सुबोध हिन्दी व्याकरण

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Where School Nahi Jata Hai

नीचे लिखे वाक्यों को पढ़ो-

अशोक भुट्टा खा रहा है। रीता दूध पी रही है।

दो बैल हल चला रहे हैं। बिल्ली धूप में बैठी है।

क ख 1. भुट्टा अशोक रहा है खा। अशोक भुट्टा खा रहा है।

2. दूध रही पी रीता है। रीता दूध पी रही है।

3. दो हैं रहे चला बैल हल। दो बैल हल चला रहे हैं।

4. है में बैठी बिल्ली धूप। बिल्ली धूप में बैठी है।

क के नीचे जो शब्दों के समूह हैं, उनसे किसी अर्थ का पता नहीं चलता। ख के नीचे जो शब्दों के समूह हैं, उनसे पूरे अर्थ का पता चलता है।

हमने जाना- दो या अधिक शब्दों के समूह को वाक्य कहते हैं, जिससे ठीक अर्थ पता चले।

1. वाक्य में कम से कम दो शब्द अवश्य होने चाहिए।

2. उससे पूरा ठीक अर्थ पता चलना चाहिए।

इन शब्दों को देखिए-

1. पशु 2. पक्षी 3. अशोक 4. मोर

ऊपर के शब्दों से कोई पूरा अर्थ नहीं प्रकट होता। इनसे हमें पता नहीं चलता कि उनके बारे में क्या कहा जा रहा है। इसलिए ये वाक्य नहीं। इन्हें वाक्य बनाने के लिए हमें कहना होगा-

1. पशु घास चर रहे हैं।

2. पक्षी उड़ते हैं।

3. अशोक हँसता है।

4. मोर नाचता है।

कुछ अन्य वाक्य देखिए (इनसे पूरे अर्थ का पता चलता है।)

1. हमारा देश भारत है।

2. भारत की राजधानी दिल्ली है।

3. अतुल पुस्तक नहीं पढ़ रहा।

4. राधा चतुर बालिका है।

कभी-कभी एक-एक शब्द का भी वाक्य देखने में आता है।

जैसे-

1. आइए। 5. आई।

2. चुप। 6. बैठिए।

3. कहिए। 7. बोलो।

4. चलो। 8. लीजिए।

मौके पर इनसे पूरा अर्थ पता चलता है। परन्तु असल में इनमेंसे कुछ शब्द छोड़ दिये होते हैं।

जैसे-

1. (आप) आइए। 5. (मैं) आई।

2. (अरे) चुप। 6. (आप) बैठिए।

3. (आप) कहिए। 7. (तुम) बोलो।

4. (आओ) चलो। 8. (आप) लीजिए।

नीचे लिखी पंक्तियों में से जो वाक्य हैं उन पर चिह्न लगाइए। जो वाक्य नहीं हैं, उन पर चिह्न लगाइए :

1. मेरे पास एक पुस्तक है। 2. नरेश दूध।

3. बालक देर से उठता है। 4. हम सब भाई-भाई हैं।

5. माता पिता की सेवा। 6. गाली बकना बहुत।

नीचे लिखे शब्दों से अपने वाक्य बनाइए :

फल, दूध, माता, अध्यापक, पाठ, विद्यालय।

नीचे लिखे वाक्यों को क्रम ठीक करके लिखिए :

1. गई आज बिल्ली रसोईघर में।

2. खाया फल रोज करो।

3. करो याद पाठ सदा।

4. न बोलो झूठ।

5. आग चली, वायु जली।

6. पर्वत है गिरती बर्फ पर।

7. सुखी परमात्मा रखें आपको।

उद्देश्य और विधेय[सम्पादन]

1. लता हँसती है।

2. रमेश पढ़ चुका है।

3. माली आम लाया है।

4. शोभा फूल तोड़ रही थी।

5. मैं अब जा रहा हूँ।

6. तू क्या कर रहा है।

7. वह अब कहाँ है?

किसी के बारे में कहा गया है जो कुछ कहा गया है।

लता हँसती है।

रमेश पढ़ चुका है।

माली' आम लाया था।

शोभा फूल तोड़ रही थी।

मैं अब जा रहा हूँ।

तू क्या कर रहा है?

वह अब कहाँ है?

जिनके बारे में कहा गया है वे उद्देश्य हैं। जो-जो कुछ कहा गया है वह विधेय है।

वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाए, उसे उद्देश्य कहते हैं। इसलिए लता, रमेश, माली, शोभा, मैं, तू, वह ये उद्देश्य हैं।

वाक्य में उद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाए उसे विधेय कहते हैं।इसलिए ऊपर के वाक्यों में- हँसती है, पढ़ चुका है, आम लाया है, फूल तोड़ रही थी, अब जा रहा हूँ, क्या कर रहा है, अब कहाँ है, येसब विधेय हैं।

उद्देश्य को बढ़ाया जा सकता है, जैसे-

उद्देश्य विधेय

मेरी बहन लता हँसती है।

तुम्हारा भाई रमेश पढ़ चुका है।

हमने जाना :

इसी तरह विधेय को भी बढ़ाया जा सकता है, जैसे-

उद्देश्य विधेय

मेरी बहन लता फूलों को देखकर हँसती है।

तुम्हारा भाई रमेश अपना पाठ पढ़ चुका है।

हमारी माली आज बाग से आम तोड़करलाया था।

नीचे लिखे वाक्यों में उद्देश्य और विधेय के बीच में एक-एक लकीर (रेखा) खींचिए :

1. मेरी बहन लता अपनी कक्षा में प्रथम आती है।

2. तुम्हारे भाई मोहन ने झूठ बोलकर अच्छा काम नहींकिया।

3. तुम सड़क पर सदा आँखों से देखकर चलो।

4. गाय का दूध बच्चों के लिए बहुत अच्छा होता है।

5. अनिल सदा माता-पिता की सेवा किया करता है।

6. वह उनका कहना मानता है।

नीचे लिखे विधेयों में उद्देश्य लगाइए :

1. घोड़ा दोड़ता है।

2. ..... कल कपड़े धोयेगा।

3. ..... चला गया।

4. ..... खा चुका है।

6. ..... व्यायाम कर रहा है।

नीचे लिखे उद्देश्यों में विधेय लगाइए :

1. पहलवान ......................।

2. मेरी बहन ......................।

3. रमेशा ......................।

4. बालक ......................।

5. मेरी गुड़िया ......................।

संज्ञा[सम्पादन]

कमला पढ़ रही है।

बन्दर नाच रहा है।

मैं दिल्ली में रहती हूँ।

यह अशोक की पेंसिल है।

नीचे के वाक्यों को देखो :

1. कमला पढ़ रही है।

2. बन्दर नाच रहा है।

3. मैं दिल्ली में रहती हूँ।

4. यह अशोक की पेंसिल है।

बालिका - एक लड़की का नाम है।

बन्दर - एक पशु का नाम है।

दिल्ली - एक स्थान (नगर) का नाम है।

अशोक - एक बालक का नाम है।

पेंसिल - एक वस्तु का नाम है।

किसी के भी नाम को संज्ञा कहते हैं।

हमने जाना :

जो शब्द किसी मनुष्य, जीव, स्थान या वस्तु का नाम बताएँ उन्हें संज्ञा कहते हैं।

1. हर एक मनुष्य का कोई न कोई नाम है। जैसे- हरि, अशोक,अकबर, एंथनी, रीटा, लता, आशा, नजमा आदि।

2. हर एक पशु का कोई नाम है। जैसे- गाय, घोड़ा, बन्दर,रीछ, हाथी, बकरी आदि।

3. हर एक स्थान का कोई नाम है। जैसे- भारत, इंग्लैंड,दिल्ली, मैसूर, चाँदनी चौक, स्कूल आदि।

4. हर एक वस्तु का कोई न कोई नाम है। जैसे- पेंसिल,कागज, पुस्तक, पेड़, पत्ता, फूल, मेज, कुर्सी आदि। येशब्द नाम संज्ञा हैं।

करके देखें :

नीचे लिखे वाक्यों में जो संज्ञा हैं उनके नीचे रेखा खींचिए :

1. अनिल विद्यालय में पुस्तक पढ़ता है।

2. वृक्ष में फल गिरते हैं।

3. मेज पर चाकू रखा है।

4. रमा आशा के घर जा रही है।

5. यात्री नाव में बैठकर नदी को पार करते हैं।

6. मोहनदास गाँधी देश के एक बड़े महात्मा थे।

7. दूध पीकर पानी मत पियो।

8. जिसे अपने देश पर अभिमान नहीं, वह मनुष्य नहीं पशुहै।

पाँच बालकों, पाँच जानवरों, पाँच मिठाइयों और पाँच खेलों केनाम लिखिए।

नीचे लिखे वाक्यों में जो-जो संज्ञा हैं उन्हें चुनकर खाली स्थानोंपर लिखिए :

क- मेरी बहन कक्षा में प्रथम रहती है। ..¤É½þxÉ..,.. EòIÉÉ..

ख- बुद्धू ने चोरी करके अच्छा काम नहीं किया। .... .......

ग- सदा आँखों से देखकर चलो ............ ...............

घ- घोड़ा हरी घास खाता है। ............... ................

ड- मेरी माताजी बंगलौर गयी हैं। ........................... .

जोड़े संज्ञा शब्द

सम्बन्धियों के नाम

करके देखिए :

कुछ जोड़े शब्द हैं, वे अधिकतर साथ-साथ आते हैं। देखिएध्

धूप-छाँव जीत-हार सर्दी-गर्मी

दिन-रात सुबह-शाम साँझ-सवेरे

घर-द्वार गुरु-शिष्य दाल-रोटी

अन्न-जल हाथ-पैर आँख-कान

गाँव-नगर नर-नारी मर्द-औरत

नदी-नाले माता-पिता माँ-बाप

सुख-दुख गाय-भैंस बैल-गाड़ी

लड़का-लड़की बेटा-बेटी ईंट-पत्थर

फल-फूल पशु-पक्षी जीव-जन्तु

कलम-दवात पेंट-कोट कुर्ता-धोती

सम्बन्धियों (रिश्तेदारों) के नाम भी संज्ञा शब्द हैं। जैसे-

पिता माता दादा दादी

नाना नानी मामा मामी

बुआ फूफा चाचा चाची

भाई बहन बेटा बेटी

ननद ननदोई जेठ जिठानी

ससुर सास परनाना भाभी

भतीजा भानजा पोता धेवता (दोहता)

नीचे लिखे शब्दों के सामने उनके जोड़ के शब्द लिखकर उनके जोड़े शब्द बनाइए -

दिन-रात कुर्ता-... गुरु-...

हाथ-... जीव-... माता-...

लड़का-... धूप-... सर्दी-...

सुख-... नदी-... गाय-...

माँ-... गाँव-... सुबह-...

घर-... जीत-... अन्न-...

क्या कहते हैं?

पिता के पिता को दादा कहते हैं।

पिता की माता को। .. कहते हैं।

पिता की बहन को। .. कहते हैं।

बहन के पति को। .. कहते हैं।

भाई की पत्नी को। .. कहते हैं।

भाई के पुत्र को। .. कहते हैं।

बहन की लड़की को। .. कहते हैं।

नीचे लिखे वाक्यों में संज्ञा शब्दों के नीचे लकीर (रेखा) खींचिए :

यह पुस्तक है। पुस्तक में चित्र है।

यह कलम है। कलम हाथ में है।

दवात मेज पर है। दवात में स्याही है।

यह कमीज है। कागज सफेद है।

यह फूल है। वे चार फूल हैं।

ये कितने फल हैं। ये एक दर्जन फल हैं।

यह सड़क है। वे मकान हैं।

यह विद्यालय है। यह हमारा खेल का मैदान है।

नीचे लिखी संज्ञाओं में एक-एक भिन्न (अलग) जाति का शब्द आ गया है। उसके नीचे रेखा खींचिए -

1. कमीज, पाजामा, कोट, ब्लाउज, साड़ी, पैर, पतलून.

2. मेज, कुर्सी, अनार, अलमारी, बेंच, स्टूल.

3. पानी, दूध, चाय, स्याही, कॉफी, शर्बत.

4. मोर, तोता, कबूतर, चीता, कौआ, चिड़िया.

5. सिंह, बाघ, रीछ, मछली, भेड़िया.

6. अध्यापक, डॉक्टर, सिपाही, स्कूटर, सैनिक.

7. सोमवार, मंगलवार, बुधवार, शनिवार, त्यौहार, शुक्रवार.

8. लोहा, तांबा, चीनी, टीन, जस्त, पीतल, सोना.

9. गोभी, टमाटर, भिंडी, करेला, चीकू, कमल, ककड़ी.

10. दिल्ली, मुंबई, मद्रास, कलकत्ता, मथुरा, पंजाब.

11. पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा, अमृतसर, केरल, उड़ीसा.

जातिवाचक संज्ञा[सम्पादन]

मैं अतुल हूँ। हम बालक हैं।

यह हैरी है। ये कुत्ते हैं।

यह लता है। ये लड़कियाँ हैं।

यह महात्मा गाँधी हैं। ये मनुष्य हैं।

यह रामायण है। ये पुस्तकें हैं।

ऊपर के वाक्यों को देखिए और ध्यान से पढ़िए।

1. अतुल एक बालक का नाम है।

बालक कहने से सब बालकों का पता चलता है।

2. हैरी एक कुत्ते का नाम है।

कुत्ता पशुओं की एक जाति का नाम है।

3. लता एक बालिका का नाम है।

बालिका कहने से सब बालिकाओं का बोध होता है।

4. महात्मा गाँधी एक मनुष्य का नाम है।

महात्मा गाँधी कहने से सारी मनुष्य जाति का लोगों कापता चलता है।

अतुल बालक

हैरी कुत्ता

लता बालिका

महात्मा गाँधी मनुष्य

रामायण पुस्तक

हमने जाना : जिस संज्ञा से किसी एक ही विशेष मनुष्य, पशु, पक्षी या वस्तु का पता चले वह संज्ञा होती है। जैसे- महात्मा गाँधी, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, हिमालय, गंगा, लाल किला, दिल्ली।

जिस संज्ञा शब्द से किसी जाति का बोध हो से उस पूरी जाति का बोध होता है। कहने से हमारा ध्यान एक विशेष नदी की ओर जाता है। परन्तु नदी तो सभी नदियों का नाम है।

कहने से एक खास देश का पता चलता है। देश में तो सभी

व्यक्तिवाचक जातिवाचक

व्यक्ति-वाचक

जातिवाचक

यमुना

भारत

देश आ जाते हैं। कहने से एक विशेष पहाड़ का पता चलता है। पहाड़ शब्द तो सभी पहाड़ों को बताता है।

1. शब्द जो जातिवाचक नहीं हैं उनके नीचे रेखा खींचिए :

मनुष्य, राजू, बेल, नदी, जानवर, हिरन, ताजमहल।

2. जो व्यक्तिवाचक नहीं हैं उनके नीचे रेखा खींचिए :

महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू, मोरारजी देसाई, विद्यालय, रीछ, अशोक, छात्र, नदी, दिल्ली, इंगलैंड।

3. जो संज्ञा (नाम) नहीं हैं उनके नीचे रेखा खींचिए :

क- काम, अच्छा, होता है, क्यों, कैसे, अकबर।

ख- अशोक, लन्दन, पेरिस, फ्रांस, कब, अनिल, जाएगा।

ग- यह, पेंसिल, स्कूल, नाक, मुँह, साफ, कहाँ।

4. नीचे लिखी कविता में जो शब्द एक का नाम(व्यक्तिवाचक संज्ञा) हैं, उनके नीचे लकीर खींचिए :

इक्का-दुक्का, तिक्का-चौका, छक्का-सत्ता,आओ भाई, रेल बनाओ, चलो चलें कलकत्ता।

चूहा चला विलायत, तीरथ करने जाती बिल्ली,कलकत्ते की सैर करेंगे, फिर पहुँचेंगे दिल्ली।

मेंढक जी मद्रास चलेंगे, मानसरोवर सारस,लंगड़ा आम चखेंगे चलकर कुछ दिन बाद बनारस।

ताजमहल देखेगा तोता, मंसूरी बुलडाग,संगम में तैरेंगे जी-भर जाकर तीर्थ प्रयाग।

मथुरा के पेड़े खाएँगे नाच-नाचकर मोर,देखेंगे राणा प्रताप का हम प्यारा चित्तौड़।

पंडित जी को राम-राम मुल्ला जी को आदाब,अमृतसर में लस्सी पीने चलो चलें पंजाब।

पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, दौड़ रही है रेल,चलो बम्बई जाकर खाएँ दो आने की भेल।

मगर देखना मौज-मजे में कहीं न हो हैरानी,देखो तो गाड़ी में कितना बचा कोयला-पानी?

भाववाचक संज्ञा[सम्पादन]

यह तो हमने जान लिया कि किसी मनुष्य, पशु, पक्षी, जीव, स्थान और वस्तु के नाम को संज्ञा कहते हैं। किसी सजीव या निर्जीव(बेजान) को हम उसके नाम से ही पहचानते हैं। सब ठोस चीजों का कोई न कोई नाम होता- यह बात हमने समझ ली।परन्तु क्या आप जानते हैं कई नाम ऐसे हैं जो ठोस प्राणियों या पदार्थों के नहीं? ऐसे नाम अर्थात् संज्ञा शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, दोष, धर्म, दशा, आदत या काम को बतलाते हैं।

नीचे लिखे वाक्यों को पढ़िए :

1. लाल किले की सुन्दरता देखते ही बनती है।

2. पिकनिक पर न जाने से लता के मुँह पर उदासी छा गई।

3. अतुल की मुस्कराहट कितनी प्यारी है।

4. अशोक की अनिल से मित्रता हो गई है।

5. भारत के गाँववासियों की निर्धनता कब दूर होगी?

6. पिछले साल से हमारे देश की दशा अच्छी है।

7. बाढ़-पीड़ितों की सहायता करना हमारा कर्तव्य है।

8. क्या तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं?

9. बीमारों की सेवा करनी चाहिए।

10. अनवर की सच्चाई छिपी न रही।

क- तुम झूठ क्यों बोलते हो?

ख- हमें स्कूल की ºÉVÉÉ´É]õ करनी है।

ग- हिमालय की ऊँचाई सब पहाड़ों से अधिक है।

घ- अभी हमारा बचपन है, खेलने-खाने के दिन हैं।

ड- नन्हें-मुन्ने की हँसी पर सब खुश होते हैं।

च- तुम्हारा पत्र पाकर बहुत खुशी हुई।

छ- राणा प्रताप की वीरता की सब प्रशंसा करते हैं।

ज- तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है?

झ- चीन ने 1962 में भारत पर चढ़ाई की थी।

ञ- अच्छे बालक क्रोध नहीं करते।

एक

दो

हमने जाना- जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण,दोष, दशा (हालत), धर्म, आदत (स्वभाव) या स्थिति कोबतलाएँ उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

नीचे दिये शब्दों में 'ना' हटा दो और 'वट' जोड़ दो। फिर दायींतरफ के खाली स्थान पर उस शब्द को लिखो। दायीं तरफलिखे शब्द भाववाचक संज्ञा हो जाएँगे।

सजाना सजावट

लिखना ........

बनाना ........

रोकना रुकावट

गिरना ........

चढ़ना चढ़ाई

पढ़ना ........

कमाना ........

लड़ना ........

मुस्कराना मुस्कराहट

चिल्लाना ........

घबराना ........

भला भलाई

बुरा ........

अच्छा ........

लड़का लड़कपन

बच्चा ........

पागल ........

मोटा मोटापा

बूढ़ा

करके देखें :

शब्द भाववाचक संज्ञा

'ना' हटाकर 'आई' लगा दो :

'ना' हटाकर 'हट' लगा दो :

अन्त में 'ई' जोड़ दो :

अ' हटाकर 'पन' लगा दो :

अन्त में 'पा' लगा दो :

क्रिया[सम्पादन]

नीचे लिखे वाक्यों को पढ़िए -

सूर्य आकाश में चमक रहा है।

बालक हँस रहा है।

लता नाच रही है।

बस खड़ी है।

1. सूर्य आकाश में चमक रहा है। (चमक रहा है)

2. बालक हँस रहा है। (हँस रहा है)

3. लता नाच रही है (नाच रही है)

4. बस खड़ी है। (खड़ी है)

तोता बोल रहा है।

बालक भाग रहे हैं।

बालिका लिख रही है।

रेलगाड़ी आ रही है।

1. तोता बोल रहा है। (बोल रहा है)

2. बालक भाग रहे हैं। (भाग रहे हैं)

3. बालिका लिख रही है। (लिख रही है)

4. रेलगाड़ी आ रही है। ( आ रही है)

चमक रहा है, हँस रहा है, आदि किसी के नाम (संज्ञा) नहीं हैं। इनसेसंज्ञा के बारे में कुछ कहा जाता है। इनसे हमें किसी काम के करने या होने का पता चलता है।

हमने जाना- जिन शब्दों से किसी काम के करने या होने का पता चलेउन्हें क्रिया कहते हैं। क्रिया के बिना कोई वाक्य पूरा नहीं होता। जैसे-

लता .... अशोक, पुस्तक .....

अतुल कापी पर .... बस .....

इन्हें पूरा वाक्य बनाने के लिए क्रिया जोड़ना आवश्यक है। जैसे

लता हँसती है।

अशोक पुस्तक पढ़ता है।

अतुल कापी पर लिख रहा है।

बस आ गई है।

करके देखिए :

वाक्यों में से क्रिया चुनकर सामने के खाली स्थान पर लिखिए :

वाक्य क्रिया

हम सब केंद्रीय विद्यालय में पढ़ते हैं पढ़ते हैं

कमला विद्यालय को जा रही है। ......

तुम क्या करते हो? ......

यहाँ बच्चे खेलेंगे. ......

हम सब आँखों से देखते हैं। ......

पंक्तियों में खाली स्थान पर क्रिया लिखो :

भक्त मंदिर में ..............

चाचाजी मुंबई से कब .............. ?

माताजी तीन दिन बाद अमृतसर ..............

मैं उत्तीर्ण हो गया तो तुम्हें मिठाई ..............

पंक्तियों के अंत में दो-दो क्रियाएँ लिखी हैं। जो क्रिया ठीक होउसे खाली स्थान पर लिखिए :

घंटी ............. (गाती हैं, बजती है)

पक्षी .............. (बोलते, चहचहाते हैं)

मैं पुस्तक .............. (लिखती हूँ, पढ़ता हूँ)

बच्चे बाग में .............. (सोते हैं, खेलते हैं)

खाली स्थानों पर ठीक संज्ञा लिखिए :

.............. पढ़ता हूँ.

.............. क्या कर रहे हो?

.............. कहाँ जा रहा है?

.............. स्कूल कितने बजे जाती हैं?

विशेषण[सम्पादन]

इन वाक्यों को पढ़िए :

  1. यह मोटा आदमी है।
  2. वह पतला आदमी है।
  3. यह ऊँचा पेड़ है।
  4. वह छोटा पौधा है।
  5. यह सुन्दर फूल है।
  1. पहले वाक्य में मोटा शब्द आदमी की विशेषता है।
  2. दूसरे वाक्य में पतला शब्द बालक की विशेषता है।
  3. तीसरे वाक्य में ऊँचा शब्द पेड़ की विशेषता है।
  4. चौथे वाक्य में छोटा शब्द पौधे की विशेषता है।
  5. पाँचवें वाक्य में सुन्दर शब्द फूल की विशेषता है।

मोटा, पतला, ऊँचा, छोटा, सुन्दर आदि शब्द विशेषण हैं, क्योंकि येकिसी की विशेषता बतलाते हैं।

हमने जाना : जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताएँ वेविशेषण कहलाते हैं।

  1. अशोक टोपी पहनता है। (गुण)
  2. अतुल गन्दी टोपी पहनता है। (दोष)
  3. मेरे पास तीन पेंसिलें हैं। (संख्या)
  4. ग्वाला बहुत-सा दूध लाता है। (परिमाण या नाप-तौल)
  5. यह पुस्तक मेरी है। (संकेत)
  6. वह कौन-सी पुस्तक चाहता है? (प्रश्न)

किसी मनुष्य, पशु, पक्षी, स्थान या भाव की विशेषता पाँच प्रकार सेबताई जा सकती है :

गुण-दोष बताकर - (गुणवाचक विशेषण)

संख्या (गिनती) बताकर - (संख्यावाचक विशेषण)

नाप-तौल बताकर - (परिमाणवाचक विशेषण)

संकेत करके - (संकेतवाचक विशेषण)

प्रश्न करके - (प्रश्नवाचक विशेषण)

विशेषण शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (खूबी)बतलाते हैं। विशेषण किसी का वर्णन करते हैं कि वह कैसाहै।

पेड़ कैसा है? ऊँचा

आदमी कैसा है? मोटा

बालक कैसा है? पतला

पौधा कैसा है? छोटा

फूल कैसा है? सुन्दर

दूध कितना है? बहुत-सा

पेंसिलें कितनी हैं? तीन

विशेषण जिसकी विशेषता बताए उसे विशेष्य कहते हैं।

नीचे लिखे वाक्य देखिए :

वाक्य विशेषण विशेष्य

यह पेंसिल अच्छी है। अच्छी पेंसिल

वह मनुष्य मोटा है। मोटा मनुष्य

तुम चतुर हो। चतुर तुम

छोटी लड़की को बुलाओ। छोटी लड़की

हमारा घोड़ा सफेद है। सफेद घोड़ा

यह घर हमारा है। हमारा घर

नीचे लिखे शब्दों में जो विशेषण हैं उनके नीचे रेखा खींचो :

अच्छी बालिका मधुर फल

काम की पुस्तक सरकारी आदमी

भारत का सैनिक योग्य छात्र

नीला कोट पीली चुनरी

सर्वनाम[सम्पादन]

नीचे लिखे वाक्यों को पढ़िए :

1. राम ने कहा- राम कक्षा में प्रथम आएगा।

राम ने कहा- मैं कक्षा में प्रथम आऊँगा।

2. सुनीति की माता ने कहा- सुनीति अच्छी लड़की है।

सुनीति की माता ने कहा- तू अच्छी लड़की है।

3. हम हमारे घर जा रहे हैं।

हम अपने घर जा रहे हैं।

4. राम रोहतक में रहता है। राम एक किसान है।

राम रोहतक में रहता है। वह एक किसान है।

5. लता यहाँ है। लता ने मधुर गीत गाया।

लता यहाँ है। उसने मधुर गीत गाया।

6. छात्राएँ आ गईं। छात्राएँ पढ़ने लगीं।

छात्राएँ आ गईं और वे पढ़ने लगीं।

ऊपर जो वाक्य लिखे हैं, उनमें- मैं, तू, अपने, वह, उसने, वह, ´Éä - येसब शब्द सर्वनाम हैं। इन्हें सर्वनाम इसलिए कहते हैं कि ये सब संज्ञाओं के स्थान पर काम आ जाते हैं।

नीचे लिखे शब्द सर्वनाम हैं :

वह-वे, यह-ये, मैं-हम, तू-तुम, आप, कौन, कौन-सा, क्या, जो

हमने जाना : संज्ञा के बदले में जो शब्द प्रयोग किये जाते हैं, वे सर्वनाम कहलाते हैं।

कमला कमला के घर बैठी कमला की पुस्तक पढ़ रही है।

ऊपर लिखा वाक्य सुन्दर नहीं लगता। इसलिए आओ पहली बार के बाद 'कमला' के स्थान पर सर्वनाम नाम लगाकर वाक्य बनाएँ :

कमला अपने घर बैठी अपनी पुस्तक पढ़ रही है।

इसी प्रकार :

1. लता ने कान्ता से पूछा- कान्ता का भाई कहाँ जा रहा है?

लता ने कान्ता से पूछा- तुम्हारा भाई कहाँ जा रहा है?

2. रोहित ने कहा- रोहित की माँ, तुम बहुत अच्छी हो। रोहित ने कहा- मेरी माँ, तुम बहुत अच्छी हो।

सर्वनाम के ये रूप ध्यान में रखो :

एकवचन बहुवचन एकवचन बहुवचन

मैं हम तू तुम

आप आप लोग यह ये

वह वे कोई कोई

कुछ कुछ जो जो

कौन कौन क्या क्या

इससे पता चला कि कोई, कुछ, जो, कौन, क्या के रूप जैसे एकवचन में हैं, वैसे ही बहुवचन में रहते हैं। वे बदलते नहीं।

आओ करें : नीचे लिखे वाक्यों में जो सर्वनाम हैं उनके नीचे लकीर खींचिए :

कौन आ रहे हैं? तुम कौन हो?

आप लोग कब आये हैं? आज हम आ गए हैं।

वह पढ़ रहा है। तुम्हें इससे क्या?

नीचे लिखे वाक्यों में सर्वनाम के वचन बताओ :

वे कब जाएँगे? (वे-बहुवचन)

आओ, हम सैर को चलें (............)

कौन आ रहे हैं? (............)

तुम सब कहाँ जाओगे? (............)

अब मैं क्या करूँ? (............)

नीचे लिखे वाक्यों में से सर्वनाम चुनकर सामने के खाली स्थानों पर लिखिए :

क. अशोक अपने पिता की आज्ञा मानता है (अपने)

ख. अध्यापक ने अशोक से कहा- तू जा। (......)

ग. माँ ने रेखा से कहा कि वह जल्दी जाए। (......)

घ. हम भी चिड़ियाघर देखने जाएँगे। (......)

ड. उधर कौन जा रहे हैं? (......)

लिंग[सम्पादन]

नीचे लिखे वाक्यों को पढ़िए :

                               
मुझे पानी अच्छी लगती है।        मुझे पानी अच्छा लगता है।

मुझे दूध अच्छी लगती है।         मुझे दूध अच्छा लगता है।

हाथी जाती है।                   हाथी जाता है।

क के नीचे लिखे वाक्य गलत (अशुद्ध) हैं। ख के नीचे लिखे वाक्य ठीक (शुद्ध) हैं।

क्यों?

क के नीचे लिखे वाक्यों में लिंग का ध्यान नहीं रखा गया। लिंग का अर्थ है चिह्न का निशान। कोई शब्द पुल्लिंग है या स्त्रिलिंग इस बात का पता लिंग का ज्ञान होने से होता है। लड़का जाता ह;, लड़की जाती है। गाय दूध देती है; बैल हल चलाता है। मैअनिल की बहन हूँ; अनिल मेरा भाई है।

ऊपर लिखे वाक्यों से हमें पता चलता है कि पुल्लिंग के लिए क्रिया के अन्त में - ता है लगता है और स्त्रिलिंग के लिए क्रिया में - ती है लगता है।

हमने जाना : कोई शब्द पुरुष का बोध कराता है या स्त्री का, जिससे पता यह चले उसे लिंग कहते हैं।

1. पुल्लिंग - जो पुरुष का बोध कराए।

2. स्त्रिलिंग - जो स्त्री का बोध कराए।

पुल्लिंग, जैसे : लड़का, पुरुष, नर, मर्द, घोड़ा, बैल, फूल, तोता, कबूतर, राजा, भैंसा, टमामर, आलू, सन्तरा, अमरूद, केला।

स्त्रिलिंग, जैसे- लड़की, स्त्री, नारी, औरत, घोड़ी, गाय, कली, तोती, कबूतरी, रानी, भैंस, गोभी, भिंडी, नारंगी, खिरनी।

लिंग का कैसे पता चले?

संसार में दो तरह के पदार्थ हैं- सजीव, निर्जीव। सजीव दो प्रकार के हैं- पहले पुरुष को बताने वाले- पुल्लिंग। दूसरे स्त्री को बताने वाले- स्त्रिलिंग।

पुल्लिंग     स्त्रीलिंग
पुरुष        स्त्री
नर         नारी
मोर        मोरनी
बकरा       बकरी
बिलाव      बिल्ली
सिंह        सिंहनी

निर्जीव (बेजान) चीजों का लिंग कैसे पहचानें?

अपने से बड़ों - पिता, माता, चाचा, बुआ, बड़े भाई, बड़ीबहन आदि जब बोलें तो सुनो। जैसे माताजी कहें- 'तुम्हारी कमीज साफ है।' तो पता चला कि कमीज स्त्रीलिंग है। यदि कहें- 'तुम्हारा कुर्ता मैला है।' तो पता चला कि कुर्ता शब्द पुल्लिंग है।

वचन[सम्पादन]

नीचे लिखे वाक्यों को पढ़िए:

एक  लड़का पढ़ रहा है।        दो लड़के पढ़ रहे हैं।
एक लड़का पढ़ता है।            दो लड़के पढ़ते हैं।
लड़की लिखती है।             लड़कियाँ लिखती हैं।
तोता बोलता है।           तोते बोलते हैं।
यह अण्डा है।         ये अण्डे हैं।
यह बछड़ा है।            ये बछड़े हैं।
यह गौ है।              ये गौएँ हैं।
यह भैंस है।            ये भैंसें हैं।

यह पेंसिल है। ये पेंसिलें हैं।

ऊपर जो वाक्य बायीं तरफ लिखे हैं वे एक को और जो वाक्य दायीं तरफ लिखे हैं वे बहुत को बतलाते हैं। जो एक को बताएँ वे

एकवचन हैं। जो दो या अधिक को बताएँ वे बहुवचन हैं।

हमने जाना -

  • संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से यह पता चले कि वह एक है या अनेक, उसे वचन कहते हैं।
  • एक को बताने वाला शब्द एकवचन और अनेक (बहुत) को बताने वाला शब्द बहुवचन होता है।
  • एकवचन के साथ एकवचन की क्रिया लगती है और बहुवचन के साथ बहुवचन की क्रिया लगती है।

ध्यान से देखो; एकवचन से बहुवचन कैसे बनते हैं :

कुछ शब्दों के अंत में एँ लगाने से बहुवचन बनता है। जैसे-

एकवचन        बहुवचन     एकवचन       बहुवचन
रात             रातें         बात             बातें
आँख           आखें        पुस्तक          पुस्तकें
माला          मालाएँ       पाठशाला          पाठशालाएँ

कुछ शब्दों के अन्त में याँ जोड़ने से -

टोपी    टोलियाँ          रीति ......
नाली ........             टोकरी .......

कुछ शब्दों में अनुस्वार जाड़ने से -

कुटिया     कुटियाँ         खटिया   खटियाँ
गुड़िया ........               लुटिया ........

कुछ शब्दों के अन्त में जोड़ने से -

घोड़ा घोड़े     कुत्ता कुत्ते
चीता .....     पंखा .....
गधा .....      केला .....

करके देखिए :

1. नीचे लिखे शब्दों के बहुवचन लिखिए -

घड़ी घड़ियाँ सीढ़ी .......

कपड़ा ....... चिड़िया .......

लड़की ....... अध्यापिका .......

2. नीचे लिखे शब्दों के एकवचन लिखिए -

आँखें ....... बहनें ........

धाराएँ ....... मोटरें ........

रोटियाँ ....... स्त्रियाँ ........

3. वाक्य ठीक करके लिखिए -

अ- सब लड़की ने गीत सुनाया।

सब लड़कियों ने गीत सुनाया।

ब- कौआ पेड़ पर बैठे हैं।

....

द- सारी पुस्तक मेज पर पड़ी हैं।

....

य- सब बच्चे को मिठाई दो।

.......

कारक[सम्पादन]

तुलना कीजिए :

१. सिपाही ने चोर को पकड़ा।

सिपाही चोर पकड़ा।

२. अशोक पुल पर खड़ा था।

अशोक पुल खड़ा था।

३. पेड़ से पत्ते गिरेंगे।

पेड़ पत्ते गिरेंगे।

ऊपर जो वाक्य पहले लिखे हैं, उनके अर्थ ठीक समझ में आते हैं। दूसरे वाक्यों के अर्थ ठीक समझ में नहीं आते। ठीक अर्थ बताने के लिए शब्दों के साथ 'ने', 'पर', 'से' आदि चिह्न लगाए जाते हैं। इन्हें विभक्तियाँ कहते हैं। इन्हें ही कारक के चिह्न भी कहा जाता है।

हमने जाना : शब्द के उस रूप को कारक कहते हैं, जिससे संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ सम्बन्ध जाना जाए।

चिह्न                  अर्थ                            कारक
ने                   जो काम करे                      कर्ता
को                  जिस पर काम का प्रभाव पड़े          कर्म
से                   जिसके द्वारा काम हो                 करण
के लिए               जिसके लिए काम हो               सम्प्रदान
से                   जिससे कोई वस्तु अलग हो           अपादान
का, के, की             जो किसी से सम्बन्ध बताए           सम्बन्ध
में, पर या स्थान हो       जो काम करने का आधार            अधिकरण
हे, अरे               जिसे सम्बोधन किया (पुकारा) जाए      सम्बोधन

ध्यान रहे : कर्त्ता के साथ कहीं-कहीं 'ने' नहीं भी लगता है।

जैसे- मैं पढ़ता हूँ। ललिता खाना खाती है। हिमालय ऊँचा है।

रमेश तेज भागता है। वह पास होगा। तुम कल आना।

करके देखिए :

नीचे लिखे वाक्यों में मोटे टाइप के शब्दों में कौन-सा कारक आता है?

रमा ने पाठ पढ़ा (कर्त्ता कारक)

मैं तो आखाें का डॉक्टर हूँ इसमें कारक क्या है

कारक किसको कहते हैं? ...........

बालिका फूल को देखती है। ...........

सब लड़के कलम से लिखें। ...........

सब के लिए चाय लाओ। ...........

पेड़ से पत्ते गिरते हैं। ...........

अशोक की माताजी आई हैं। ...........

तुम कमरे में बैठो। ...........

छत पर कौन है? ...........

लड़को! पाठ को ध्यान से सुनो। ...........

चाकू से सब्जी काटो। ...........

वह क्या पढ़ेगा? ...........

जेब से रुपये गिर गए। ...........

अन्य संदर्भ[सम्पादन]