कार्यालयी हिंदी/कार्यालयी हिंदी का उद्देश्य

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कार्यालयी हिंदी का उद्देश्य

कार्यालय हिंदी प्रशासन की राज-काज की भाषा है। इसका उद्देश्य कार्यालयी स्तर पर हिंदी के प्रचलन को बढ़ाना है और हिंदी को सर्वसामान्य कि पहुंच तक लाना है। भारत में हिंदी बोली जाती है मगर ऐसी भी स्थिति है कि कहीं-कहीं हिंदी भाषा को नहीं बोला जाता है। हिंदी को वह महत्व प्राप्त नहीं है जो उसको होना चाहिए। भारत में एक राष्ट्रभाषा हो वह भी स्वप्न है जो आज तक पूर्ण ना हो सका है और हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए यह कार्यालय हिंदी के रूप में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कई देश है जो प्रशासन और सामान्य स्तरों पर एक ही भाषा का प्रयोग करते हैं और वे भारत के क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से विस्तृत है। भारत में ऐसे स्थान जहां लोग हिंदी बोल सकते हैं समझ सकते हैं परंतु उसे लिख और पढ़ नहीं पाते हैं इसलिए हिंदी भाषी लोगों को हिंदी पढ़ने और लिखने की बात भारतीय संविधान में निर्दिष्ट की गई। भारत अनेक भाषाओं का राष्ट्र होने के कारण और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते हिंदी राजभाषा तो बन गई किंतु उसे अभी तक वह सम्मान प्राप्त नहीं हो सका जो वास्तव में किसी एक राष्ट्र की प्रधान भाषा को मिलना चाहिए।

न्यायालय में आज भी काम-काज की भाषा अंग्रेजी ही मानी जाती है। भारत में विधि के क्षेत्र में हिंदी की जितनी अपेक्षा की गई उतनी किसी अन्य क्षेत्र में नहीं। अधिकांश न्यायालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले बाद और होने वाली बहसें आज भी अंग्रेजी में होती है अपने-अपने वाद के संबंध में वादी या प्रतिवादी को यह भी नहीं पता चल पाता कि न्यायालय में प्रस्तुत उनके वाद को अधिवक्स द्वारा कितनी मजबूती से प्रस्तुत किया है और उनके उस वाद को उस के पक्ष में प्रस्तुत किया भी है अथवा नहीं।

जिस समय राजभाषा संबंधी प्रावधानों को रखा गया था उस समय उसमें यह भी सुनिश्चित किया गया कि जहां भी राजभाषा हिंदी में कार्य करते हुए कर्मचारी को परेशानी का सामना करना पड़े वहां अंग्रेजी के शब्दों को यथावत देवनागरी में लिख सकता है क्योंकि प्रशासन की अपनी सुनिश्चित शब्दावली होती है ऐसे में अंग्रेजी के अनेक शब्दों का अनुवाद संभव ही नहीं हो सकता इसलिए उन शब्दों को देवनागरी में लिप्यंतरित कर उसका प्रयोग किया जा सकता है जिससे सामान्य व्यक्ति उस पत्र के मत्व्य को समझ सके।

समाज से की बहुसंख्यक वर्ग तक शासन की नीतियों को सहज रूप से पहुंचाते हुए सामान्य नागरिक को उसके अधिकारों के प्रति जानकारी देना कार्यालय हिंदी का उद्देश्य है। इसके अलावा शासन और प्रजा के बीच सीधा संवाद स्थापित करना। राष्ट्र के विकास में सामान्य नागरिक की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना यह सभी कार्यालय हिंदी के उद्देश्य हैं।