बिहार का परिचय/मध्यकालिन भारत और बिहार

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पटना के पास हिलसा से प्राप्त 1604-05 का शिलालेख अकबर के शासन के अंतिम वर्षों में जहाँगीर के विद्रोह की पुष्टि करता है। साथ हीं जहांगीर द्वारा शरीफ खान को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। कुछ समय बाद अकबर के शासनकाल के अंतिम गवर्नर आसफ खान को बदल दिया गया।

शेरशाह सूरी शासन के दौरान दीवान-ए-रिसालत या दीवान-ए-मुहतासिब विदेश मामलों के प्रभारी मंत्री या विदेश मंत्री थे।

अब्दुल लतीफ ,जो अपने संरक्षक अबुल हसन (शाहजहाँ के ससुर),के साथ अहमदाबाद गुजरात केे निवासी थे,जल्दी ही 1608 में आगरा से राजमहल की यात्रा की। उन्होंने अपने दौरे के दौरान जो कुछ देखा,उसके प्रमाणिक नोट लिए और उन्हें एक पुस्तक के रूप में शाहजहां के साम्राज्य में तैयार किया। सत्रहवीं शताब्दी के आरंभ में बिहार की रूप-रेखा प्रदान करने में उनकी पुस्तक दुर्लभ है।


बिहार में प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में उमरवा के चंद्रवंशी राजा भैरवेंद्र सिंह द्वारा बनाया गया था। सूर्र देव की पूजा करने और इसके कुंड में स्नान करने का रिवाज राजा अयल के युग में चला।