हिंदी व्याकरण/संज्ञा

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संज्ञा किसी वस्तु, प्राणी ,स्थान तथा भाव के नाम को कहते हैं। कम शब्दों में कहें तो "किसी भी नाम को संज्ञा कहते हैं" ऐसा कहा जा सकता है।

  • उदाहरण :

पेड़ ,लडका,श्याम,बाडमेर,नदी,सुनिल इत्यादि ।

प्रकार[सम्पादन]

व्यक्तिवाचक संज्ञा[सम्पादन]

किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध कराने वाले शब्दों को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण
  1. जितेन्द्र सियोल बाहर खेल रहा है।
  2. अनिल हंस रहा है।
  3. भारत के प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी है।
  4. मैं बाड़मेर में रहता हूं ।

गहरे रंग में दिया गया शब्द संज्ञा है। इसके स्थान पर यदि वह यह वहाँ आदि आने पर उसे संज्ञा नहीं सर्वनाम कहेंगे।

जातिवाचक संज्ञा[सम्पादन]

शब्द के जिस रुप से किसी प्राणी, वस्तु अथवा स्थान की पूरी जाति का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण
  1. पक्षी दाना चुग रहे है।
  2. चुहे सर्वाहारी होते है।

भाववाचक संज्ञा[सम्पादन]

वे शब्द जो किसी वस्तु या व्यक्ति के भाव , दशा, अवस्था , गुण, दोष आदि का बोध करवाते हैं उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

  • उदाहरण –
  1. अनिल शरारती बच्चा है।
  2. यह गाय सफेद है।
  3. मोहनलाल अमीर है।

समूहवाचक संज्ञा[सम्पादन]

१.४ जो संज्ञा किसी वस्तु या फिर व्यक्ति के समूह का बोध करे समूहवाचक संज्ञा (Noun) कहलाती है।

उदाहरण

  1. उसकी कक्षा में ५० विद्यार्थी हैं।

यह भी देखें[सम्पादन]

बाहरी कड़ी[सम्पादन]