सामान्य अध्ययन२०१९/समावेशी विकास

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  • समावेशी वृद्धि और समावेशी तथा सतत् विकास के क्षेत्र में कॉरपोरेट पहलों को प्रदत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पुरस्कारराष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद द्वारा 29 अक्तूबर को नई दिल्ली में प्रदान किया गया।वर्ष 2017 में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा प्रारंभ इस पुरस्कार का उद्देश्य CSR गतिविधियों में उत्कृष्टता लाने के लिये विभिन्न वर्गों की कंपनियों में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ाना। निर्धारित CSR निधि की पूरी रकम को खर्च करने के लिये कंपनियों को प्रोत्साहित करना। CSR गतिविधियों के प्रभाव, नवाचार, प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, लैंगिक एवं परिवेश संबंधी मुद्दे इत्यादि को मान्यता देना। तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय CSR पुरस्कारों की कुल संख्या 20 है, जिसका विवरण इस प्रकार है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘आँगन’ की शुरुआत 09 सितंबर, 2019 को नई दिल्ली में की गई। भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता पर आयोजित इस तीन दिवसीय इस सम्मेलन में भारत-जर्मनी तकनीकी सहयोग के तहत GIZ (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिये सोसाइटी- Gesellschaft für Internationale Zusammenarbeit) की सहायता से ऊर्जा दक्षता ब्यूरो ने इसका आयोजन किया है। 16 देशों के प्रतिनिधि, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ आदि भाग ले रहे हैं। भवन ऊर्जा दक्षता गतिविधियों में 2000 बिलियन रुपए के निवेश से 388 बिलियन यूनिट बिजली की बचत हो सकती है।

सम्मेलन के दौरान ऊर्जा दक्ष भवन निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्त्ताओं, प्रौद्योगिकी आपूर्तिकर्त्ताओं, अनुसंधान संस्‍थानों तथा विश्‍वविद्यालयों पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा।

समावेशी विकास[सम्पादन]

  • भारत सरकार ने उत्तर पूर्वी क्षेत्र के जल संसाधनों के प्रबंधन हेतु समेकित रणनीति तैयार करने के लिये जल्द ही एक उत्तर पूर्व जल प्रबंधन प्राधिकरण (North East Water Management Authority-NEWMA) स्थापित करने की घोषणा की है। प्राधिकरण की स्थापना चीन की महत्त्वाकांक्षी 62 बिलियन डॉलर की दक्षिण-उत्तर जल डायवर्जन योजना की पृष्ठभूमि के खिलाफ नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की अध्यक्षता में गठित एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी। NEWMA, क्षेत्र में पनबिजली,कृषि,जैव विविधता संरक्षण,बाढ़ नियंत्रण,अंतर्देशीय जल परिवहन,वानिकी,मत्स्य और इको-पर्यटन से संबंधित सभी परियोजनाओं को विकसित करने के लिये सर्वोच्च प्राधिकरण होगा। यह चीन से निकलने वाली नदियों के जल पर पूर्व उपयोगकर्त्ता अधिकारों को स्थापित करने के लिये भारत के प्रयासों में मदद करेगा।
  • ओडिशा सरकार ने ‘JAGA Mission’ के लिये वर्ल्ड हैबिटेट अवार्ड जीता। जिसके तहत झुग्गियों में रहने वाले 52,682 शहरी गरीब परिवारों को ‘भूमि अधिकार प्रमाण पत्र’ प्रदान किया गया है।
वर्ल्ड हैबिटेट अवार्ड्स की स्थापना,वर्ष 1985 में बिल्डिंग एंड सोशल हाउसिंग फाउंडेशन द्वारा की गई थी।वर्ल्ड हैबिटेट (यूके में स्थित) द्वारा यूएन-हैबिटेट (UN-Habitat) के साथ मिलकर प्रदान किया जानेवाला यह पुरस्कार दुनिया भर से अभिनव,उत्कृष्ट और क्रांतिकारी आवासीय विचारों, परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों की पहचान स्वरूप प्रदान किया जाता है।
7 मई,2018 को प्रारंभ JAGA Mission का उद्देश्य है- "आत्म-सम्मान और बेदखली के सतत भय से मुक्ति" देने के वादे के तहत मलिन बस्तियों में रहने वाले एक लाख शहरी गरीबों को लाभान्वित करना। ‘टाटा ट्रस्ट’ और ‘नॉर्मन फोस्टर फाउंडेशन’ के सहयोग से इस मिशन को अंजाम दिया जा रहा है।

हाल ही में इस परियोजना को शहरी गरीबों के जीवन को बदलने में तकनीकी नवाचार के लिये ‘भारत भू-स्थानिक उत्कृष्टता पुरस्कार’ (India Geospatial Excellence Award) से भी सम्मानित किया गया था।

  • UN-Habitat Assembly:- पहली संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास सभा के कार्यकारी बोर्ड के लिये प्लेनरी सत्र हेतु भारत को चुना गया है। इस सभा का पहला सत्र केन्या के नैरोबी में 27-31 मई, 2019 आयोजित किया गया जिसका थीम है- ‘इनोवेशन फॉर बेटर क्वालिटी ऑफ लाइफ इन सिटीज़ एंड कम्युनिटीज़’ (Innovation for Better Quality of Life in Cities and Communities)
सदस्य देशों द्वारा शहरों को अधिक समावेशी,सुरक्षित,लचीला और धारणीय बनाने की दिशा में $152 मिलियन से अधिक का निवेश। अपने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार और अपशिष्ट प्रबंधन व्यय को कम करनेवालों को सार्वजनिक रूप सेअपशिष्ट-बुद्धिमान शहर (Waste-Wise Cities) के रूप में मान्यता दी जाएगी।

2020-2025 की अवधि के लिये संयुक्त राष्ट्र मानव बस्तियों के कार्यक्रम की रणनीतिक योजना प्रस्तुत की गई है। इस योजना का लक्ष्य विकास और शांति के चालक के रूप में स्थायी शहरीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि सभी के लिये बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित किया जा सकें। न्यू अर्बन एजेंडा (New Urban Agenda-NUA) और सतत् शहरी विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों पर अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये गए।

  1. भारत,पाकिस्तान,इंडोनेशिया,रवांडा और उरुग्वे जैसे एशियाई एवं अफ्रीकी देशों ने राष्ट्रीय नीतियों तथा प्रथाओं का अवलोकन प्रस्तुत किया।
  2. वेनेज़ुएला ने सामाजिक आवास को एक महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक हित के रूप में देखते हुए कुछ सुझाव दिये।
  3. कोरिया ने शहरी समस्याओं का समाधान करने के लिये कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आभासी वास्तविकता प्रौद्योगिकी की क्षमता पर ज़ोर दिया।
  • नई दिल्ली में विश्व सतत् विकास शिखर सम्मेलन-2019 का आयोजन किया जा रहा है। इसका आयोजन भारत के अग्रणी विचार मंच ऊर्जा और संसाधन संस्थान (TERI) द्वारा किया जा रहा है। इस वर्ष TERI ने फिजी में सतत् विकास के लिये फिजी के प्रधानमंत्री, फ्रैंक बैनीमारामा (Frank Bainimarama) को सतत् विकास नेतृत्व पुरस्कार 2019से सम्मानित किया है।

इस शिखर सम्मेलन की थीम है- “Attaining the 2030 Agenda: delivering on our promise.”

नवीकरणीय ऊर्जा[सम्पादन]

  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में पेससेटर फंड कार्यक्रम (PACEsetter Fund Programme) के तहत विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया है। सोसाइटी फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल स्टडीज़, नई दिल्ली; कस्टमाइज़्ड एनर्जी सॉल्यूशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पुणे; द एनर्जी एंड रिसोर्सेज़ इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली (TERI) और राघवेंद्र सनटेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड बंगलूरू (Raghavendra Suntech Systems Private Limited- RSSPL) आदि संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किया गया।
भारत और अमेरिका ने वर्ष 2015 में पेससेटर फंड कार्यक्रम को एक संयुक्त फंड के रूप में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादों, प्रणालियों और व्यापार मॉडल के व्यावसायीकरण में तेज़ी लाने हेतु प्रारंभिक चरण की अनुदान निधि प्रदान करने के लिये गठित किया था।

इसका उद्देश्य प्रारंभिक चरण में अनुदान निधि प्रदान करके स्वच्छ ऊर्जा उत्पादों तक पहुंँच स्थापित करना है,जिससे व्यवसायों में नवीन उत्पादों,व्यापार मॉडलों और प्रणालियों को विकसित करने एवं उनका परीक्षण करने की दिशा में कार्य किया जा सके।

  • नेशनल ई-मोबिलिटी प्रोग्राम के तहत भारत सरकार ने 2030 तक 30% इलेक्ट्रिक वाहन सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिये बड़े स्तर पर चार्जिंग अवसरंचना की आवश्यकता होगी। सामान्य कारों के लिये प्रति किलोमीटर 6.5 रुपए की लागत की तुलना में इलेक्ट्रिक कारों हेतु यह मात्र 85 पैसे ही है।
  • एकीकृत आवास मूल्यांकन के लिये ग्रीन रेटिंग (GRIHA- Green Rating for Integrated Habitat Assessment) काउंसिल ने पूरे भारत के मौजूदा स्कूलों के पर्यावरण मूल्यांकन हेतु एक टूल ‘GRIHA for Existing Day Schools’ जारी किया है।

यह रेटिंग स्कूलों के पर्यावरणीय प्रभाव के मूल्यांकन में बच्चों को शामिल करके सतत् विकास की अवधारणाओं से उन्हें परिचित कराती है। साथ हीं प्रकृति के साथ-साथ एक-दूसरे से संपर्क स्थापित करने में छात्रों और शिक्षकों की मदद करेगी। GRIHA रेटिंग-GRIHA या एकीकृत आवास मूल्यांकन के लिये ग्रीन रेटिंग, भवन निर्माण हेतु भारत की राष्ट्रीय रेटिंग प्रणाली है। इसकी कल्पना ऊर्जा और संसाधन संस्थान (TERI) द्वारा की गई थी और इसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया गया था।

  • ‘प्राप्ति’ वेब पोर्टल:- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय(MNRE)अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के निकायों हेतु ‘प्राप्ति’ वेब पोर्टल की तरह एक वेब स्थापित करने पर भी विचार कर रहा है,ताकी भुगतान में देरी का सार्वजनिक रूप से खुलासा किया जा सके।
वर्ष 2018 में विद्युत मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गये‘प्राप्ति’ वेब पोर्टल का उद्येश्य बिजली भुगतानों में पारदर्शिता लाने हेतु प्राप्ति(PRAAPTI) नामक एप तथा वेब पोर्टल लॉन्च किया था।

‘प्राप्ति’ एप तथा वेब पोर्टल बिजली खरीद में बिजली उत्पादकों और बिजली वितरण कंपनियों के बीच पारदर्शिता लाने के लिये विकसित किया गया। यह बिजली उत्पादकों से विभिन्न दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों के लिये चालान और भुगतान डाटा कैप्चर करता है। इससे हितधारकों को बिजली खरीद के मामले में वितरण कंपनियों की बकाया राशि का मासिक और पारंपरिक आँकड़ा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

  • गुवाहाटी रेलवे स्टेशन,पूर्णत:सौर ऊर्जा द्वारा संचालित भारत का पहला रेलवे स्टेशन बना। इसके लिये इसे देश का पहला ISO प्रमाणित स्टेशन का दर्जा मिला है। इसे ISO-14001: 2015 प्रमाणन संख्या मिली है। अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार पर्यावरण प्रबंधन पद्धति के लिये कई तरह के ISO प्रमाणन तथा 14001 प्रमाणन है। इसे 2015 से उन्नत किया गया था, इसलिये प्रमाणपत्र को ISO-14001: 2015 कहा जाता है। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन में सौर पैनलों को स्थापित करने की परियोजना अप्रैल 2017 में शुरू की गई थी और रेलवे स्टेशन की छतों पर लगभग 2352 सौर मॉड्यूल 700 किलोवाट पावर उत्पन्न करने की क्षमता के साथ स्थापित किये गए हैं।
  • सरल सूचकांक (State Rooftop Solar Attractiveness- SARAL Index) में कर्नाटक ने प्रथम तथा तेलंगाना,गुजरात व आंध्र प्रदेश ने क्रमशः दूसरा,तीसरा व चौथा स्थान प्राप्त किया है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन (SSEF),एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) और अर्न्स्ट एंड यंग (EY) के सहयोग से तैयार इस सूचकांक में निम्नलिखित 5 पहलुओं को समाहित हैं।
  1. नीतिगत ढाँचे की मज़बूती
  2. कार्यान्वयन का वातावरण
  3. निवेश का माहौल
  4. उपभोक्ता का अनुभव
  5. व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र
  • 10 अगस्त 2019 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में विश्व जैव ईंधन दिवस पर आयोजितकार्यक्रम का आयोजन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने किया। इसका उद्देश्य पांरपरिक जीवाश्म ईंधनों के विकल्प के रूप में गैर-जीवाश्म ईंधनों के महत्त्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा जैव ईंधन क्षेत्र में सरकार द्वारा किये गए विभिन्न प्रयासों पर प्रकाश डालना है।
थीम:-‘प्रयुक्त कुकिंग ऑयल से जैव डीज़ल का उत्पादन करना’

वर्ष 2018 में भारत सरकार द्वारा जारी जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति प्रयुक्त कुकिंग ऑयल (UCO) से जैव ईंधन के उत्पादन की परिकल्पना की गई थी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण(FSSAI) द्वारा खाद्य मूल्य श्रृंखला से प्रयुक्त कुकिंग ऑयल को हटाने तथा वर्तमान में इसके अवैध उपयोग पर अंकुश लगाने की रणनीति को लागू किया जा रहा है।

संसाधनों का संधारणीय उपयोग[सम्पादन]

  • जैव ईंधन-वातावरण अनुकूल फसल अवशेष निवारण योजना (जी-वन योजना) के तहत ऐसी एकीकृत बायो-इथेनॉल परियोजनाओं को वित्तीय मदद प्रदान करने का प्रावधान किया गया है जो लिग्नोसेल्यूलॉज़िक बायोमास और अन्य नवीकरणीय फीडस्टॉक का इस्तेमाल करती हैं।
लिग्नोसेल्यूलॉज़िक बायोमास (LC biomass) – यह बायोमास सेल्यूलोज़ (Cellulose),हेमिसेल्यूलोज़ (Hemicelluloses) और लिग्निन (Lignin) से बना होता है।
दूसरी पीढ़ी के बायोमास को इथेनॉल प्रौद्योगिकी में परिवर्तित करने की विधि का स्वदेशीकरण करना।

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम 2003 में लागू किया था। वर्तमान में यह योजना 21 राज्यों और 4 संघ शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत तेल विपणन कंपनियों के लिये पेट्रोल में 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाना अनिवार्य बनाया गया है। मौजूदा नीति के तहत पेट्रोकेमिकल के अलावा मोलासिस और नॉन फीड स्टॉक उत्पादों जैसे सेल्यूलोज़ और लिग्नोसेल्यूलोज़ जैसे पदार्थों से इथेनॉल प्राप्त करने की अनुमति दी गई है।

  • इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol-EBP) कार्यक्रम के तहत तेल कंपनियों द्वारा अधिकतम 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री की जाती है। वर्ष 2003 में भारत सरकार द्वारा लागू इस कार्यक्रम को 1 अप्रैल,2019 से केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप को छोड़कर पूरे भारत में विस्तारित किया गया है, ताकि वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिले।
  • स्मार्ट मीटर नेशनल प्रोग्राम के तहत एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज़ लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश,दिल्ली,हरियाणा, बिहार एवं आंध्र प्रदेश में 5 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किये हैं।

इन राज्यों में स्मार्ट मीटर का संचालन उपभोक्ता सुविधा को बढ़ाने तथा बिजली की खपत को तर्कसंगत बनाने के लिये किया गया है। इसका उद्देश्य स्मार्ट वेरिएंट के साथ 25 करोड़ पारंपरिक मीटर बदलना तथा बिलिंग दक्षता में 80-100 प्रतिशत तक सुधार करना है।

स्मार्ट मीटर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (Central Electricity Authority) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थापित किये गए हैं।
यह समग्र उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान (एएमआई) का हिस्सा हैं।
यह दिन के विभिन्न समयों पर उपभोक्ताओं द्वारा किये गए बिजली के उपयोग को मापता है तथा GPRS प्रौद्योगिकी के माध्यम से ऊर्जा आपूर्तिकर्त्ता को इसकी सूचना भेजता है।
यह उपभोक्ताओं को सूचना तक बेहतर पहुँच प्रदान करता है जिससे उपभोक्ता अपने घरों में बिजली के उपयोग को लेकर निर्णय लेने में सक्षम हो सकें।

इससे बिजली की खराबी, मीटर खराब होना या मीटर रीडिंग में गड़बड़ी के कारण होने वाले नुकसान को तुरंत नियंत्रित किया जा सकता है।

  • नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन: 2020एक राष्ट्रीय मिशन दस्तावेज़ है,जो देश में इलेक्ट्रिक वाहनों एवं उनके निर्माण को अपनाने के लिये रोडमैप प्रस्तुत करता है।

यह योजना राष्ट्रीय ईंधन सुरक्षा बढ़ाने, सस्ता और पर्यावरण अनुकूल परिवहन माध्यम प्रदान करने, वैश्विक विनिर्माण नेतृत्व प्राप्त करने तथा भारतीय मोटर वाहन उद्योग को सक्षम करने के लिये डिज़ाइन की गई है।

भारी उद्योग विभाग द्वारा 1 अप्रैल,2015 से प्रारंभ फेम इंडिया योजना का प्रथम चरण शुरू में 2 साल की अवधि का था। लेकिन इसे समय-समय पर बढ़ाया गया तथा इसका अंतिम विस्तार 31 मार्च 2019 तक के लिये किया गया था।

FAME इंडिया स्कीम के पहले चरण को चार फोकस क्षेत्रों के माध्यम से लागू किया गया था-

  1. डिमांड क्रिएशन
  2. टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म
  3. पायलट प्रोजेक्ट
  4. चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर
  • ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्त्ताओं द्वारा विकसित यह पत्ती सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके सिनगैस का उत्पादन कर सकती है।
कार्बन-न्यूट्रल डिवाइस होने के कारण यह पत्ती कार्बन डाइऑक्साइड और जल का उपयोग करते हुए आसान तरीके से सिनगैस बना सकती है।

यह मेघाच्छादित और वर्षा के मौसम में भी कुशलता से काम करती है। इसलिये इसका उपयोग ठंडे प्रदेशों में भी किया जा सकता है।

इसपर दो प्रकाश अवशोषकों को कोबाल्ट से बने उत्प्रेरक के साथ जोड़ा जाता है।

जब इस डिवाइस को जल में डुबाया जाता है तो यह प्रकाश अवशोषक ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिये उत्प्रेरक का उपयोग करता है। जबकि दूसरा प्रकाश अवशोषक रासायनिक अभिक्रिया द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड और जल को कार्बन मोनोऑक्साइड एवं हाइड्रोजन में बदल देता है और इस प्रकार सिनगैस का निर्माण होता है। लाभ:-

  1. वर्तमान में सिनगैस के निर्माण के लिये जीवाश्म ईंधन का उपयोग किया जाता है।
  2. नेचर मैटेरियल्स जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, यह सिनगैस उत्पादन के दौरान मौजूदा औद्योगिक प्रक्रियाओं के विपरीत कार्बन डाइऑक्साइड का बिल्कुल भी उत्सर्जन नहीं करती है।
  3. यह डिवाइस प्रकाश संश्लेषण के सिद्धांत पर आधारित है।

संश्लेषण गैस (Synthesis Gas) को संक्षिप्त रूप में सिनगैस कहा जाता है। यह हाइड्रोजन,कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का मिश्रण है। इसका उपयोग ईंधन, फार्मास्यूटिकल्स, प्लास्टिक और उर्वरक उत्पादन जैसे कई अनुप्रयोगों में किया जाता है।

  • माइक्रोबियल ईंधन सेल(Microbial Fuel Cell)-

माइक्रोबियल ईंधन सेल (Microbial Fuel Cells) ऐसे उपकरण हैं जो कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थों के ऑक्सीकरण में जीवाणुओं का उपयोग एक उत्प्रेरक के रूप में कर विद्युत धारा उत्पन्न करते हैं। वर्तमान घटनाक्रम: ज़ूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन (Zoological Society of London) के अनुसार, लंदन स्थित चिड़ियाघर में एक मैडेनहेयर फर्न (Maidenhair Fern) ने अपनी स्वयं की सेल्फी लेनी शुरू कर दी। यह घटना पौधों की पावर कैमरा ट्रैप (Power Camera Traps) और सेंसरों के प्रति संवेदनशीलता से हुई। कैसे कार्य करता है? पौधे स्वाभाविक रूप से बायोमैटर (Biomatter) एकत्र करते हैं जिसका प्रयोग मिट्टी में मौज़ूद बैक्टीरिया करते हैं और इससे ऊर्जा उत्पन्न होती है। इस ऊर्जा को ईंधन सेल (Fuel Cell) के माध्यम से सेंसर, निगरानी प्लेटफाॅर्मों और कैमरा ट्रैप सहित महत्त्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों के लिये उपयोगी बनाया जा सकता है। लाभ: इस प्रकार के नवाचार से नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

  • मर्सर (Mercer)द्वारा क्वालिटी ऑफ लिविंग रैंकिंग 2019 जारी-

इसमें ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना को रहने योग्य शहरों की श्रेणी में प्रथम स्थान,स्विट्ज़रलैंड के ज़्यूरिख को दूसरे स्थान,कनाडा के वैंकूवर,जर्मनी का म्यूनिख और न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है॥

21 शहरों की सूची में भारत के हैदराबाद और पुणे को 143वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।बंगलूरू-149, मुंबई-154 और कोलकाता 160वें स्थान पर है।
यह इंडेक्स शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, लोक सेवाओं और परिवहन,उपभोक्ता सामानों की उपलब्धता,आर्थिक वातावरण,सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण इत्यादि जैसे संकेतकों पर आधारित होता है।

मर्सर (Mercer) मानव संसाधन के बारे में परामर्श देने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क सिटी (संयुक्त राज्य अमेरिका) में है।