हिन्दी व्याकरण/संज्ञा

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संज्ञा किसी वस्तु, प्राणी ,स्थान तथा भाव के नाम को कहते हैं। कम शब्दों में कहें तो "किसी भी नाम को संज्ञा कहते हैं" ऐसा कहा जा सकता है

प्रकार[सम्पादन]

व्यक्तिवाचक संज्ञा[सम्पादन]

किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध कराने वाले शब्दों को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण
  1. अजय बाहर खेल रहा है।
  2. कल अजय बाहर नहीं खेल रहा था।
  3. मेरा नाम विजय है।
  4. तुम्हारा नाम क्या अजय है।

गहरे रंग में दिया गया शब्द संज्ञा है। इसके स्थान पर यदि वह यह वहाँ आदि आने पर उसे संज्ञा नहीं सर्वनाम कहेंगे।

जातिवाचक संज्ञा[सम्पादन]

शब्द के जिस रुप से किसी प्राणी, वस्तु अथवा स्थान की पूरी जाति का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण
  1. पक्षी दाना चुग रहे है।
  2. क्या तुम मेरे शहर नयापुर आज आ सकते हो।
  3. विद्यालय कितनी दूरी पर है।

वस्तुवाचक संज्ञा[सम्पादन]

इस संज्ञा में किसी भी प्रकार के वस्तु के नाम को वस्तु वाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे किताब, मोबाइल, दर्पण, वाहन, कलम, बल्ल आदि।

उदाहरण

Achar khtta ha ma sangya shabd konsa hai

  1. हूँ।
  2. है।

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बाहरी कड़ी[सम्पादन]