साहित्य और सत्ता

विकिपुस्तक से
Jump to navigation Jump to search

साहित्य और सत्ता पुस्तक साहित्य और सत्ता के संबंधों के विभिन्न आयामों की छानबीन करने वाली पुस्तक है। यह मूलतः हिंदी साहित्य पर केंद्रित है हालांकि इसमें संस्कृत एवं अन्य भाषाओं के साहित्य के भी संदर्भ शामिल किए गए हैं।

विषय सूची[सम्पादन]

  1. सत्ता का स्वरूप और साहित्य से सरोकार - गोपेश्वर सिंह/
  2. सत्ता और साहित्य के संबंधों के विविध आयाम - ओमप्रकाश सिंह/
  3. सत्ता का कला एवं ज्ञान के उत्पादनों से संबंध - विवेक कुमार/
  4. मध्ययुगीन साहित्य में सामंती सत्ता और स्त्री छवियाँ - सुधा सिंह/
  5. मध्ययुगीन सत्ता और निर्गुण संत कवि - कमलेश वर्मा/
  6. औपनिवेशिक सत्ता और हिंदी साहित्य - अपूर्वानंद/
  7. नवजागरणकालीन सत्ता और साहित्य - चंद्रदेव सिंह यादव/
  8. स्वाधीनता आन्दोलन और स्त्री स्वर - प्रीति सागर/
  9. हिंदी नवजागरण काल का राजनैतिक चिंतन - मोहिंदर सिंह/
  10. स्थापित सत्ता और स्त्री प्रतिरोध - मैत्रेयी पुष्पा/
  11. वैश्विक सत्ता बनाम आदिवासी साहित्य - हरिराम मीणा/
  12. सत्ता, संस्कृति और ग़ज़ल की भाषा - जगमोहन राय ‘सजल’/
  13. जाति की सत्ता और हिंदी दलित साहित्य - श्योराज सिंह बेचैन/
  14. शासन की बंदूक और कोकिला की कूक - अनिल कुमार सिंह/
  15. रामकथा में सत्ता-विमर्श - अजीत कुमार तिवारी
  16. हिंदी कथा साहित्य और जाति की सत्ता
  17. सत्ता में स्त्री भागीदारी का प्रश्न और हिंदी स्त्री लेखन
  18. 'बु जा यू छिन' और 'अंधा युग' में अभिव्यक्त सत्ता के चरित्र का तुलनात्मक अध्ययन - सोन यन वू
  19. पूंजीवाद, पितृसत्ता और स्त्री वाया हिंदी सिनेमा - तृप्ति श्रीवास्तव
  20. कबहुंक संत सुभाव गहौंगो ('बिस्रामपुर का संत' में सत्ता विमर्श) - हृषिकेश कुमार सिंह
  21. बाजारवाद का संकट और आदिवासी साहित्य - तरुण
  22. हसीनाबाद: राजनीतिक सामंती संदर्भ - कपिलदेव प्रसाद निषाद/
  23. प्रकृति की सत्ता, आदिवासी और साहित्य
  24. दुष्यंत कुमार का साहित्य और सत्ता
  25. सत्ता के गलियारे में नारी-संघर्ष: ‘सेज पर संस्कृत’ - राखी देवी/