हिन्दी-संस्कृत अनुवाद/हिंदी-संस्कृत वाक्य अनुवाद

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हिंदी-संस्कृत परिच्छेद अनुवाद

  • 1. बालक विद्यालय जाता है। - बालकः विद्यालयं गच्छति।
  • 2. झरने से अमृत को मथता है। - सागरं सुधां मथ्नाति।
  • 3. राम के सौ रुपये चुराता है। - रामं शतं मुष्णाति।
  • 4. राजा से क्षमा माँगता है। - नृपं क्षमां याचते।
  • 5. सज्जन पाप से घृणा करता है। - सज्जनः पापाद् जुगुप्सते।
  • 6. विद्यालय में लड़के और लड़कियाँ है। - विद्यालये बालकाः बालिकाश्च वर्तन्ते।
  • 7. मैं कंघे से बाल सँवारता हूँ। - अहं कंकतेन केशप्रसाधनं करोमि।
  • 8. बालिका जा रही है। - बालिका गच्छन्ती अस्ति।
  • 9. यह रमेश की पुस्तक है। - इदं रमेशस्य पुस्तकम् अस्ति।
  • 10. बालक को लड्डू अच्छा लगता है। - बालकाय मोदकं रोचते।
  • 11. माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना उचित है। - पितरौ गुरुजनाश्च सम्माननीयाः।
  • 12. जो होना है सो हो, मैं उसके सामने नहीं झुकूँगा। - यद्भावी तद् भवतु, नाहं तस्य पुरः शिरोऽवनमयिष्यामि।
  • 13. वह वानर वृक्ष से उतरकर नीचे बैठा है। - वानरः वृक्षात् अवतीर्य्य नीचैः उपविष्टोऽस्ति।
  • 14. मेरी सब आशाओं पर पानी फिर गया। - सर्वा ममाशा मोघाः सञ्जाताः।
  • 15. मैने सारी रात आँखों में काटी। - पर्यङ्के निषण्णस्य ममाक्ष्णोः प्रभातमासीत्।
  • 16. गुरु से धर्म पूछता है। - उपाध्यायं/गुरुं धर्मं पृच्छति।
  • 17. बकरी का दूध दुहता है। - अजां दुग्धं दोग्धि।
  • 18. मन्दिर के चारों ओर भक्त है। - मन्दिरं परितः भक्ताः सन्ति।
  • 19. इस आश्रम में ब्रह्मचारी, वानप्रस्थी और संन्यासी हैं। - ब्रह्मचारिणः वानप्रस्थाः संन्यासिनश्च अस्मिन् आश्रमे सन्ति।
  • 20. नाई उस्तरे से बाल काटता है। - नापितः क्षुरेण केशान् वपति।
  • 21. रंगरेज वस्त्रों को रंगता है। - रज्जकः वस्त्राणि रञ्जयति।
  • 22. मन सत्य से शुद्ध होता है। - मनः सत्येन शुध्यति।
  • 23. आकाश में पक्षी उड़ते हैं। - वियति (आकाशे) पक्षिणः उड्डीयन्ते।
  • 24. उसकी मूट्ठी गर्म करो, फिर तुम्हारा काम हो जाएगा। - उत्कोचं तस्मै देहि तेन तव कार्यं सेत्स्यति।
  • 25. कुम्भ पर्व में भारी जन सैलाब देखने योग्य है। - कुम्भपर्वणि प्रचुरो जनसञ्चारः दर्शनीयः।
  • 26. विद्याविहीन मनुष्य और पशुओं में कोई भेद नहीं है। - विद्याविहीनानां नराणां पशूनाञ्च कोऽपि भेदो नास्ति।
  • 27. उसकी ऐसी दशा देखकर मेरा जी भर आया। - तस्य तथावस्थामवलोक्य करुणार्द्रचेता अभवम्।
  • 28. प्रभाकर आज मेरे घर आएगा। - प्रभाकरः अद्य मम गृहमागमिष्यति।
  • 29. एक स्त्री जल के घड़े को लेकर पानी लेने जाती है। - एका स्त्री जलकुम्भमादाय जलमानेतुं गच्छति।
  • 30. मैं आज नहीं पढ़ा, इसलिये मेरे पिता मुझ पर नाराज थे। - अहमद्य नापठम्, अतः मम पिता मयि अप्रसन्नः आसीत्।
  • 31. मे घर जाकर पिता से पूछ कर आऊँगा। - अहं गृहं गत्वा पितरं पृष्ट्वा आगमिष्यामि।
  • 32. व्यायाम से शरीर बलवान् हो जाता है। - व्यायामेन शरीरं बलवद् भवति।
  • 33. उसके मूँह न लगना, वह बहुत चलता पुरजा है। - तेन साकं नातिपरिचयः कार्यः कितवौऽसौ।
  • 34. मेरे पाँव में काँटा चुभ गया है, उसे सुई से निकाल दो। - मम पादे कण्टको लग्नः, तं सूच्या समुद्धर।
  • 35. एक बार धर्म और सत्य में विवाद हुआ। - एकदा धर्म्मसत्ययोः परस्परं विवादोऽभवत्।
  • 36. सूर्य की प्रखर किरणों से वृक्ष, लता सब सूख जाते हैं। - सूर्यस्य तीक्ष्णकिरणैः वृक्षलताः शुष्काः भवन्ति।
  • 37. ईश्वर की कृपा से उसका शरीर नीरोग हो गया। - ईश्वरस्य कृपया तस्य शरीरं नीरोगम् अभवत्।
  • 38. राम के साथ सीता वन जाती है। - रामेण सह सीता वनं गच्छति।
  • 39. मुझे इस बात के सिर पैर का पता नहीं लगता। - अस्याः वार्तायाः अन्तादी नावगच्छामि।
  • 40. सुबह उठकर पढ़ने बैठ जाओ। - प्रातः उत्थाय अध्येतुम् उपविशः।
  • 41. पति के वियोग से वह सुखकर काँटा हो गयी है। - पतिविप्रयोगेण सा तनुतां गता।
  • 42. चपलता न करो इससे तुम्हारा स्वभाव विगड़ जायेगा। - मा चपलाय, विकरिष्यते ते शीलम्।
  • 43. घर के बाहर वृक्षः है। - गृहात् बहिः वृक्षः अस्ति।
  • 44. शकुन्तला का पति दुष्यन्त था। - शकुन्तलायाः पतिः दुष्यन्तः आसीत्।
  • 45. विष वृक्ष को भी पाल करके स्वयं काटना ठीक नहीं है। - विषवृक्षोऽपि संवर्ध्य स्वयं छेत्तुमसाम्प्रतम्।
  • 46. अध्यापक की डाँट सुनकर वह लज्जा से सिर झुकाकर खड़ी हो गयी। - अध्यापकस्य तर्जनं श्रुत्वा सा लज्जया शिरः अवनमय्य स्थितवती।
  • 47. अरे रक्षकों! आप जागरुकता से उद्यान की रक्षा करो। - भोः रक्षकाः! भवन्तः जागरुकतया उद्यानं रक्षन्तु।
  • 48. इन दिनों वस्तुओं का मूल्य अधिक है। - एषु दिनेषु वस्तूनां मूल्यम् अधिकम् अस्ति।
  • 49. आज सुबह कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। - अद्य प्रातःकाले कार्यक्रमस्य उद्घाटनं जातम्।
  • 50. पुस्तक पढ़ने के लिए वह पुस्तकालय जाता है। - पुस्तकं पठितुं सः पुस्तकालयं गच्छति।
  • 51. हस्तलिपि को साफ एवं शुद्ध बनाओ। - हस्तलिपिं स्पष्टां शुद्धां च कुरु।
  • 52. पढ़ने के समय दूसरी ओर ध्यान मत दो। - अध्ययनसमये अन्यत्र ध्यानं मा देहि।
  • 53. विद्यालय के सामने सुन्दर उद्यान है। - विद्यालयस्य पुरतः सुन्दरम् उद्यानं वर्तते।
  • 54. सुनार सोने से आभूषण बनाता है। - स्वर्णकारः स्वर्णेन आभूषणानि रचयति।
  • 55. लुहार लोहे से बर्तन बनाता है। - लौहकारः लौहेन पात्राणि रचयति।
  • 56. ईश्वर तीनों लोकों में व्याप्त है। - ईश्वरः त्रिलोकं व्याप्नोति।
  • 57. देश की उन्नति के लिए आयात और निर्यात आवश्यक है। - देशस्योन्नत्यै आयातो निर्यातश्च आवश्यकौ स्तः।
  • 58. रिश्वत लेना और देना दोनों ही पाप है। - उत्कोचस्य आदानं प्रदानं च द्वयमपि पापम् अस्ति।
  • 59. बुद्धि ही बल से श्रेष्ठ है। - मतिरेव बलाद् गरीयसी।
  • 60. बुरों का साथ छोड़ और भलों की सङ्गति कर। - त्यज दुर्जनसंसर्गं भज साधुसमागमम्।
  • 61. एक दिन महर्षि ने ध्यान के समय दूर जङ्गल में धधकती हुई आग को देखा। - एकदा ध्यानमग्नोऽसौ ऋषिः दूरवर्तिनि वनप्रदेशे जाज्वल्यमानं दावानलं ददर्श।
  • 62. एक समय राजा दिलीप ने अश्वमेध यज्ञ करने के लिए एक घोड़ा छोड़ा। - एकदा राजा दिलीपोऽश्वमेधयज्ञं कर्तुमश्वमेकं मुमोच।
  • 63. आप सभी हमारे साथ संस्कृत पढें। - भवन्तः अपि अस्माभिः सह संस्कृतं पठन्तु।
  • 64. बालकों को मिठाई पसंद है। - बालकेभ्यः मधुरं रोचते।
  • 65. बहन! आज आने में देर क्यों? - भगिनि! अद्य आगमने किमर्थं विलम्बः।
  • 66. मित्र! कल मेरे घर आना। - मित्र! श्वः मम गृहम् आगच्छतु।
  • 67. घर के दानों ओर वृक्ष है। - गृहम् उभयतः वृक्षाः सन्ति।
  • 68. मैं साइकिल से पढ़ने के लिए पुस्तकालय जाता हूँ। - अहं द्विचक्रिकया पठितुं पुस्तकालयं गच्छामि।
  • 69. विद्यालय जाने का यही समय है। - विद्यालयं गन्तुम् अयमेव समयः।
  • 70. सूर्य निकल रहा है और अंधेरा दूर हो रहा है। - भानुरुद्गच्छति तिमिरश्चापगच्छति।
  • विवेक आज घर जायेगा। -- विवेकः अद्य गृहं गमिष्यसि ।
  • सदाचार से विश्वास बढता है। -- सदाचारेण विश्वासं वर्धते ।
  • वह क्यों लज्जित होता है? -- सः किमर्थम्लज्जते ?
  • हम दोनों ने आज चलचित्र देखा। -- आवां अद्य चलचित्रम् अपश्याव।
  • हम दोनों कक्षा में अपना पाठ पढ़ेंगे। -- आवां कक्षायाम्‌ स्व पाठम पठिष्यावः ।
  • वह घर गई। -- सा गृहं‌ अगच्छ्त्‌।
  • सन्तोष उत्तम सुख है। -- संतोषः उत्तमं सुखः अस्ति ।
  • पेड़ से पत्ते गिरते है। -- वृक्षात्‌ पत्राणि पतन्ति ।
  • मै वाराणसी जाऊंगा। -- अहं वाराणासीं गमिष्यामि ।
  • मुझे घर जाना चाहिये। -- अहं गृहं गच्छेयम्‌ ।
  • यह राम की किताब है। -- इदं रामस्य पुस्तकम्‌ अस्ति ।
  • हम सब पढ़ते हैं। -- वयं पठामः ।
  • सभी छात्र पत्र लिखेंगे। -- सर्वे छात्राः पत्रं लिखिष्यन्ति ।
  • मै विद्यालय जाऊंगा। -- अहं विद्यालयं गमिष्यामि ।
  • प्रयाग में गंगा -यमुना का संगम है। -- प्रयागे गंगायमुनयोः संगमः अस्ति ।
  • हम सब भारत के नागरिक हैं। -- वयं भारतस्य नागरिकाः सन्ति ।
  • वाराणसी गंगा के पावन तट पर स्थित है। -- वाराणसी गंगायाः पावनतटे स्थितः अस्ति।
  • वह आ गया। -- सः आगच्छ्त्।
  • तुम पुस्तक पढ़ो। -- त्वं पुस्तकं पठ ।
  • हम सब भारत के नागरिक हैं । -- वयं भारतस्य नागरिकाः सन्ति ।
  • देशभक्त निर्भीक होते हैं । -- देशभक्ताः निर्भीकाः भवन्ति ।
  • सिकन्दर कौन था ? -- अलक्षेन्द्रः कः आसीत् ?
  • राम स्वभाव से दयालु हैं । -- रामः स्वभावेन दयालुः अस्ति ।
  • वृक्ष से फल गिरते हैं । -- वृक्षात् फलानि पतन्ति ।
  • शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया । -- शिष्यः गुरुं प्रश्नम् अपृच्छ्त् ।
  • मैं प्रतिदिन स्नान करता हूँ । -- अहं प्रतिदिनम् स्नानं कुर्यामि ।
  • मैं कल दिल्ली जाऊँगा । -- अहं श्वः दिल्लीनगरं गमिष्यामि ।
  • प्रयाग में गंगा-यमुना का संगम है । -- प्रयागे गंगायमुनयोः संगमः अस्ति ।
  • वाराणसी की पत्थर की मूर्तियाँ प्रसिद्ध हैं । -- वाराणस्याः प्रस्तरमूर्त्तयः प्रसिद्धाः ।
  • अगणित पर्यटक दूर देशो से वाराणसी आते हैं । -- अगणिताः पर्यटकाः सुदूरेभ्यः देशेभ्यः वाराणसी नगरिम् आगच्छन्ति ।
  • यह नगरी विविध कलाओ के लिए प्रसिद्ध हैं । -- इयं नगरी विविधानां कलानां कृते प्रसिद्धा अस्ति ।
  • वे यहा निःशुल्क विद्या ग्रहण करते हैं । -- ते अत्र निःशुल्कं विद्यां गृह्णन्ति ।
  • वाराणसी में मरना मंगलमय होता है । -- वाराणस्यां मरणं मंगलमयं भवति ।
  • सूर्य उदित होगा और कमल खिलेंगे । -- सूर्यः उदेष्यति कमलानि च हसिष्यन्ति ।
  • रात बीतेगी और सवेरा होगा । -- रात्रिः गमिष्यति, भविष्यति सुप्रभातम् ।
  • कुँआ सोचता है कि हैं अत्यन्त नीच हूँ । -- कूपः चिन्तयति नितरां नीचोऽस्मीति ।
  • भिक्षुक प्रत्येक व्यक्ति के सामने दीन वचन मत कहो । -- भिक्षुक! प्रत्येकं प्रति दिन वचः न वद्तु ।
  • हंस नीर- क्षीर विवेक में प्रख्यात हैं । -- हंसः नीर-क्षीर विवेक प्रसिद्ध अस्ति ।
  • सत्य से आत्मशक्ति बढ़ती है । -- सत्येन आत्मशक्तिः वर्धते ।
  • अपवित्रता से दरिद्रता बढ़ती है । -- अशौचेन दारिद्रयं वर्धते।
  • अभ्यास से निपुणता बढ़ती है। -- अभ्यासेन निपुणता वर्धते ।
  • उदारता से अधिकतर बढ़ते है । -- औदार्येण प्रभुत्वं वर्धते ।
  • उपेक्षा से शत्रुता बढ़ती है । -- उपेक्षया शत्रुता वर्धते।
  • मानव जीवन को संस्कारित करना ही संस्कृति है । -- मानव जीवनस्य संस्करणाम् एव संस्कृतिः अस्ति
  • भारतीय संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है । -- भारतीयाः संस्कृतिः सर्वश्रेष्ठः अस्ति ।
  • सभी निरोग रहें और कल्याण प्राप्त करें । -- सर्वे संतु निरामयाः सर्वे भद्राणि पश्यंतु च ।
  • काम करके ही फल मिलता है । -- कर्म कृत्वा एव फलं प्राप्यति ।
  • हमारे पूर्वज धन्य थे । -- अस्माकं पूर्वजाः धन्याः आसन्।
  • हम सब एक ही संस्कृति के उपासक हैं। -- वयं सर्वेऽपि एकस्याः संस्कृतेः समुपासकाः सन्ति ।
  • जन्म भूमि स्वर्ग से भी बड़ी है । -- जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी।
  • विदेश में धन मित्र होता है। -- विदेशेषु धनं मित्रं भवति ।
  • विद्या सब धनों में प्रधान है । -- विद्या सर्व धनं प्रधानम् ।
  • मनुष्य को निर्लोभी होना चाहिये । -- मनुष्यः लोभहीनः भवेत्।
  • आज मेरे विद्यालय मे उत्सव होगा। -- अद्य मम् विद्यालये उत्सवः भविष्यति ।
  • ताजमहल यमुना किनारे पर स्थित है । -- ताजमहलः यमुना तटे स्थितः अस्ति ।
  • हमे नित्य भ्रमण करना चाहिये । -- वयं नित्यं भ्रमेम ।
  • गाय का दूध गुणकारी होता है । -- धेनोः दुग्धं गुणकारी भवति ।
  • जंगल मे मोर नाच रहे हैं । -- वने मयूराः नृत्यन्ति ।
  • किसी के साथ बुरा कार्य मत करो । -- केनापि सह दुष्कृतं मा कुरु।
  • सच और मीठा बोलो । -- सत्यं मधुरं च वद ।
  • वह पढ़ना चाहता है !  :-- सः पठितुम इच्छति !
  • मेरे मित्र ने पुस्तक पढ़ी I मम मित्रं पुस्तकं अपठत् I
  • वे लोग घर पर क्या करेंगे I ते गृहे किम करिष्यन्ति I
  • यह गाय का दूध पीता है I सः गोदुग्धम पिवति I
  • हम लोग विद्यालय जाते है I वयं विद्यालयं गच्छाम: I
  • तुम शीघ्र घर जाओ I त्वं शीघ्रं गृहम् गच्छ I
  • हमें मित्रों की सहायता करनी चाहिये I वयं मित्राणां सहायतां कुर्याम I
  • विवेक आज घर जायेगा I विवेकः अद्य गृहं गमिष्यति I
  • सदाचार से विश्वास बढता है I सदाचारेण विश्वासं वर्धते I
  • वह क्यों लज्जित होता है ? सः किमर्थम् लज्जते ?
  • हम दोनों ने आज चलचित्र देखा I आवां अद्य चलचित्रम् अपश्याव I
  • हम दोनों कक्षा में अपना पाठ पढ़ेंगे | आवां कक्षायाम्‌ स्व पाठम पठिष्याव: I
  • वह घर गई I सा गृहम्‌ अगच्छ्त्‌ I
  • सन्तोष उत्तम सुख है I संतोषः उत्तमं सुख: अस्ति I
  • पेड़ से पत्ते गिरते है I वृक्षात्‌ पत्राणि पतन्ति I
  • मै वाराणसी जाऊंगा I अहं वाराणासीं गमिष्यामि I
  • मुझे घर जाना चाहिये I अहं गृहं गच्छेयम्‌ I
  • यह राम की किताब है I इदं रामस्य पुस्तकम्‌ अस्ति I
  • हम सब पढ़ते हैं I वयं पठामः I
  • सभी छात्र पत्र लिखेंगे I सर्वे छात्राः पत्रं लिखिष्यन्ति I
  • मै विद्यालय जाऊंगा I अहं विद्यालयं गमिष्यामि I
  • प्रयाग में गंगा -यमुना का संगम है | प्रयागे गंगायमुनयो: संगम: अस्ति |
  • हम सब भारत के नागरिक हैं | वयं भारतस्य नागरिका: सन्ति |
  • वाराणसी गंगा के पावन तट पर स्थित है | वाराणसी गंगाया: पावनतटे स्थित: अस्ति |
  • वह गया | स: आगच्छ्त् |
  • वह किसका घोड़ा है ? स: कस्य अश्व: अस्ति ?
  • तुम पुस्तक पढ़ो | त्वं पुस्तकं पठ |
  • हम सब भारत के नागरिक हैं | वयं भारतस्य नागरिका: सन्ति |
  • देशभक्त निर्भीक होते हैं | देशभक्ता: निर्भीका: भवन्ति |
  • सिकन्दर कौन था ? अलक्षेन्द्र: क: आसीत् ?
  • राम स्वभाव से दयालु हैं | राम: स्वभावेन दयालु: अस्ति |
  • वृक्ष से फल गिरते हैं | वृक्षात् फलानि पतन्ति |
  • शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया | शिष्य: गुरुं प्रश्नम् अपृच्छ्त् |
  • मैं प्रतिदिन स्नान करता हूँ | अहं प्रतिदिनम् स्नानं कुर्यामि |
  • मैं कल दिल्ली जाऊँगा | अहं श्व: दिल्लीनगरं गमिष्यामि |
  • प्रयाग में गंगा-यमुना का संगम है | प्रयागे गंगायमुनयो: संगम: अस्ति |
  • वाराणसी की पत्थर की मूर्तियाँ प्रसिद्ध हैं | वाराणस्या: प्रस्तरमूर्त्तय: प्रसिद्धा: |
  • अगणित पर्यटक दूर देशो से वाराणसी आते हैं | अगणिता: पर्यटका: सुदूरेभ्य: देशेभ्य: वाराणसी नगरिम् आगच्छन्ति |
  • यह नगरी विविध कलाओ के लिए प्रसिद्ध हैं | इयं नगरी विविधानां कलानां कृते प्रसिद्धा अस्ति |
  • वे यहा नि:शुल्क विद्या ग्रहण करते हैं | ते अत्र नि:शुल्कं विद्यां गृह्णन्ति |
  • वाराणसी में मरना मंगलमय होता है | वाराणस्यां मरणं मंगलमयं भवति |
  • सूर्य उदित होगा और कमल खिलेंगे | सूर्य: उदेष्यति कमलानि च हसिष्यन्ति |
  • रात बीतेगी और सवेरा होगा | रात्रि: गमिष्यति, भविष्यति सुप्रभातम् |
  • कुँआ सोचता है कि हैं अत्यन्त नीच हूँ | कूप: चिन्तयति नितरां नीचोsस्मीति |
  • भिक्षुक प्रत्येक व्यक्ति के सामने दीन वचन मत कहो | भिक्षुक! प्रत्येकं प्रति दिन वच: न वद्तु |
  • हंस नीर- क्षीर विवेक में प्रख्यात हैं | हंस: नीर-क्षीर विवेक प्रसिद्ध अस्ति |
  • सत्य से आत्मशक्ति बढ़ती है | सत्येन आत्मशक्ति: वर्धते |
  • अपवित्रता से दरिद्रता बढ़ती है | अशौचेन दारिद्रयं वर्धते|
  • अभ्यास से निपुणता बढ़ती है| अभ्यासेन निपुणता वर्धते |
  • उदारता से अधिकतर बढ़ते है | औदार्येण प्रभुत्वं वर्धते |
  • उपेक्षा से शत्रुता बढ़ती है | उपेक्षया शत्रुता वर्धते|
  • मानव जीवन को संस्कारित करना ही संस्कृति है | मानव जीवनस्य संस्करणाम् एव संस्कृति: अस्ति
  • भारतीय संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है | भारतीया: संस्कृति: सर्वश्रेष्ठ: अस्ति |
  • सभी निरोग रहें और कल्याण प्राप्त करें | सर्वे संतु निरामया: सर्वे भद्राणि पश्यंतु च |
  • काम करके ही फल मिलता है | कर्म कृत्वा एव फलं प्राप्यति |
  • हमारे पूर्वज धन्य थे | अस्माकं पूर्वजा: धन्या: आसन्|
  • हम सब एक ही संस्कृति के उपासक हैं| वयं सर्वेsपि एकस्या: संस्कृते: समुपासका: सन्ति |
  • जन्म भूमि स्वर्ग से भी बड़ी है | जन्मभूमि स्वर्गादपि गरीयसी|
  • विदेश में धन मित्र होता है| विदेशेषु धनं मित्रं भवति |
  • विद्या सब धनों में प्रधान है | विद्या सर्व धनं प्रधानम् |
  • मनुष्य को निर्लोभी होना चाहिये | मनुष्य: लोभहीन: भवेत्|
  • आज मेरे विद्यालय मे उत्सव होगा| अद्य मम् विद्यालये उत्सव: भविष्यति |
  • ताजमहल यमुना किनारे पर स्थित है | ताजमहल: यमुना तटे स्थित: अस्ति |
  • हमे नित्य भ्रमण करना चाहिये | वयं नित्यं भ्रमेम |
  • गाय का दूध गुणकारी होता है | धेनो: दुग्धं गुणकारी भवति |
  • जंगल मे मोर नाच रहे हैं | वने मयूरा: नृत्यन्ति |
  • किसी के साथ बुरा कार्य मत करो | केनापि सह दुष्कृतं मा कुरु|
  • सच और मीठा बोलो | सत्यं मधुरं च वद |