सामग्री पर जाएँ

विकिपुस्तक:निर्भीक बनें

विकिपुस्तक से
(विकिपुस्तक:निर्भीक से अनुप्रेषित)

यह एक विकिपुस्तक दिशानिर्देश है। सभी सदस्यों से यह अपेक्षा की जाती है कि इसके अनुसार व्यवहार एवं संपादन करें।

निर्भीक बनें...

[सम्पादन]

विकिबुकियनों को प्रोत्साहित किया जाता है कि निर्भीक बनें और बदलाव करने, सामग्री जोड़ने अथवा हटाने, जहाँ कहीं समुदाय की स्वीकृति आवश्यक लगे या जहाँ भी निर्णय लेना स्पष्ट रूप से निर्विवाद न प्रतीत हो वहाँ नई चर्चाएँ शुरू करने, तथा विकिपुस्तक को एक बेहतर स्थान बनाने में अपने विवेक का सर्वोत्तम उपयोग करें। यदि आपको किसी पुस्तक अथवा खंड में तथ्यात्मक ग़लती दिखे, वर्तनी, व्याकरण अथवा फार्मेटिंग में साधारण त्रुटि दिखे कृपया सुधार करें। यदि आपको कुछ ऐसा लगे जिससे विकिपुस्तक को बेहतर बनाने में मदद मिल सके, बदलाव करें! सुधार करके चीजें बेहतर बनाने के लिए आपको किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है।

...किंतु लापरवाह न बनें

[सम्पादन]

विकिपुस्तक पर कोई भी संपादन कर सकता है, और अगर आपको लगता है कि आप इस प्रकल्प को बेहतर बना सकते हैं, यह प्रयास करने हेतु आपका बहुत स्वागत है, परंतु लापरवाह भी न बनें। अगर आपके द्वारा किया जाने वाला संपादन कोई भारी बदलाव लाता है, बहुधा बेहतर यही है कि पहले चर्चा शुरू करें और समुदाय की सहमति प्राप्त करें। ऐसे बड़े बदलावों में सामग्री में बड़ा बदलाव, ऐसे साँचों और संबंधित मॉड्यूल में बदलाव जिनसे बहुत से पन्ने प्रभावित हों, नीतियों संबंधी बदलाव इत्यादि कुछ आसानी से पहचाने जा सकने वाले योगदान क्षेत्र हैं जहाँ आपकी थोड़ी भी असावधानी बड़े नकारात्मक परिणाम उत्पन्न कर सकती है। यहाँ तक कि बेहतरीन नीयत और विवेक के सर्वोत्तम प्रयोग के बावज़ूद आपके बदलाव के नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। ऐसी दशा में सतर्क रहना भी आवश्यक है। जिन बदलावों को किया ही जाना उचित है उन्हें करने में अवश्य निर्भीक रहें किंतु ग़लती होने पर उसे स्वीकार करने में भी निर्भीक बनें और उन ग़लतियों को स्वयं सुधारने में भी आगे बढ़ें।

यह दिशा निर्देश

[सम्पादन]

विकिबुकियनों से आवश्यक रूप से निर्भीक होने की अपेक्षा नहीं की जाती, अपितु उन्हें निर्भीक बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है; उनसे यह भी वांछित है कि उनके निर्भीक और विवेकानुसार किये गए कार्य उनके लिए किसी तरह की अनावश्यक आलोचना का कारण न बनें। अन्य साथी विकिबुकियनों को भी सलाह दी जाती है कि अच्छी नीयत मानकर, निर्भीकता पूर्वक किये गए कार्यों को, लापरवाही से किये गए कार्य न घोषित करें, इसके स्थान पर सौम्यता पूर्वक उन त्रुटियों को इंगित करें जो किसी के द्वारा निर्भीकता से बदलाव करने के दौरान हुई हैं।