाविक रूप से चलने वाला जीवन संभव नहीं है।

दनाकिल डिप्रेसन उत्तरी-पूर्वी इथियोपिया में अवस्थित है तथा विश्व का सबसे गर्म स्थान के साथ-साथ विश्व के सबसे गहरे स्थानों में से एक है जिसकी गहराई समुद्र तल से 100 मीटर है। इसे रिफ्ट घाटी के उत्तरी छोर पर अवस्थित लाल सागर से एक सक्रिय ज्वालामुखी द्वारा अलग किया जाता है। इस मैदान का निर्माण एक अंतःस्थलीय जल निकाय के वाष्पीकरण द्वारा हुआ था। दनाकिल में प्रवेश करने वाला सारा जल वाष्पित हो जाता है और यहाँ से जल की कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। यहाँ लगभग 10 लाख टन से अधिक लवण की मात्रा विद्यमान है।

  • बाल्टिक देशों में यूरोप का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और बाल्टिक सागर के पूर्वी किनारे पर स्थित देश एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया शामिल हैं।बाल्टिक देश पश्चिम और उत्तर में बाल्टिक सागर से घिरे हुए हैं जिसके नाम पर क्षेत्र का नाम रखा गया है।

वर्ष 1991 में इन देशों की चुनी हुई तत्कालीन सरकारों ने जनता के भारी समर्थन के साथ सोवियत संघ सोशलिस्ट रिपब्लिक (Union of Soviet Socialist Republics-USSR) से स्वतंत्रता की घोषणा की।

  • बाल्टिक क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध नहीं है। हालाँकि एस्टोनिया खनिज तेल उत्पादक है लेकिन इस क्षेत्र में खनिज और ऊर्जा संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है।

बाल्टिक अर्थव्यवस्था के लिये कृषि बहुत महत्त्वपूर्ण व्यवसाय है। आलू, अनाज और चारे की फसलों का उत्पादन, डेयरी और पशुपालन आदि यहाँ की प्रमुख आर्थिक गतिविधियाँ हैं।

  • इंडोनेशिया में अवस्थित कावाह इजेन ज्वालामुखी को प्रायः 'ब्लू ज्वालामुखी' के नाम से जाना जाता है। यह परिघटना 360०C से ऊपर के तापमान पर वायुमंडलीय ऑक्सीजन के साथ ज्वालामुखी की सल्फ्यूरिक गैसों के दहन के कारण होती है।

ज्वालामुखी के शीर्ष पर कावाह इजेन क्रेटर झील विश्व का सबसे बड़ा जल निकाय है जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से भरा हुआ है। मौना लोआ ज्वालामुखी संयुक्त राज्य के हवाई में अवस्थित दुनिया का सबसे बड़ा ज्वालामुखी है, जबकि माउंट फूजी जापान में अवस्थित है।

  • मैगलन जलडमरूमध्य की खोज के 500 वर्ष पुरे हुए।

मैगलन जलडमरूमध्य दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के दक्षिणी किनारों के साथ स्थित है, इसका कुछ भाग अर्जेंटीना से और शेष भाग दक्षिणी चिली से लगा हुआ है। यह जलडमरूमध्य अटलांटिक एवं प्रशांत महासागर को जोड़ता है।

इस जलडमरूमध्य का नाम फर्डिनेंड मैगलन के नाम पर रखा गया है जिन्होंने वर्ष 1520 में इसकी खोज की थी। मैगलन जलडमरूमध्य पर स्थित चिली का बंदरगाह शहर पुंटा एरेनास (Punta Arenas) पनामा नहर बनने से पूर्व व्यापारिक मार्गों की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण था। यह जलडमरूमध्य दक्षिण अमेरिका के मुख्य भू-भाग एवं टिएरा डेल फ्यूगो द्वीपसमूह के द्वीपों द्वारा घिरा है।

  • फर्डिनेंड मैगलन पुर्तगाल का प्रसिद्ध अन्वेषक था।

लगभग 500 साल पहले वह दुनिया की खोज के साहसिक कार्य पर रवाना हुआ था जो दुनिया भर में पहली बार अन्वेषण के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। पृथ्वी की खोज का श्रेय मैगलन को ही दिया जाता है। जलडमरूमध्य को पार करते हुए मैगलन और उसके चालक दल ने दक्षिणी गोलार्द्ध से नग्न आँखों से दिखाई देने वाली दो आकाशगंगाओं का अवलोकन किया था जिसे अब मैगलैनिक बादल (Magellanic Clouds) के रूप में जाना जाता है।[१] उसने 'मसाला द्वीप' (मलेशिया का मलुकु द्वीप) के लिये पश्चिम से होकर मार्ग खोजने में स्पेन के राजा चार्ल्स प्रथम की सहायता की थी। वह अपने साथियों के साथ पृथ्वी का चक्कर लगाने को निकला था लेकिन फिलीपींस के आदिवासियों द्वारा मैगलन की हत्या कर दी गई। जिसके पश्चात् उसके साथियों ने शेष यात्रा तय की। ब्रह्मांड के बारे में यूरोपियों के ज्ञान में यात्रा इस ने भी अहम योगदान दिया है। मैगलैनिक बादल Magellanic Clouds ये दो अनियमित आकाशगंगाओं, बड़े मैगलैनिक क्लाउड ( Large Magellanic Cloud- LMC) और स्मॉल मैगलैनिक क्लाउड (Small Magellanic Cloud- SMC) से मिलकर बने हैं जो प्रत्येक 1,500 मिलियन वर्षों में एक बार मिल्की वे की परिक्रमा करते हैं। मैगलैनिक बादलों ने दूर के ब्रह्मांड की हमारी समझ में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • सीरिया का अलेप्पो शहर

सीरिया के अल्लेपो शहर के सदियों पुराने बाज़ार जो वर्षों के निरंतर संघर्ष के कारण तबाह हो गए थे धीरे-धीरे फिर से स्थापित किये जा रहे हैं। अलेप्पो के केंद्र में स्थित ऐतिहासिक ओल्ड सिटी में लगभग आठ साल से गृहयुद्ध जारी था। सरकारी बलों ने दिसंबर 2016 में घेराबंदी करके इसे विद्रोहियों के नियंत्रण से हासिल कर लिया। अलेप्पो के पूर्वी हिस्से और ओल्ड सिटी, जो कि अब खंडहर हैं, यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल हैं। यहाँ के बाज़ारों का नेटवर्क जो लगभग 1300 ईस्वी से निरंतर चला आ रहा था इस गृहयुद्ध के दौरान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया जिसके कारण इसका लगभग एक-तिहाई हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया। वर्तमान में इसका अधिकांश हिस्सा ब्लास्ट किये गए गुंबद, बिना दीवारों या छतों की दुकानें आदि से बना है। यहाँ के योजनाकारों को उम्मीद है कि बाज़ार के खंडों के पुनर्निर्माण और कुछ दुकानों को पुनः खोलने से अंततः बाज़ार पुनर्जीवित किया जा सकता है। कुछ ऐसी दुकानों को भी खोला जा रहा है जो मध्यकाल से बंद पड़ी थीं। युद्ध से पहले ऐतिहासिक स्थान सीरिया पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता था, पर्यटक यहाँ से भोजन, मसाले, कपड़ा, साबुन, तेल एवं अन्य हस्तशिल्प सामग्रियों की खरीदारी करते थे। आगा खान फाउंडेशन (Aga Khan Foundation) के चार लाख डॉलर फंडिंग के साथ इसके नवीनीकरण में लगभग आठ महीने लगे हैं। पृष्ठभूमि सीरिया में बीते आठ सालों से गृहयुद्ध जारी है। इदलिब शहर के अलावा उत्तरी हमा और पश्चिमी अलेप्पो विद्रोहियों का आखिरी गढ़ बना हुआ है। सीरिया और तुर्की के बीच हुए समझौते से लगभग 27 लाख लोगों को हवाई हमलों से राहत मिली थी।

  • माउंट एटना (Mount Etna)

हाल ही में इटली के सक्रिय ज्वालामुखी माउंट एटना (Mount Etna) से लावा और धुआँ निकलने के कारण वहाँ का जन-जीवन प्रभावित हुआ। ज्वालामुखी के उद्गार से करीब 15 किलोमीटर तक लावा फैल गया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स एंड वलकैनोलॉजी के अनुसार, जून के प्रारंभ में भी यह सक्रिय हुआ था। इससे पहले दिसंबर 2012 में भी इस ज्वालामुखी से लावा निकलने की जानकारी प्राप्त हुई थी। माउंट एटना (Mount Etna) यूरोप का सबसे ऊँचा और सक्रिय ज्वालामुखी है। यह इटली में सिसली के पूर्वी तट पर स्थित है और इटली का सबसे ऊँचा पर्वत है। संयुक्त राष्ट्र ने माउंट एटना को डिकेड वोल्केनो का खिताब दिया है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी शामिल किया है। यह ज्वालामुखी लगभग 3326 मीटर ऊँचा है। यह अफ्रीकन प्लेट और यूरेशियन प्लेट की सीमा पर स्थित है।

माउंट पाएकटु/पाइकटु (Mt. Paektu)एक ज्वालामुखी पर्वत है जिसमें लगभग हज़ार वर्षो पहले उद्गार हुआ था।

यह कोरिया लोकतांत्रिक गणराज्य (Democratic People’s Republic of Korea’s- DPRK) और चीन के बीच सीमा पर स्थित है।
कोरियाई लोगों द्वारा पवित्र माना जाता है क्योंकि वे इसे कोरियाई राज्य के आध्यात्मिक मूल के रूप में मानते हैं।

लगभग 9,000 फीट की ऊँचाई पर अवस्थित यह कोरियाई प्रायद्वीप की सबसे ऊँची चोटी भी है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रगान में भी माउंट पाएकटु/पाइकटु का संदर्भ दिया गया है।

ज्वालामुखीय पर्वत ज्वालामुखी के उद्गार से निस्तृत लावा और राख चूर्ण के संग्रह से ज्वालामुखी पर्वत का निर्माण होता है। ज्वालामुखी पर्वतों की ढाल मुख्य रूप से लावा के स्वभाव तथा विखंडित पदार्थों की मात्रा पर आधारित होती है। विश्व के प्रमुख ज्वालामुखी पर्वत:

  1. किलमंजारों (अफ्रीका),
  2. कोटापेक्सी (एंडीज),
  3. माउंट रेनियर, हुड और शास्ता (संयुक्त राज्य अमेरिका),
  4. फ्यूजीयामा (जापान),
  5. विसूवियस (इटली),
  6. एकांकागुआ (चिली)
  • न्यूज़ीलैंड के व्हाइट आइलैंड पर हुए ज्वालामुखी विस्फोट के कारण कुछ पर्यटकों की मौत हो गई।

व्हाइट आइलैंड एक सक्रिय ऐंडेसाइट स्ट्रेटो ज्वालामुखी (Andesite Strato Volcano) है, जो न्यूज़ीलैंड के उत्तरी द्वीप के पूर्वी तट से 30 मील की दूरी पर प्लेंटी की खाड़ी (Bay of Plenty) में स्थित है।

स्ट्रेटो ज्वालामुखी:-इसे समग्र ज्वालामुखी के रूप में भी जाना जाता है,यह एक शंक्वाकार ज्वालामुखी है जो कठोर लावा,टेफ्रा,प्यूमिस और राख की कई परतों द्वारा निर्मित होता है।
सक्रिय ज्वालामुखी:-वे ज्वालामुखी जिनसे समय-समय पर मैग्मा निकलता रहता है या वर्तमान में उद्गार हो रहे हैं जैसे- लिपारी द्वीपसमूह (इटली) का स्ट्राम्बोली (भूमध्यसागर का प्रकाश स्तंभ)

व्हाइट आइलैंड न्यूज़ीलैंड का सबसे सक्रिय शंकु ज्वालामुखी है जिसका लगभग 70% हिस्सा समुद्र के नीचे स्थित है। व्हाइट आइलैंड ताऊपो ज्वालामुखी क्षेत्र (Taupo Volcanic Zone) का हिस्सा है, ताऊपो ज्वालामुखी क्षेत्र न्यूज़ीलैंड के उत्तरी द्वीप में एक ज्वालामुखी क्षेत्र है जो पिछले दो मिलियन वर्षों से सक्रिय है।

20 फरवरी,1992 को व्हाइट आइलैंड ज्वालामुखी को न्यूज़ीलैंड का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी घोषित किया गया था।

वर्ष 1769 के आसपास पहली बार ‘जेम्स कुक’ ने इस द्वीप की खोज की थी। इस द्वीप को माओरी (न्यूज़ीलैंड के मूल निवासी) लोगों द्वारा ‘व्हाकारी’ (Whakaari) नाम दिया गया है। 1920 के दशक में खनन के दौरान इमारतों के अवशेष मिलने से यह आइलैंड एक पर्यटक आकर्षण केंद्र बन गया जो हर साल 17,000 से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करता है।

  • मॉरिटानिया के तट पर शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव के पलट जाने से लगभग 58 शरणार्थियों की मृत्यु हो गई।

मॉरिटानिया अफ्रीका के अटलांटिक तट पर स्थित है तथा यह उत्तर-पश्चिम में सहारा मरुस्थल,उत्तर-पूर्व में अल्जीरिया,पूर्व और दक्षिण-पूर्व में माली तथा दक्षिण-पश्चिम में सेनेगल से घिरा हुआ है। यह अफ्रीका महाद्वीप का 11वाँ सबसे बड़ा देश है तथा इसमें बड़े पैमाने पर रेगिस्तान शामिल है। इसकी राजधानी नौआकोट है तथा इसे फ्राँस से 28 नवंबर, 1960 को स्वतंत्रता मिली। यह संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ का सदस्य है। विशेषताएँ:-इस क्षेत्र की सबसे प्रमुख विशेषता ‘गुलब एर रिचाट’ (Guelb er Richat) है, जिसे ‘सहारा की आँख’ (Eye Of Sahara) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक गहरी क्षत-विक्षत गुंबद है जिसमें अंतर्वेधी एवं बहिर्वेधी दोनों प्रकार की आग्नेय चट्टानें पाई जाती हैं।

अल्बानिया
  • अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार 6.4 तीव्रता के साथ आये भूकंप का केन्द्र राजधानी तिराना से 30 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।

दुर्रेस सर्वाधिक प्रभावित शहर,उसके बाद कुर्बिनतथा उत्तरी शहर लेज्हाहै। अल्बानिया के राष्ट्रपति इलिर मेटा ने थुमाने की स्थिति को काफी गंभीर बताया।प्रधानमंत्री एदी रमा।

इससे पहले साल 1979 में 6.9 तीव्रता के भूकंप में 136 लोगों की जान गई थी और क़रीब एक हज़ार लोग घायल हुए थे।
उत्तर-पूर्वी यूरोप के बाल्कन प्रायद्वीप में स्थित इस छोटे से पहाड़ी देश जिसकी राजधानी तिराना,यहाँ का सबसे बड़ा शहर भी है।
इसकी स्थलीय सीमाएँ उत्तर में मोंटेनेग्रो,उत्तर-पूर्व में सर्बिया (कोसोवो),पूर्व में मैसीडोनिया गणराज्य तथा दक्षिण-पश्चिम में ग्रीस से मिलती हैं।
अल्बानिया,क्रोएशिया और इटली के साथ समुद्री सीमाएँ भी साझा करता है।पश्चिम में एड्रियाटिक और आयोनियन सागर में इसकी तटीय सीमा है।

बाल्कन देश:-सर्बिया, मोंटेनेग्रो,बुल्गारिया,रोमानिया,अल्बानिया,ग्रीस,स्लोवेनिया,क्रोएशिया, बोस्निया- हर्ज़ेगोविना, मैसीडोनिया, कोसोवो। अल्बानिया ने वर्ष 2009 में नाटो (NATO) की सदस्यता प्राप्त की।

  • माउंट एटना(द.इटली)और माउंट सिनाबंग(प.इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप)ज्वालामुखी में विस्फोट-

माउंट एटना इटली के सिसिली द्वीप के पूर्वी तट पर स्थित एक सक्रिय मिश्रित ज्वालामुखी है। यह अफ्रीकी प्लेटऔर यूरेशियन प्लेट के मध्य अभिसारी प्लेट सीमा पर अवस्थित है। यह काकेशस पर्वत श्रृंखला के बाहर यूरोप का सर्वाधिक सक्रिय ज्वालामुखी है। माउंट सिनाबंग:-यह उत्तरी सुमात्रा के कारो रीजेंसी के कारो पठार पर अवस्थित एक मिश्रित ज्वालामुखी है। इंड़ोनेशिया में सर्वाधिक लगभग 130 सक्रिय ज्वालामुखी है।

ज्वालामुखी विस्फोट क्षेत्र
मयोटे द्वीप फ्रांस,पश्चिमी हिंद महासागर
माउंट अगुंग,माउंट सोपुतन,अनाक क्राकाटाओ द्वीप इंडोनेशिया
  • ऑस्ट्रेलिया की विशाल लाल एकाश्मक (Monolith) उलुरु चट्टान को सरकार द्वारा ट्रैकिंग के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
आयर्स रॉक (Ayers Rock) के नाम से जानेजानेवाले इस चट्टान इस चट्टान का ऑस्ट्रेलिया की स्थानीय जनजाति अनांगु (Anangu) समुदाय में विशेष आध्यात्मिक महत्त्व है।
लगभग 0.5 अरब वर्ष पुरानी बलुआ पत्थर से निर्मित यह चट्टान ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है।जिसकी ऊँचाई लगभग 348 मीटर है तथा परिधि 9.4 किमी. है।

उलुरु की अवस्थिति:

मध्य ऑस्ट्रेलियाई रेगिस्तान में स्थित एक विशाल लाल एकाश्मिक चट्टान है।
आयर्स रॉक को वर्ष 1950 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था।

वर्ष 1993 में इसका नाम परिवर्तित कर उलुरु-काटा तजुता राष्ट्रीय उद्यान (Uluru-Kata Tjuta National Park) कर दिया गया।

उलुरु-काटा तजुता राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में सूचीबद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थल है।
  • रूस में सखालिन ऑयल फील्ड (Sakhalin Oil Field)

24 अक्तूबर 2019 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री ने इस क्षेत्र का दौरा किया।

सखालिन ऑयल प्रोजेक्ट भारत तथा रूस की संयुक्त परियोजना है जिसके तहत रूस के साथ ऊर्जा संबंध विकसित किया गया है।

सखालिन-1 प्रोजेक्ट में ओएनजीसी (Oil and Natural Gas Corporation- ONGC) विदेश लिमिटेड की 20% हिस्‍सेदारी है। रूस की परियोजना में किसी भी देश द्वारा यह सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। यह तेल एवं प्राकृतिक गैस उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। सखालिन द्वीप:

यह उत्तरी प्रशांत महासागर में ओखोटस्क सागर तथा ततर जलसंधि के मध्य स्थित रूस का सबसे बड़ा द्वीप है।
ततर जलसंधि रूस की मुख्य भूमि को सखालिन द्वीप से अलग करती है।
ला- पैरोज जलसंधि या सोया जलसंधि सखालिन द्वीप को जापान के होकैडो द्वीप से अलग करती है।
तेल एवं गैस उत्पादक क्षेत्र होने के कारण यह रूस तथा जापान के बीच विवादित क्षेत्रों में से एक है।
  • न्यूज़ीलैंड पहला वेल-बीइंग बजट घोषित करने वाला विश्व का पहला देश है। यह अवधारणा दीर्घकालिक उपायों के स्थान पर ऐसे उपाय अपनाने का समर्थन करती है जिसका परिणाम अल्पकालिक अवधि में प्राप्त हो।

इन अल्पकालीन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु इस वर्ष (2019) कुछ प्राथमिकताओं को तय किया गया है जैसे- न्यूज़ीलैंड की अर्थव्यवस्था को न्यून लेकिन सतत्त रूप से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में परिवर्तित करना, डिजिटल युग में संपन्न देशों का समर्थन करना, बालग़रीबी को कम करना, माओरी और पैसिफिक आय (Māori and Pacific Income), कौशल, एवं अवसर की अवधारणा को हटाना और न्यूज़ीलैंड के प्रत्येक निवासी हेतु मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) की उपलब्धता को सुनिश्चित करना। भूटान की सकल राष्ट्रीय खुशहाली का मापन मनोवैज्ञानिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, समय का उपयोग, सांस्कृतिक विविधता, सुशासन, सामुदायिक जीवन शक्ति, पारिस्थितिक विविधता और जीवन स्तर पर आधारित होता है।

तुलागी द्वीप
  • तुलागी द्वीप (Tulagi Island):- बीजिंग स्थित एक कंपनी ने गुप्त समझौते के तहत तुलागी द्वीप (Tulagi Island) और उसके आसपास के क्षेत्र के लिये विशेष विकास अधिकार (Exclusive Development Rights) प्राप्त किये हैं।
तुलागी द्वीप, सोलोमन द्वीपसमूह के अंतर्गत दक्षिणी प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका के मध्य अवस्थित है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान (वर्ष 1942) द्वारा नष्ट किये जाने से पहले यह ब्रिटिश सोलोमन द्वीप की प्रशासनिक राजधानी थी।

चीन और सोलोमन के बीच संबंध:-सोलोमन ने ताइवान से अपने संबंधों को समाप्त कर दिया तथा समझौते से कुछ दिन पहले चीनके साथ राजनीतिक संबंधों की शुरुआत है। कॉर्पोरेट रिकॉर्ड के अनुसार 75 वर्षीय पट्टे को चीन सैम एंटरप्राइज ग्रुप को दिया गया था, जिसे वर्ष 1985 में राज्य स्वामित्व वाले उद्यम के रूप में स्थापित किया गया था। इस समझौते में मत्स्य उत्पादन,संचालन केंद्र तथा हवाई अड्डे के निर्माण के प्रावधान शामिल हैं।

अमेरिका का दृष्टिकोण:-दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के द्वीप समुद्री मार्गों की निगरानी तथा सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण होने के कारण,यह अमेरिकी अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है। दक्षिण प्रशांत क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है तथा यहाँ पर चीन द्वारा किये गये निवेश से अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया चिंतित हैं क्योंकि यह बीजिंग को जहाज़ों,विमानों एवं जीपीएस के साथ-साथ सैन्य अड्डे की स्थापना व उसके विस्तार का अवसर दे सकता है।
  • बोर्नियो द्वीप के पूर्वी कालीमंतन प्रांत (East Kalimantan province) को इंडोनेशिया की नई राजधानी बनाया जाएगा।

हाल ही में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति द्वारा इसकी घोषणा की गई।वर्तमान में जकार्ता इंडोनेशिया की राजधानी है। जकार्ता 1 करोड़ लोगों की आबादी वाला सबसे बड़ा इंडोनेशियाई शहर है और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले द्वीप जावा के उत्तरी-पश्चिमी तट पर स्थित है।

इंडोनेशिया का मानचित्र

राजधानी स्थानांतरण का कारण जकार्ता शहर धीरे-धीरे पानी में डूबता जा रहा है, कुछ सालों में इस शहर के पूरी तरह जलमग्न हो जाने की संभावना जताई जा रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण जावा सागर का जल स्तर बढ़ रहा है और मौसम की घटनाएँ अधिक विषम होती जा रही हैं। इसके अलावा यातायात की गंभीर समस्या भी दिन-ब-दिन और विकराल रूप धारण करती जा रही हैं। जकार्ता दुनिया के सबसे तेजी से डूबते शहरों में से एक है। इन्हीं सब समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इंडोनेशिया बोर्नियो द्वीप को अपनी नई राजधानी बनाने की योजना बना रहा है। हालाँकि इंडोनेशिया ही इकलौता ऐसा देश नहीं है जो अपनी राजधानी बदलने की योजना बना रहा है, इससे पहले भी कई देश जैसे- कज़ाखस्तान, नाइजीरिया, म्याँमार, बोलीविया, ब्राज़ील ने अपनी राजधानी को स्थानांतरित कर चुके हैं। पुनर्वास स्थल Site of Relocation पूर्वी कालीमंतन जकार्ता से लगभग 1,400 किमी दूर बोर्नियो द्वीप पर स्थित है। खनिज समृद्ध पूर्वी कालीमंतन कभी लगभग पूरी तरह से वर्षावनों द्वारा आच्छादित था।

  • भारत के प्रधानमंत्री को UAE का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ऑर्डर ऑफ ज़ायद प्रदान किया जाएगा।

इसकी घोषणा UAE के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन ज़ायेद अल नहयान ने की। यह सम्मान दोनों देशों के बीच रिश्तों और रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिये दिया जा रहा है। ‘ज़ायद मेडल’ UAE का सर्वोच्च सम्मान है जो बादशाहों, राष्ट्रपति और राष्ट्र प्रमुखों को दिया जाता है। वर्ष 2007 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, वर्ष 2010 में ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ, वर्ष 2016 में सऊदी के शाह सलमान बिन अब्दुल्लाअज़ीज़ अल सऊद और वर्ष 2018 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैं। प्रधानमंत्री मोदी 24 और 25 अगस्त को बहरीन की राजकीय यात्रा पर रहेंगे जहाँ वे श्रीनाथजी के मंदिर के जीर्णोद्धार का शुभारंभ करेंगे।

चीन में क्रिप्टोकरेंसी एक चीनी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (People’s Bank of China- PBoC) अपनी क्रिप्टोकरेंसी जारी कर सकता है।

चीन के वित्त 40 फोरम द्वारा सप्ताहांत में आयोजित एक कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, चीन बैंक के शोधकर्त्ता पिछले साल से इस पर गहनता से काम कर रहे हैं। यह क्रिप्टोकरेंसी (डिजिटल मुद्रा) युआन के संचालन एवं अंतर्राष्ट्रीयकरण का समर्थन करेगी। क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) यह एक डिज़िटल या क्रिप्टोकरेंसी है जिसमें सुरक्षा के लिये क्रिप्टोग्राफी तकनीक उपयोग में लाई जाती है। इसकी सुरक्षा वैशिष्ट्य के कारण इसका जाली रूप बनाना मुश्किल है। इसे किसी केंद्रीय या सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया जाता है। अतः सैद्धांतिक रूप से यह सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त है। वर्ष 2009 में किसी समूह या व्यक्ति ने सतोशी नाकामोतो के छद्म नाम से ‘बिटकॉइन’ के नाम से पहली क्रिप्टोकरेंसी बनाई।

एरिया 51 नेवादा रेगिस्तान में स्थित अमेरिकी सेना का गुप्त ठिकाना माने जाने वाले एरिया 51 पर प्रवेश करने के लिये हज़ारों लोगों ने एक फेसबुक कार्यक्रम ‘Storm Area 51’ पर हस्ताक्षर किये हैं।

‘Shitposting cause im in shambles’, ‘SmyleeKun’ और ‘The Hidden Sound’ नाम के तीन फेसबुक पेज़ ने मिलकर एक इवेंट बनाया और उसका नाम दिया ‘Storm Area 51’ जिसका अर्थ है एरिया 51 में घुसपैठ। इसकी टैगलाइन Storm Area 51, They Can’t Stop All of Us है। यह क्षेत्र (Area 51) आधिकारिक तौर पर नेवादा टेस्ट एवं प्रशिक्षण रेंज के रूप में जाना जाता है, जो नेलिस वायु सेना बेस न(Nellis Air Force Base) का हिस्सा है और इसका उपयोग अमेरिकी वायु सेना के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यहाँ एलियन पर शोध किया जाता है तथा यहाँ पर एलियन आते हैं। कुछ साल पहले तक अमेरिका ऐसी किसी जगह के वज़ूद से ही इनकार किया करता था। लेकिन वर्ष 2013 में अमेरिका ने कुछ दस्तावेजों को सार्वजनिक कर ये मान लिया है कि ‘एरिया-51’ उसका स्पेशल टेस्टिंग एरिया है, जहाँ अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (Unidentified flying object- UFO) जैसी चीजों पर भी परीक्षण किया जाता है।


मलेशिया के कुचिंग (Kuching) में अंतर्राष्ट्रीय स्थानीय फिल्म महोत्सव आयोजित। इस महोत्सव में भारत के स्थानीय समुदायों पर आधारित चार फिल्में- दिबि दुर्गा, नियमगिरि- द माउन्टेन ऑफ़ लॉ द्वारा सूर्यशंकर दास (ओडिया), शॉट अवेक एवं स्ट्रेंग्थ इन डाइवर्सिटी प्रदर्शित की गईं। इस महोत्सव में स्थानीय समुदायों के सहयोग से स्थानीय फिल्म निर्माताओं द्वारा बनाई गई फिल्मों को दिखाया गया है, जिसमें एक बड़ी तथा विभिन्न प्रकार की स्थानीय जनजातियों एवं उनकी संस्कृतियों, मुद्दों, समस्याओं आदि को रेखांकित किया गया है। इस महोत्सव का उद्देश्य दुनिया भर से स्वदेशी/स्थानीय समुदायों के लिये एक मंच, एक संवाद, सहयोग तथा शोषणकारी ताकतों के खिलाफ एकजुटता, प्रतिरोध और सक्रियता के रूप में सिनेमा का उपयोग करना है। भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय स्वदेशी फिल्म महोत्सव 2019 ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित किया गया था।


विकास क्षमताओं का निर्माण करने के लिये भारत की सहायता से कोत दिव्वार/आइवरी कॉस्ट (Cote d’Ivoire) में महात्मा गांधी आईटी और बायो-टेक्नोलॉजी पार्क (एक समर्पित मुक्त व्यापार क्षेत्र) का उद्घाटन किया गया है। MGIT-BP परियोजना की कुल लागत लगभग 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर है और इसे भारत की सहायता से बनाया जा रहा है। MGIT-BP परियोजना मुख्यतः दो भागों में विभाजित है, पहले भाग में FTZ बनाने के लिये उसके आर्किटेक्चर और डिज़ाइन को शामिल किया गया है, वहीं दूसरे भाग में आईटी उद्यमों के लिये मुख्य भवन निर्माण को शामिल किया गया है।

लामू द्वीप: जनवरी 2019 में सोमालिया के अल-शबाब समूह ने केन्या के तट पर लामू में संयुक्त राज्य अमेरिका और केन्याई सेना द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले सैन्य अड्डे पर हमला किया।हिंद महासागर में केन्या के पूर्वी तट पर अवस्थित इस द्वीप को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।

सबांग द्वीप: भारत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के नज़दीक इंडोनेशिया के सबांग द्वीप में अपने पहले डीप-सी पोर्ट का विकास कर रहा है।यह अंडमान द्वीप समूह से लगभग 710 किमी. दूरी पर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है और मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार से इसकी दूरी 500 किमी. से भी कम है, जिसके माध्यम से भारत का लगभग 40% व्यापार होता है।

रीयूनियन द्वीप: जनवरी 2019 में भारत और फ्रॉंस ने अपने पारस्परिक सैन्य रसद समर्थन समझौते का संचालन शुरू कर दिया है।इसके तहत भारतीय युद्धपोत हिंद महासागर में मेडागास्कर के निकट रीयूनियन द्वीप समूह जैसे फ्रॉंसीसी ठिकाने और हॉर्न ऑफ अफ्रीका पर जिबूती तक पहुँच सकते हैं। हाल ही में फ्रॉंसीसी राष्ट्रपति ने यह भी घोषणा की है कि दक्षिणी हिंद महासागर में फ्रॉंस के साथ निगरानी मिशन में शामिल होने के लिये भारत फ्रॉंस के रीयूनियन द्वीप पर एक नौसेना विमान तैनात करेगा। रीयूनियन द्वीप फ्रॉंसीसी क्षेत्र है, जो मेडागास्कर के पास हिंद महासागर में स्थित है।

सोकोत्रा द्वीप: यमन के कई नागरिकों ने इस द्वीप के सबसे बड़े शहर और इसकी राजधानी हदीबू में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। UAE, सोकोत्रा में अधिक प्रभाव स्थापित करना चाहता है और इसके लिये UAE ने वहाँ एक सैन्य अड्डा बनाया है, संचार नेटवर्क स्थापित किया है तथा अन्य विकास परियोजनाओं पर भी कार्य कर रहा है। सोकोत्रा तक रणनीतिक पहुँच के चलते UAE को अपने वैश्विक व्यापार मार्गों का विस्तार करने में सहायता मिलेगी। यह यमन की मुख्य भूमि से 220 मील की दूरी पर स्थित है तथा एक यूनेस्को-संरक्षित स्थल है। इसे प्राय: हिंद महासागर का गैलापागोस कहा जाता है और यहाँ लगभग 800 दुर्लभ जानवर और पौधों की प्रजातियाँ पाई जाती है।

  • नीदरलैंड के हेग (Hague) में वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन के9वाँ संस्करण आयोजन।
इस शिखर सम्मेलन की थीम थी-'द फ्यूचर नाउ' (The Future Now)
इसकी मेज़बानी अमेरिका और नीदरलैंड द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। यह यूरोपीय संघ (European Union) में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का पहला संस्करण है।
इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के उद्यमियों और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों तथा संस्थानों की सहायता करना है जो वैश्विक चुनौतियों के लिये अभिनव समाधान पेश करते हैं।
शिखर सम्मेलन का प्रमुख ध्यान जल,कृषि,स्वास्थ्य सेवा,कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित पाँच वैश्विक चुनौतियों पर केंद्रित है।
8वें संस्करण की मेज़बानी नीति आयोग द्वारा हैदराबाद में28-30 नवंबर2017 अमेरिकी सरकार के साथ साझेदारी में की गई थी।इसके पहले संस्करण का आयोजन 2010 में वाशिंगटन में किया गया था।
  • ब्राज़ील और अर्जेंटीना के जीवाश्म विज्ञानियों को हाल ही में दक्षिणी ब्राज़ील पराना स्टेट (Parana State) के क्रूज़िरो डो ओस्टे (Cruzeiro do Oeste) म्यूनिसिपैलिटी में मांसाहारी डायनासोर (वेस्पेसॉरस पैरानेंसिस- Vespersaurus paranaensis) के जीवाश्म प्राप्त हुए हैं।

मरुस्थल में रहने वाले मांसाहारी डायनासोर संभवतः 90 मिलियन वर्ष पहले पाए जाते थे।छोटे शिकार को पकड़ने के लिये ये डायनासोर पंजे का इस्तेमाल करते थे। वेस्पेसॉरस दो पैरों वाला मांसाहारी टेरोपॉड था, इस समूह की दो और ज्ञात प्रजातियाँ हैं- टायरानोसॉरस (Tyrannosaurus) और वेलोसिरैप्टर (Velociraptor)। इसी प्रजाति के डायनासोर के पैरों के निशान की खोज वर्ष 1970 के दशक में ब्राज़ील के क्रूज़िरो डो ओस्टे (Cruzeiro do Oeste) में की गई थी जिसके अवशेष अब प्राप्त हुए हैं। डायनासोर के अवशेष से अनुमान लगाया जा रहा है कि पराना का उत्तरपूर्वी क्षेत्र कभी रेगिस्तान रहा होगा जहाँ की जलवायु वेस्पेसॉरस के अनुकूल थी।

  • नागरी का ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर

दो दशकों तक एक जीर्ण-शीर्ण अवस्था में रहने के बाद नागरी शहर (चेन्नई) के बीचों-बीच 54 साल पुराना क्लॉक टॉवर (Clock Tower) फिर से चलाया जाएगा। वर्ष 1965 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की याद में उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर टाउन के बीच में बनाया गया था।ए.के. वेंकट रमना, उर्फ थम्बा नायडू द्वारा निर्मित यह टॉवर नागरी नगरपालिका का प्रमुख स्मारक बन गया है। नायडू कैनेडी के बहुत बड़े प्रशंसक थे तथा उस समय के एक गाँव नागरी (Nagari) के सरपंच थे।नागरी में प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सैन्य आंदोलनों तथा ब्रिटिश राज की गतिविधियों का केंद्र था।

इम्फाल युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था। यह युद्ध जापानी आक्रांताओं और ब्रिटिश भारत के मध्य लड़ा गया था। इस युद्ध को इम्फाल के समीप मेबम लोकपा चिंग (Maibam Lokpa Ching) जिसे लाल घाटी (Red Hill) भी कहा जाता है, में लड़ा गया था। सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी (Indian National Army) के साथ लगभग 70,000 जापानी सैनिक मार्च से जून 1944 तक इम्फाल और कोहिमा के आस-पास के क्षेत्रों में ब्रिटिश नेतृत्व वाली मित्र सेना के साथ लड़ाई में शहीद हुए। इस दौरान आखिरी लड़ाई रेड हिल पर लड़ी गई थी। वर्ष 1994 में इस युद्ध की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर जापानी युद्ध स्मारक (Japanese War Memorial) बनाया गया था।

  • मुबंईमें 17 से 21 जून, 2019 को किम्बर्ले प्रक्रिया (Kimberley Process) की अंतर-सत्रीय बैठक का आयोजन किया गया।किम्बर्ले प्रक्रिया हीरे के दुरुपयोग को रोकने के लिये कई देशों,उद्योगों और नागरिक समाज की संयुक्त पहल है। यह ऐसे हीरों के व्यापार पर अंकुश लगाने की प्रव्रिया है जिनका इस्तेमाल विद्रोही गुटों द्वारा चुनी हुई सरकारों के खिलाफ संघर्ष एवं युद्ध के वित्तपोषण के लिये किया जाता है।

भारत, किम्बर्ले प्रक्रिया प्रमाणन योजना के संस्थापक सदस्यों में से एक है तथा वर्ष 2019 में इसकी अध्यक्षता भी कर रहा है।


  • माउंट टेंचेंखांगहाल ही में माउंट टेंचेंखांग (Mount Tenchenkhang) के पर्वतारोहण अभियान के लिये एनसीसी की 20 महिला कैडेट्स की एक टीम को रवाना की गई है।

माउंट टेंचेंखांग (6010 मी.) पश्चिमी सिक्किम में स्थित है और कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आता है जो प्राकृतिक सुंदरता, जैव-विविधता, झीलों तथा बर्फ से ढके पहाड़ों के लिये जाना जाता है।

सिंगापुर ने फ़र्ज़ी खबरों (Fake News) पर रोक लगाने के लिये एक कानून पारित किया है। इसमें फेक न्यूज़ के प्रकाशन को अपराध करार देते हुए सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह इस तरह की सामग्री पर रोक लगाने और हटाने का आदेश दे सकती है। इसका उल्लंघन करने वालों को 10 साल तक की जेल की सज़ा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसमें उन झूठी खबरों पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो सिंगापुर के लिये हानिकारक या चुनावों को प्रभावित कर सकती हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में मलेशियाफेक न्यूज़ को लेकर कानून लागू करने वाला पहला देश है।

अमेरिका ने हथियार कारोबार पर अंतर्राष्ट्रीय संधि से हटने का फैसला किया है। संयुक्त राष्ट्र शस्त्र व्यापार संधि पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2013 में हस्ताक्षर किये थे। चीन, रूस और अमेरिका ने इस संधि का अनुमोदन नहीं किया हैं। इस संधि के लागू होने के लिये इस पर हस्ताक्षर करने वाले 50 देशों द्वारा इसका समर्थन किया जाना आवश्यक है।

  • पश्चिमी अर्जेंटीना में 220 मिलियन वर्ष पुराना करीब एक दर्जन डायनासोरों के जीवाश्म (अवशेषों) ज्ञात

इनकी खोज पिछले साल सितंबर में ब्यूनस आयर्स के पश्चिम में लगभग 1,100 किलोमीटर (680 मील) दूर सैन जुआन प्रांत में हुई थी। अर्जेंटीना वर्षों से ट्रायसिक, जुरासिक और क्रेटेशियस युगों के जीवाश्मों का एक समृद्ध स्रोत रहा है।

लीबिया की राष्ट्रीय सेना (LNA) के प्रमुख जनरल खलीफा हफ़्ता ने राजधानी त्रिपोली पर आक्रमण कर दिया। खलीफा हफ़्ता की सेना ने पहले ही देश के पूर्वी क्षेत्र (तेल क्षेत्रों सहित) पर नियंत्रण कर लिया था। ऐसा माना जा रहा है कि जनरल को रूस और फ्राँस के अलावा मिस्र, सऊदी अरब तथा कुछ पश्चिम एशियाई देशों का समर्थन प्राप्त है।लीबिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की शुरुआत 15 फरवरी, 2011 को ही हो गई थी लीबिया में संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार, गवर्नमेंट ऑफ नेशनल एकॉर्ड (Government of National Accord-GNA) बनाई गई। वर्तमान में लीबिया की हालत दयनीय है। एक तरफ जहाँ LNA टोब्रुक-आधारित संसद की सहायता से लीबिया के पूर्वी हिस्से को नियंत्रित करती है, वहीं दूसरी तरफ GNA लीबिया के पश्चिमी भागों को त्रिपोली से नियंत्रित करती है। थाईलैंड में अप्रैल में आयोजित वाटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। प्रतिवर्ष सोंगक्रान (संक्रांति) के मौके पर थाईलैंड के अयुत्या में मनाए जाने वाले इस उत्सव में हाथियों के साथ पानी से जश्न मनाया जाता है। ऋतु परिवर्तन के प्रतीक रूप में मनाए जाने वाले इस उत्सव में देशभर में विभिन्न प्रकार के आयोजन किये जाते हैं तथा इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। माना जाता है कि ‘सोंगक्रान’ संस्कृत के शब्द ‘संक्रांति’ से बना है। यह उत्सव 5 दिन तक चलता है।

  • रूस ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया जाएगा।नरेंद्र मोदी को संयुक्त अरब अमीरात के सर्वोच्च नागरिक अवार्ड ‘जायद मेडल’ से सम्मानित किये जाने के कुछ ही समय बाद यह अवार्ड देने की घोषणा की गई है। यह सम्मान पाने वाले नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जबकि इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को यह सम्मान मिल चुका है।
  • सूडान की सेना ने तख्तापलट करते हुए राष्ट्रपति उमर-अल-बशीर को पद से हटाकर हिरासत में ले लिया। रक्षा मंत्री अवद इब्ने औफ ने सरकार के गिरने का एलान करते हुए बताया कि उनके स्थान पर अंतरिम सैन्य परिषद 2 साल के लिए शासन करेगी। तीन महीने के लिये देश में आपातकाल लगा दिया गया है तथा 2005 के संविधान को निलंबित कर दिया है। साथ ही, अगले आदेश तक देश की सीमाएं एवं हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया है। सैन्य परिषद ने देश में संघर्षविराम भी घोषित कर दिया है, जो युद्धग्रस्त दारफर, ब्लू नील और दक्षिण कुर्दफान में भी लागू होगा। सूडान में बशीर सरकार लंबे समय से जातीय विद्रोहियों से लड़ रही थी। बशीर भी 1989 में हुए तख्तापलट के बाद सत्ता में आए थे और वह अफ्रीका में सबसे लंबे समय तक राष्ट्रपति रहने वालों में शामिल हैं। वह नरसंहार और युद्ध अपराध के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में भी वांछित हैं।
  • अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत यूट्यूब का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ी से बढ़ रहा बाज़ार बन गया है।
  • ऑस्ट्रेलिया ड्रोन से खाद्य पदार्थों की डिलीवरी की मंज़ूरी प्रदान करनेवाला दुनिया का पहला देश बना।ऑस्ट्रेलिया के विमानन नियामक नागर विमानन सुरक्षा प्राधिकरण ने विंग एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को उत्तरी कैनबरा में ड्रोन से डिलीवरीकी अनुमति दी है। पि इन सप्लाई ड्रोन्स को मुख्य सड़क के ऊपर उड़ने की अनुमति नहीं है। पिछले 18 महीने से ड्रोन से आपूर्ति का परीक्षण करने वाली कंपनी विंग एविएशन गूगल की मूल कंपनी एल्फाबेट का ही एक हिस्स्सा है। फिलहाल केवल रिमोट संचालित ड्रोन से खाने के सामान, दवाओं और स्थानीय स्तर पर बनी कॉफी और चॉकलेट की डिलीवरी की जा रही है।

कुछ समय पूर्व न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च की दो मस्ज़िदों पर हुए हमले के बाद की संसद ने हथियार कानून में संशोधन कर सैन्य शैली के सभी तरह के स्वचालित और अर्द्ध-स्वचालित (Automatic & Semi-Automatic) हथियार रखने को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है। न्यूज़ीलैंड की संसद ने विधेयक को एक के मुकाबले 119 मतों से पारित कर दिया। न्यूज़ीलैंड के गवर्नर जनरल की मंज़ूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा। और इसके बाद अगर किसी के पास ऐसे हथियार पाए गए तो उसे पाँच साल तक की सज़ा हो सकती है। उत्तर प्रदेश में झांसी के निकट बबीना कैंट में 8 से 11 अप्रैल तक भारत और सिंगापुर के सैन्य बलों ने बोल्ड कुरुक्षेत्र-2019 नामक द्विपक्षीय सैन्याभ्यास में हिस्सा लिया।इस प्रकार के 12वें अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य प्रौद्योगिकी विकसित करने,समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को बढ़ावा देना है।

  • फिलीपींस के सबसे बड़े द्वीप लूज़ोन में पाई गई नई मानव प्रजाति का नाम होमो लूज़ोनेंसिस (Homo luzonensis) रखा गया है।
  • फिलीपींस में लूज़ोन द्वीप पर पाए गए दो वयस्कों और एक बच्चे की 13 हड्डियों और दाँतों के आधार पर ही इसे (होमो लुजोनेंसिस) को एक अलग प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • होमो लूज़ोनेंसिस प्रजाति कद में लगभग 3-4 फीट ऊँची थी और 50,000 से 67,000 साल पहले लूज़ोन द्वीप पर रहती थी। ये आधुनिक मनुष्यों के प्राचीन संबंधी (प्रत्यक्ष पूर्वज नहीं) हो सकते हैं।

ग्लोबल स्लैग कंपनी ऑफ द ईयर पुरस्कार[सम्पादन]

  • टाटा स्टील को नए अनुप्रयोगों के विकास में अभिनव प्रयास के लिये यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।[२]
  • जर्मनी में आयोजित 14वें ग्लोबल स्लैग सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी-2019 के दौरान यह पुरस्कार दिया गया।
  • यह पुरस्कार टाटा स्टील की स्थिरता और प्रतिबद्घता के प्रति वैश्विक मान्यता को प्रदर्शित करता है और इस मान्यता को बल देता है कि टाटा स्टील को स्थिरता और नवाचार के लंबे स्थायी सिद्धांतों पर स्थापित किया गया है।
  • ग्लोबल स्लैग कॉन्फ्रेंस विश्व के बड़े वार्षिक स्लैग इवेंट में से एक है, जिसमें प्रमुख स्टील निर्माता, स्टील मिल सेवा प्रदाता और संबंधित कंपनियाँ शामिल होती हैं।
  • अमेरिका ने ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

रवांडा नरसंहार के 25 साल[सम्पादन]

  • रवांडा के राष्ट्रपति ने किगाली नरसंहार स्मारक पर एक स्मरण ज्योति प्रज्ज्वलित की जहाँ रवांडा नरसंहार के 2,50,000 से अधिक पीड़ितों को दफनाया गया है।
  • रवांडा हर साल अप्रैल में अपने वार्षिक 100 दिनों के शोक की शुरुआत करता है जो तुत्सी अल्पसंख्यक के खिलाफ नरसंहार की याद दिलाता है।
  • रवांडा में लगभग 85% आबादी हुतस थी और बाकी 14% तुत्सी अल्पसंख्यक शामिल थे तथा 1% अन्य समुदाय के लोग थे।
  • 7 अप्रैल, 1994 को राष्ट्रपति जुवेनल हबरिमाना जो कि हुतु समुदाय के थे, की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद तुत्सी के अल्पसंख्यक समुदाय और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी।
  • 1994 में मात्र 100 दिनों में ही जातीय हुतु चरमपंथियों द्वारा रवांडा में लगभग 800,000 लोगों की हत्या कर दी गई थी। वे अल्पसंख्यक तुत्सी समुदाय के सदस्यों को निशाना बना रहे थे, साथ ही अपने राजनीतिक विरोधियों को, चाहे वे किसी भी जातिय और मूल के हों।
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायेद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'जायेद मेडल' से नवाज़ने का ऐलान किया है।
  • अरुणाचल प्रदेश के रोइंग ज़िले से भारतीय सेना के गश्ती दल ने 30 मार्च को अमेरिकी वायुसेना के एक विमान का मलबा खोज निकाला, जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है। सेना के गश्ती दल को विमान का मलबा पाँच फुट नीचे बर्फ में दबा मिला।
  • गुजरात के अहमदाबाद में सरखेज रोज़ा के पास स्थित अहमद सर झील,गुजरात के कई हिस्सों के साथ साथ यह भी गर्मी के मौसम के शुरुआती दिनों में पानी की भारी कमी का सामना कर रहा है।सरखेज रोज़ा 15 शताब्दी में बनी मस्जिद और संत अहमद खट्टू बख्श का मकबरा है,जो 14 वीं और 15 वीं शताब्दी के प्रारंभ में गुजरात के सत्तारूढ़ राजवंश के आध्यात्मिक सलाहकार थे।
  • ब्रुनेई में लागू होने वाला नए शरिया कानून के तहत समलैंगिक यौन संबंधों और व्यभिचार के दोषियों को संगसार करना(पत्थर मारकर मौत के घाट उतारना) तथा चोरी करने पर हाथ-पैर काटने जैसी सज़ा देना शामिल है। 51 वर्षों से ब्रूनेई के सुल्तान चले आ रहे हसनाल बोल्खिआ ने राजधानी बंदर सेरी बगवान में कहा कि देश में मज़बूत इस्लामिक शिक्षा का होना ज़रूरी है। दूसरी तरफ, ब्रूनेई की विवादास्पद नई दंड संहिता की आलोचना करते हुए यूरोपीय संघ ने कहा कि शरिया कानून के तहत स्वीकृत ‘क्रूर’ दंड प्रताड़ित करने के समान है और यह अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समझौते का उल्लंघन है।
अमेरिकी सरकार ने ‘नॉर्दन ट्रायंगल’ के देशों को की जाने वाली सहायता में कटौती करने का निर्णय लिया है।[सम्पादन]

अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला और होंडुरास को नॉर्दन ट्रायंगल (विशेष रूप से उनके आर्थिक एकीकरण के संदर्भ में) के रूप में जाना जाता है।[३] वर्तमान में इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे घातक क्षेत्रों में से एक माना जाता है, जहाँ हिंसक मौतों की दर कुछ युद्ध क्षेत्रों के मुकाबले बहुत अधिक है। ये तीनों देश ट्रिफिनियों (Trifinio) बायोस्फीयर रिज़र्व में अपनी सीमा साझा करने के साथ ही संस्कृति, इतिहास, समाज और राजनीति के विभिन्न पहलू भी साझा करते हैं।

  • माल्हम नामक यह गुफा माउंट सोडोम से मृत सागर के दक्षिण-पश्चिम कोने तक फैली हुई है। इस गुफा की लंबाई 10 किलोमीटर से ज़्यादा है।इज़राइली शोधकर्त्ताओं ने दुनिया की सबसे लंबी नमक की गुफा खोजने का दावा किया है।
  • इससे पहले ज्ञात दुनिया की सबसे लंबी नमक की गुफा ईरान में थी।[४]
  • हिब्रू विश्वविद्यालय के गुफा अनुसंधान केंद्र (CRC), इज़राइली गुफा खोजकर्त्ता क्लब और बुल्गारिया के सोफिया स्पेलियो क्लब ने नौ देशों के 80 खोजकर्त्ताओं के साथ मिलकर इस गुफा का मानचित्रण किया है।
  • इस गुफा की छत से नमक के बड़े-बड़े टुकड़े लटके हैं। अक्‍सर इन टुकड़ों से बूँदों के रूप में खारा पानी टपकता रहता है।

नेपाल-तिब्बत (चीन) सीमा पर हिमालय में स्थित माउंट मकालू (8485 मीटर) के लिये प्रथम भारतीय सेना पर्वतारोहण (First Indian Army Mountaineering) अभियान की शुरुआत की गई है।

  • यह दुनिया की पाँचवी सबसे ऊँची चोटी है जिसकी ऊँचाई 8485 मीटर है।
  • भारतीय सेना ने 8000 मीटर से ऊँची सभी चुनौतीपूर्ण चोटियों को फतह करने का लक्ष्य बनाया है। इसी लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से भारतीय सेना ने माउंट मकालू हेतु अपने पहले अभियान की शुरुआत की है।[५]
  • यह पिरामिड के आकार का पर्वत है जो माउंट एवरेस्ट से लगभग 20 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।माउंट मकालू नेपाल के मकालू-बारुण राष्ट्रीय उद्यान और संरक्षण क्षेत्र में स्थित है, यह 580 वर्ग मील का एक पार्कलैंड है जो 13,000 फीट से ऊपर के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों से लेकर अल्पाइन टुंड्रा तक प्राचीन पारिस्थितिकी प्रणालियों की रक्षा करता है।
  • मकालू नाम संस्कृत शब्द ‘महाकाल’ से लिया गया है, जो हिंदू देवता शिव का एक नाम है। चीन में इस चोटी को मकारू नाम से जाना जाता है।
  • इस चोटी को दुनिया की सबसे खतरनाक पर्वत चोटियों में से एक माना जाता है और मौसम की दुरूह परिस्थितियों तथा हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण उस पर चढ़ना बेहद चुनौतीपूर्ण समझा जाता है।
  • यह पर्वत चोटी पर्वतारोहियों की तकनीकी सूझबूझ, मानसिक और शारीरिक साहस तथा माउंट मकालू के शिखर तक पहुँचने के उनके संकल्‍प की परीक्षा लेती है।
  • चाबहार ईरान में सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ईरान का सबसे दक्षिणी शहर है।यह एक मुक्त बन्दरगाह है और ओमान की खाड़ी के किनारे स्थित हैं।यहाँ के अधिकांश लोग बलूच हैं जो बलूची भाषा बोलते हैं।

गोलन हाइट्स(Golan Heights)

Golan Heights relief v2
  • मार्च में अमेरिका के राष्ट्रपति के बयान के पश्चात् ‘गोलन हाइट्स’ फिर से चर्चा में आ गया।
  • दक्षिणी-पश्चिमी सीरिया में एक पथरीला पठार है जिसका राजनीतिक और रणनीतिक महत्त्व है।
  • इज़राइल ने 1967 के छह दिवसीय युद्ध में इस पर कब्ज़ा कर लिया था।
  • इसके पश्चात् एक युद्धविराम रेखा की स्थापना हुई और यह क्षेत्र इज़राइल के सैन्य नियंत्रण में आ गया।
  • सीरिया ने 1973 के युद्ध के दौरान गोलन हाइट्स को वापस लेने की कोशिश की किंतु वह सफल नहीं हो पाया।[६]
  • दोनों देशों ने 1974 में युद्धविराम पर हस्ताक्षर किये और संयुक्त राष्ट्र का एक पर्यवेक्षक बल 1974 से युद्धविराम रेखा पर ध्यान रखे हुए है।
  • 1981 में इज़राइल ने गोलन हाइट्स पर अपने अधिकार की घोषणा की किंतु उसके इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है।
  1. https://www.lastfrontiers.com/articles/view/strait-of-magellan-history
  2. https://www.globalslag.com/about-us/31-global-slag/awards
  3. https://abcnews.go.com/Politics/trump-cuts-direct-assistance-honduras-el-salvador-guatemala/story?id=62051082
  4. https://www.bbc.com/news/world-middle-east-47731943
  5. https://pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=189539
  6. https://www.dw.com/en/golan-heights-why-it-matters-to-us-israel-and-syria/a-48019484