कृष्ण काव्य में माधुर्य भक्ति के कवि/ध्रुवदास की रचनाएँ

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आप की सभी रचनाएँ मुक्तक हैं। अपने ग्रंथों का नाम लीला रखा। इनके ग्रंथों या लीलाओं की संख्या बयालीस है। इसके अतिरिक्त आप के १०३ फुटकर पद और मिलते हैं ।जिन्हें पदयावली के नाम से बयालीस लीला में स्थान दिया गया है।