हिन्दी दिवस/पुरस्कार

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हिन्दी दिवस के दिन कई प्रकार के पुरस्कारों का वितरण भी किया जाता है। इस का उद्देश्य लोगों को हिन्दी भाषा के प्रति आकर्षित करना है। इस दिन राजभाषा गौरव पुरस्कार और राजभाषा कीर्ति पुरस्कार दिया जाता है।

राजभाषा गौरव पुरस्कार[सम्पादन]

यह पुरस्कार किसी व्यक्ति को दिया जाता है। यह पुरस्कार केवल भारतीय नागरिक को ही दिया जाता है। जिसने भी हिन्दी भाषा में विज्ञान और तकनीकी के विषय में कोई पुस्तक लिखा हो। इसका उद्देश्य हिन्दी भाषा को विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। क्योंकि हिन्दी के लेखक मुख्यतः इन विषयों में बहुत कम ही लिखते हैं या जो लिखते भी हैं, वो इसमें गैर-हिन्दी शब्दों का अधिक उपयोग करते हैं।

यह पुरस्कार कुल 13 लोगों को 14 सितम्बर के दिन दिया जाता है। इसमें प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले को ₹2,00,000 व द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले को ₹1,50,000 और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले को ₹75,000 रुपये मिलता है। इसके अलावा 10 लोगों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में ₹10,000 रुपये मिलता है। इसके अलावा सभी लोगों को स्मृति चिन्ह भी मिलता है।

कोई भी भारतीय लेखक, जिसने हिन्दी भाषा में विज्ञान या तकनीकी के विषय में 100 या उससे अधिक पृष्ठ में कोई पुस्तक लिखा हो वह इस पुरस्कार हेतु अपनी पुस्तक की जानकारी सरकार को भेज सकता है। जिसमें से श्रेष्ठ 13 लोगों के पुस्तक को इस पुरस्कार के लिए चुना जाएगा।

राजभाषा कीर्ति पुरस्कार[सम्पादन]

यह पुरस्कार किसी संस्थान, कार्यालय आदि को दिया जाता है। इसका उद्देश्य किसी भी कार्य में हिन्दी के उपयोग को बढ़ावा देना है। क्योंकि कई कार्यालय जिसमें सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं, कई कारणों से हिन्दी का उपयोग नहीं करते हैं। जो करते भी हैं, वे अच्छे हिन्दी शब्दों का उपयोग नहीं करते। इस कारण इस क्षेत्र में हिन्दी भाषा के विकास हेतु यह पुरस्कार ऐसे संस्थान या कार्यालय को दिया जाता है, जिसने अपने दैनिक कार्यों में अच्छे हिन्दी भाषा का उपयोग कर यह दिखाया हो कि हिन्दी भाषा में भी बात कर के किसी भी कार्य को आसानी से और बहुत अच्छे से किया जा सकता है।