कृष्ण काव्य में माधुर्य भक्ति के कवि/चतुर्भुजदास का जीवन परिचय

Wikibooks से
Jump to navigation Jump to search


चतुर्भुजदास की वल्लभ सम्प्रदाय के भक्त कवियों में गणना की जाती है ये कुम्भनदास के पुत्र और गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे। डा ० दीन दयाल गुप्त के अनुसार इनका जन्म वि ० सं ० १५९७ और मृत्यु वि ० सं ० १६४२ में हुई थी। (अष्टछाप और वल्लभ सम्प्रदाय ;पृष्ठ २६५-२६६ ) इनका जन्म जमुनावती गांव में गौरवा क्षत्रिय कुल में हुआ था। वार्ता के अनुसार ये स्वभाव से साधु और प्रकृति से सरल थे। इनकी रूचि भक्ति में आरम्भ से ही थी। अतः भक्ति भावना की इस तीव्रता के कारण श्रीनाथ जी के अन्तरंग सखा बनने का सम्मान प्राप्त कर सके।