भारतीय अर्थव्यवस्था/मुद्रास्फीति

विकिपुस्तक से
Jump to navigation Jump to search

जब किसी अर्थव्यवस्था मे वस्तुओ और सेवाओ की पूर्ति की सपेछ मांग तीव्र गति से बड़े, परिणाम स्वरूप बस्तुओ और सेवाओ के मुल्यूयो मे सतत् वृधि बनी रहे, जिससे मुद्रा की क्रय शक्ति मे कमी आ जाती है यह स्थिति मुद्रा सफिती कह लाती है