सामान्य अध्ययन २०१९/महत्वपूर्ण रिपोर्ट एवं सूचकांक

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सामान्य अध्ययन २०१९
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महत्वपूर्ण सूचकांक एवं जारी करने वाले संस्थान[सम्पादन]

  • वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक-पर्यावरण थिंक टैंक जर्मनवाच द्वारा जारी किया गया।
  • विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्द्धात्मक रैंकिंग 2019[भारत को 44वांँ स्थान]- आई.एम.डी. विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्द्धात्मक केंद्र द्वारा जारी की गई है। 3 कारकों ज्ञान,प्रौद्योगिकियों और भविष्य की तत्परता (Future Readiness) के आधार पर प्रदान की जाती है। इन कारकों के प्रतिभा,प्रशिक्षण और शिक्षा,वैज्ञानिक एकाग्रता,प्रौद्योगिकी,विनियामक ढांँचा,पूंजी निवेश,प्रौद्योगिकी ढांँचा,अनुकूलन,व्यापार दृष्टिकोण व आईटी एकीकरण जैसे उपकारक है।
भारत ने दूरसंचार उप-कारक स्तर में सबसे बड़े सुधार के साथ दूरसंचार निवेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

अमेरिका>सिंगापुर>स्वीडन इस वर्ष सर्वाधिक सुधार चीन की रैंकिंग में हुआ है जिसने 8 स्थानों के सुधार के साथ पिछले वर्ष कि 30वीं रैंक की तुलना में इस वर्ष 22वीं रैंक प्राप्त की है। यह रैंकिंग 63 देशों को उनकी डिजिटल तकनीक को अपनाने एवं अन्वेषण क्षमता व तैयारी को मापती है। यह रैंकिंग 3 कारकों ज्ञान, प्रौद्योगिकियों और भविष्य की तत्परता (Future Readiness) के आधार पर प्रदान की जाती है। इन कारकों के प्रतिभा, प्रशिक्षण और शिक्षा, वैज्ञानिक एकाग्रता, प्रौद्योगिकी, विनियामक ढांँचा, पूंजी निवेश, प्रौद्योगिकी ढांँचा, अनुकूलन, व्यापार दृष्टिकोण व आईटी एकीकरण जैसे उपकारक है।

  • ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2019-द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा किसी विशेष देश को निम्नलिखित पाँच श्रेणियों के आधार पर रैंकिंग प्रदान की जाती है।
  1. स्थायित्व (Stability)
  2. संस्कृति एवं पर्यावरण (Culture and Environment)
  3. स्वास्थ्य देखभाल (Healthcare)
  4. शिक्षा (Education)
  5. आधारभूत अवसंरचना (Infrastructure)

इस सूची में मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) को शीर्ष स्थान हासिल हुआ है। इस रिपोर्ट में विश्व के 140 शहरों को उनकी रहने की स्थिति के आधार पर रैंक प्रदान की गई है।

  • विश्व यात्रा,पर्यटन प्रतिस्पर्द्धात्मकता सूचकांक[भारत को 34वाँ स्थान]-विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी इस सूचकांक में प्राप्त हुआ है। वर्ष 2017 में भारत की रैंकिंग 40वीं थी।

रैंकिंग में सुधार का सबसे महत्त्वपूर्ण कारण भारत का समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों तथा बाज़ार में कम दाम पर वस्तुओं की उपलब्धता से प्रेरित होना है। दक्षिण एशिया में भारत को सबसे प्रतिस्पर्द्धी यात्रा-पर्यटन अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल है।

  • वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2019-आयरलैंड स्थित एक एजेंसी कंसर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी के एक संगठन वेल्ट हंगर हिल्फे द्वारा संयुक्त रूप से।

मानक:-लंबाई के अनुपात में कम वज़न (Child Wasting)। आयु के अनुपात में कम विकास (Child Stunting)। कुपोषण। बाल मृत्युदर। भारत और इसके पड़ोसी देशों की स्थिति:-वर्ष 2019 में भारत 117 देशों में से 102वें स्थान पर रहा, जबकि वर्ष 2018 में भारत 103वें स्थान पर था। वर्ष 2019 के सूचकांक में नेपाल 73वें, श्रीलंका 66वें,बांग्लादेश 88वें, म्यांमार 69वें और पाकिस्तान 94वें स्थान पर रहे। अन्य देशों की स्थिति: वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2019 में बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत सहित 17 देश शीर्ष पर रहे।

  • वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक 2019 (Multidimensional Poverty Index- MPI)-ऑक्सफोर्ड पावर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट पहल और यू.एन.डी.पी.।
इसके अनुसार भारत में पिछले एक दशक के बीच तकरीबन 271 मिलियन लोग गरीबी की सीमा से बाहर हुए हैं।रिपोर्ट के अनुसार,भारत ने ‘संपत्ति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता और पोषण’ जैसे मापदंडों में मज़बूत सुधार किया है।
  • विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक-‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ संगठन द्वारा जारी वार्षिक सूचकांक।2019 के सूचकांक में नॉर्वे लगातार तीसरे साल शीर्ष पर फिनलैंड दूसरे स्थान पर तथा भारत को 140वाँ स्थान 180 देशों की सूची में मिला है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दो पायदान नीचे है।
  • हेनले पासपोर्ट सूचकांक 2019 में भारत के पासपोर्ट को 86वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।

189 के मोबिलिटी स्कोर के साथ जापान और सिंगापुर इस सूचकांक में सबसे शीर्ष स्थान पर हैं। इसके अतिरिक्त दक्षिण कोरिया, जर्मनी और फ़िनलैंड 187 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान परहैं। इस सूचकांक में सबसे निचले स्थान (109वें) पर अफग़ानिस्तान है, जिसके पासपोर्ट धारक 25 देशों में बिना किसी पूर्व वीज़ा के यात्रा कर सकते हैं।

  • वैश्विक शांति सूचकांक 2019 के अनुसार,भारत 163 देशों में से 141वें स्थान पर है।जबकि 15वें स्थान के साथ भूटान दक्षिण एशिया का सबसे शांतिपूर्ण देश है।आस्ट्रेलियाई थिंक टैंक ‘‘इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस’’द्वारा जारी इस सूचकांक के अनुसार शांतिपूर्ण देशों की सूची में आइसलैंड को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। संभावित जलवायु परिवर्तन को इस सूचकांक के एक नए मानक के रूप में शामिल किया गया है।
करप्शन परसेप्शन इंडेक्स’ (CPI) प्रतिवर्ष ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी,जो बर्लिन, ज़र्मनी स्थित एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन।

महत्वपूर्ण रिपोर्ट[सम्पादन]

  • विश्व आर्थिक मंच सार्वजनिक-निजी सहयोग हेतु एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जिसका उद्देश्य विश्व के प्रमुख व्यावसायिक, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों के अग्रणी लोगों के लिये एक मंच के रूप में काम करना है। यह एक गैर-लाभकारी संस्था है जिसका मुख्यालय जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा प्रकाशित की जाने वाली कुछ महत्त्वपूर्ण रिपोर्ट-

  1. वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता रिपोर्ट (Global Competitiveness Report -GCR)
  2. यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्द्धात्मकता रिपोर्ट (Travel and Tourism Competitiveness Report)
  3. वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट (Global Information Technology Report),
  • नई दिल्ली में जारी वैश्विक नवाचार सूचकांक 2019 (Global Innovation Index 2019) में भारत को 52वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।वैश्विक नवाचार सूचकांक 2019 का यह 12वाँ संस्करण है।

GII रैंकिंग का प्रकाशन प्रत्येक वर्ष कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, इन्सीड और संयुक्त राष्ट्र के विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (विपो) तथा GII के नॉलेज भागीदारों द्वारा किया जाता है। इसके ज़रिये विश्व की अर्थव्यवस्थाओं को नवाचार क्षमता और परिणामों के आधार पर रैंकिंग दी जाती है।

  • ‘इंटरनेशनल माइग्रेंट स्टॉक 2019’-संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग द्वारा इसके अनुसार 17.5 मिलियन अंतर्राष्ट्रीय आप्रवासियों के साथ भारत आप्रवासियों के मामले शीर्ष स्थान पर पहुँच गया है। वर्ष 2015 में भारतीय आप्रवासियों की संख्या 15.9 मिलियन थी।
  • क्लाइमेट रेज़िलिएंट ओब्जर्विंग सिस्टम प्रमोशन काउंसिल (Climate Resilient Observing Systems Promotion Council-CROPC) द्वारा भारत में आकाशीय बिजली (तड़ित) गिरने संबंधी घटनाओं पर अपनी तरह की पहली रिपोर्ट तैयार किया गया। इसके अनुसार, इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच की चार महीने की अवधि में आकाशीय बिजली के गिरने के कारण कम-से-कम 1,311 लोगों की मौत हुई हैं। इन घटनाओं में उत्तर प्रदेश (224 मौतें) शीर्ष पर है, इसके बाद बिहार (170), ओडिशा (129) और झारखंड (118) का स्थान है।

इस रिपोर्ट को जो एक गैर-लाभकारी संगठन है, यह भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department-IMD) के साथ मिलकर काम करता है।

  • विश्व बैंक ने ‘क्वालिटी अननोन : द इनविज़िबल वाटर क्राइसिस’ (Quality Unknown : The Invisible Water Crisis) नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रदूषित पानी कुछ देशों में आर्थिक वृद्धि की दर को एक-तिहाई तक कम कर रहा है।
  • वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक-अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष(IMF)द्वारा यह भविष्य के चार वर्षों तक के अनुमानों के साथ निकट और मध्यम संदर्भ में वैश्विक अर्थव्यवस्था को चित्रित करता है।यह पूर्वानुमान में सकल घरेलू उत्पाद, मुद्रास्फीति, चालू खाता और दुनिया भर के 180 से अधिक देशों के वित्तीय संतुलन जैसे महत्त्वपूर्ण आर्थिक संकेतक शामिल हैं।
  • ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड’:-संयुक्त राष्ट्र (United Nations- UN) बीते 3 वर्षों में भूख से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और लगभग 820 मिलियन लोग आज भी अल्पपोषण से प्रभावित हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्ष 2004-06 के बीच कुपोषितों की कुल संख्या 253.9 मिलियन थी जो वर्ष 2016-18 के बीच घटकर 194.4 मिलियन हो गई। भारत में कुपोषितों की कुल संख्या में कमी तो आई है, परंतु अभी भी भारत के समक्ष यह एक प्रमुख समस्या के रूप में मौजूद है।

संयुक्त राष्ट्र (United Nations-UN) द्वारा जनसंख्या आधारित रिपोर्ट भारत सहित नाइज़ीरिया, पाकिस्तान, कांगो, इथियोपिया, तंज़ानिया, इंडोनेशिया, मिस्र और अमेरिका जैसे तमाम देश उन देशों की सूची में हैं जो भविष्य में बहुत अधिक जनसंख्या वृद्धि का अनुभव करेंगे। इस सूची में भारत शीर्ष स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2050 तक पृथ्वी की कुल जनसंख्या 9.7 बिलियन हो जाएगी और इस संख्या के वर्ष 2100 तक बढ़कर 11 बिलियन होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 से 2050 के बीच भारत की जनसंख्या में 273 मिलियन वृद्धि होने की संभावना है।

वैश्विक खाद्य नीति रिपोर्ट (Global Food Policy Report-GFPR),2019-वाशिंगटन डीसी स्थित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (International Food Policy Research Institute-IFPRI)

  • लोड जेनरेशन बैलेंसिंग रिपोर्ट’-(Load Generation Balancing Report- LGBR) केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण
  • स्टेट ऑफ़ वर्ल्ड पॉपुलेशन-2019 रिपोर्ट-संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (United Nations Population Fund-UNFPA)
  • ग्लोबल फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट-अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष,अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट
  • ‘सर्वेक्षण 2019- वृद्धि से परे महत्त्वाकांक्षा’ (Survey 2019-Ambitions Beyond Growth)- एशिया और प्रशांत महासागर के लिये संयुक्त राष्ट्र का आर्थिक और सामाजिक आयोग (United Nations Economic and Social Commission for Asia and the Pacific-UNESCAP)

1,500 अरब डॉलर के अतिरिक्त सालाना निवेश यानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन एक डॉलर का निवेश एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सतत् विकास लक्ष्यों को हासिल करने (2030 तक) में सहायक साबित हो सकता है।

  • ‘ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस 2019’-संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और यूरोपीय संघ द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस रिपोर्ट के अनुसार युद्ध, जलवायु से जुड़ी आपदाओं और आर्थिक अशांति जैसे कारणों से पैदा हुए खाद्य संकट की वज़ह से दुनिया के 53 देशों के लगभग 11 करोड़ 13 लाख लोगों को पिछले वर्ष घोर भुखमरी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा था।इस रिपोर्ट में बड़ी संख्या में शरणार्थियों को शरण देने वाले देशों, युद्ध प्रभावित सीरिया के पड़ोसी देशों पर पड़ने वाले दबावों को भी रेखांकित किया गया है। इस वार्षिक अध्ययन की शुरुआत तीन साल पहले 2017 की गई थी जिसका उद्देश्य भयंकर खाद्य संकट से जूझ रहे देशों का जायजा लेना है
  • एशियाई विकास आउटलुक-2019 -एशियाई विकास बैंक
  • स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट 2019-बोस्टन स्थित हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट(HEI) के अनुसार 2017 में वायु प्रदूषण के कारण उत्पन्न बीमारियों से 1.2 मिलियन भारतीयों की मौत हो गई।विश्व स्तर पर वायु प्रदूषण (PM 2.5, घरेलू और ओज़ोन उत्सर्जन) अनुमान के मुताबिक, 2017 में इसके चलते लगभग 4.9 मिलियन लोगों की मौत हुई जो दुनिया भर में होने वाली मौतों का 8.7% और कुल विकलांगता का 5.9% है।
  • ‘माइंड द गैप: स्टेट ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट इन इंडिया रिपोर्ट’ (Mind The Gap-State of Employment in India)-ऑक्सफेम इंडिया
  • ‘इंडिया फिनटेक रिपोर्ट 2019’-मेडिसी (Medici) और ज़ोन स्टार्टअप्स (Zone Startups)[वैश्विक फिनटेक निरीक्षण मंच,]।इसके अनुसार, देश में 338 ऑनलाइन ऋण प्रदाता स्टार्टअप है। जो घरेलु उपभोक्ताओं के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र को भी लक्षित कर रहे है।
  • वैश्विक खुशहाली रिपोर्ट-2019-सतत् विकास समाधान नेटवर्क (Sustainable Development Solution Network- SDSN) द्वारा ज़ारी। इसमें शामिल 156 देशों में फ़िनलैंड शीर्ष पर है। दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: डेनमार्क एवं नॉर्वे हैं।
  • भारत का स्थान 140वाँ है जो पिछले वर्ष से 7 स्थान नीचे है। पड़ोसी देशों में चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और म्याँमार को क्रमश: 93, 67, 154, 100, 95, 125, 130 और 131वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।
  • वैश्विक पर्यावरण आउटलुक रिपोर्ट का छठा संस्करण-संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम(UNEP)
  • सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट-WHO
  • वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट-संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध नियंत्रण कार्यालय (UNODC)।1997 में स्थापित इस संस्था का मुख्यालय वियना में है।
  • खाद्य और कृषि हेतु विश्व की जैव-विविधता स्थिति’ रिपोर्ट FAO द्वारा
  • संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएँरिपोर्ट(UN's World Economic Situation and Prospects-WESP)
  • 1964 में स्थापित, व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) विकासशील देशों के विकास के अनुकूल उनके एकीकरण को विश्व अर्थव्यवस्था में बढ़ावा देता है।

इसके द्वारा प्रकाशित कुछ रिपोर्ट हैं:

  1. व्यापार और विकास रिपोर्ट (Trade and Development Report)
  2. विश्व निवेश रिपोर्ट (World Investment Report)
  3. न्यूनतम विकसित देश रिपोर्ट (The Least Developed Countries Report)
  4. सूचना एवं अर्थव्यवस्था रिपोर्ट (Information and Economy Report)
  5. प्रौद्योगिकी एवं नवाचार रिपोर्ट (Technology and Innovation Report)
  6. वस्तु तथा विकास रिपोर्ट
  • वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक (WEO)-अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी।

ऊर्जा-बाज़ार विश्लेषण और अनुमानों का आधिकारिक स्रोत,आँकड़ों और निष्पक्ष विश्लेषण के आधार पर हर साल प्रकाशित इस रिपोर्ट का उद्देश्य ऊर्जा की मांग और आपूर्ति से संबंधित रुझानों पर महत्त्वपूर्ण विश्लेषण और अंतर्दृष्टि प्रदान करना तथा यह समझाना है कि ये रुझान ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के लिये क्या मायने रखते हैं।

  • ग्लोबल रिस्क रिपोर्ट 2019:-विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum)।यह रिपोर्ट भविष्य के उन खतरों के बारे में बताती है,जो भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक तनावों से लेकर पर्यावरण क्षरण एवं चौथी औद्योगिक क्रांति के विघटन के कारण उत्पन्न होंगे।
  • ‘एक बेहतर भविष्य के लिये कामकाज’ (Work for a Brighter Future)-वैश्विक आयोग (Global Commission On The Future of Work)।यह आयोग अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के तहत आता है।
  • संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना (WESP) 2019 के अनुसार, भारत 2019 के साथ-साथ 2020 में भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

WESP संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (UN/DESA), व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) व पाँच संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय आयोगों (अफ्रीका, यूरोप, लातिन अमेरिका और कैरेबियन, एशिया एवं प्रशांत तथा पश्चिमी एशिया) का एक संयुक्त उत्पाद है।

  • वैश्विक क्षमता प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक-2019 को टाटा कम्युनिकेशन और एडिको समूह के सहयोग से इनसीड (INSEAD) बिजनेस स्कूल द्वारा जारी किया गया है।भारत ने 80वाँ रैंक हासिल किया है।

इसके अंतर्गत वैश्विक स्तर पर देशों के प्रतिभाओं की प्रतिस्पर्द्धा-क्षमता को मापा जाता है। इस सूचकांक की थीम ‘उद्यमी प्रतिभा और वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा’ है।

  • वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट (Global Gender Gap Report) विश्व आर्थिक मंच (WEF)।

(WEF)-1971 में स्थापित एक गैर-लाभकारी संस्थान (Non Profit Foundation) है, जो कि स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में स्थित है। यह रिपोर्ट किसी देश के चार प्रमुख क्षेत्रों- आर्थिक भागीदारी और अवसर (42%),शैक्षिक प्राप्ति (4.4%), स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता (4.6%) तथा राजनीतिक सशक्तीकरण (77%) में लैंगिक समानता की दिशा में उनकी प्रगति के बारे में बताती है।

  • गैर सरकारी संगठन (NGO) प्रथम ने शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ASER)- 2018 जारी की है।

ASER एक राष्ट्रव्यापी घरेलू सर्वेक्षण है जो बच्चों के स्कूली शिक्षा और ग्रामीण भारत के बच्चों की शिक्षा का एक प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है। प्रत्येक वर्ष NGO प्रथम द्वारा इसे जारी किया जाता है। ASER देश भर में बच्चों के मूलभूत कौशल के संबंध में जानकारी का एकमात्र राष्ट्रीय स्रोत है।


देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न की शुरुआत वर्ष 1954 में की गई थी। कोई भी व्यक्ति, जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के लिये पात्र है। भारत रत्न की सिफारिशें स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को की जाती है। इसके लिये किसी औपचारिक सिफारिश की आवश्यकता नहीं होती है। संविधान के अनुच्छेद 18 (1) के अनुसार, पुरस्कार द्वारा प्रदत्त उपाधि का उपयोग प्राप्तकर्त्ता के नाम से पहले या बाद में नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, आवश्यकता पड़ने पर पुरस्कार विजेता अपने बायोडाटा/लेटरहेड/विज़िटिंग कार्ड आदि में 'राष्ट्रपति द्वारा भारत रत्न से सम्मानित' या 'भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित' अभिव्यक्ति का उपयोग कर सकता है ताकि यह सूचित किया जा सके कि वह पुरस्कार का प्राप्तकर्त्ता है।

  • भारतीय नौसेना ने 27 जनवरी से 06 फरवरी, 2019 तक ‘कटलैस एक्सप्रेस’ (CUTLASS EXPRESS) अभ्यास में भाग लिया।

कटलैस एक्सप्रेस, यू.एस. अफ्रीका कमांड (U.S. Africa Command-USAFRICOM) द्वारा प्रायोजित और नेवल फोर्सेज़ अफ्रीका (Naval Forces Africa-NAVAF) द्वारा संचालित एक अभ्यास है। इसका उद्देश्य समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमता का आकलन और उसमें सुधार करना, पूर्वी अफ्रीका में राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देना, योजना एवं संचालन को सूचित करना व सुरक्षा बल सहायता (SFA) के प्रयासों को आकार देना है।

‘सहायक एयर ड्रोपेबल कंटेनर'[सम्पादन]

नौसेना की परिचालन रसद क्षमता को बढ़ाने हेतु इन कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह बेलनाकार कंटेनर स्वदेशी है जिसे नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (Naval Science & Technological Laboratory-NSTL)) तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान द्वारा विकसित किया गया है। ये कंटेनर पुर्जों को इकट्ठा करने के लिये जहाज़ों के तट के करीब होने की आवश्यकता को कम कर देंगे, जिससे समुद्र में उनकी तैनाती की अवधि बढ़ जाएगी।

वार्षिक कार्यक्रम भारतीय विज्ञान कांग्रेस (ISC),2019 की थीम 'फ्यूचर इंडिया -साइंस एंड टेक्नोलॉजी'है।इसका 106वाँ संस्करण पंजाब के जालंधर में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा में चल रहा है। पेटेंट अधिनियम,1970 की धारा 3 (d) पेटेंट के "एवर-ग्रीनिंग” (निरंतरता) को रोकती है। जिसका तात्पर्य यह है कि ऐसे अविष्कारों का पेटेंट नहीं किया जा सकेगा- यदि उनका अविष्कार पहले से ज्ञात किसी उत्पाद का नया रूप हो और जिसके परिणामस्वरूप उस उत्पाद की ज्ञात प्रभावकारिता में वृद्धि भी न हो। जब सरकार द्वारा किसी तृतीय पक्ष को पेटेंटधारक की सहमति के बिना किसी पेटेंटीकृत उत्पाद या प्रक्रिया का उत्पादन करने की अनुमति दी जाती है तो इसे अनिवार्य लाइसेंसिंग (Compulsory Licensing-CL)कहा जाता है। अनिवार्य लाइसेंस दिये जाने हेतु जिन शर्तों को पूरा करने की आवश्यकता होती हैं, वे इस अधिनियम की धारा 84 और 92 के तहत आती हैं। 2017 में झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गा को(2017 में ही राज्य सरकार ने कड़कनाथ एप भी जारी किया था।)2006 में कुल्लू शॉल को तथा दार्जिलिंग चाय को 2004 में जीआई टैग मिला था। राष्ट्रीय युवा सशक्तीकरण कार्यक्रम योजना युवा मामले और खेल मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्रीय योजना है और यह 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के समय से जारी है। योजना के लाभार्थी राष्ट्रीय युवा नीति, 2014 में 'युवा' की परिभाषा के अनुसार 15-29 वर्ष की आयु के युवा हैं। इसका उद्देश्य युवाओं के व्यक्तित्व और नेतृत्व गुणों को विकसित करना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में शामिल करना है।

अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (AARDO) का आह्वान[सम्पादन]

  • मत्स्य पालन और जलीय कृषि पर केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान(CMFRI) में 15 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।
  • ओमान,लेबनान,ताइवान,मोरक्को,सीरिया,ट्यूनीशिया,लीबिया,ज़ाम्बिया,मलावी,मॉरीशस,श्रीलंका और बांग्लादेश के प्रतिनिधियों ने बेहतर मत्स्य प्रबंधन पहल शुरू करने के लिये आपसी सहयोग की मांग की।

अफ्रीकी-एशियाई ग्रामीण विकास संगठन (AARDO)

  • 1962 में गठित इस संगठन में अफ्रीका और एशिया के देशों की सरकारें शामिल हैं।
  • AARDO एक स्वायत्त अंतर-सरकारी संगठन है,जिसका उद्देश्य एशिया और अफ्रीका देशों के बीच कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सहयोग कर उस पर कार्य करना है।

केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (CMFRI)

  • भारत सरकार द्वारा 3 फरवरी, 1947 को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्धापित।
  • 1967 में इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में शामिल कर दिया गया। अब यह संस्थान दुनिया के उष्णकटिबंधीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान के रूप में उभर कर सामने आया है।

रूसी राजदूत निकोले आर.कुदाशेव के अनूुसार S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली का सौदा दोनों देशों के बीच साझेदारी की विशेष प्रकृति का प्रमाण है।[सम्पादन]

  • S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली
  • रूस के अल्माज़ केंद्रीय डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा 1990 के दशक में विकसित यह वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली करीब 400 किलोमीटर के क्षेत्र में शत्रु के विमान,मिसाइल और यहाँ तक कि ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है।
  • यह मिसाइल प्रणाली रूस में 2007 से सेवा में है और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों में से एक मानी जाती है।
  • S-400 को सतह से हवा में मार करने वाला दुनिया का सबसे सक्षम मिसाइल सिस्टम माना जाता है।
  • यह S-300 का उन्नत संस्करण है, जो इसके 400 किमी. की रेंज में आने वाली मिसाइलों एवं पाँचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को नष्ट कर सकती है। इसमें अमेरिका के सबसे उन्नत फाइटर जेट F-35 को भी गिराने की क्षमता है।
  • इस प्रणाली में एक साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं और इसके प्रत्येक चरण में 72 मिसाइलें शामिल हैं,जो 36 लक्ष्यों पर सटीकता से मार करने में सक्षम हैं।
  • इससे विमानों सहित क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों तथा ज़मीनी लक्ष्यों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
  • इससे पहले चीन ने 2014 में छह S-400 के लिये 3 बिलियन डॉलर का रक्षा सौदा रूस के साथ किया था और चीन को अब इनकी आपूर्ति भी होने लगी है।
  • दिसंबर 2017 में तुर्की ने ऐसी दो प्रणालियों के लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये।
  • अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का विचार बांग्लादेश की पहल थी। इसे 1999 के यूनेस्को के सम्मेलन में अनुमोदित किया गया था और 2000 के बाद से दुनिया भर में मनाया जाने लगा।

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2019 की थीम है- ♦ ‘विकास, शांति और सामंजस्य हेतु स्वदेशी भाषाएँ मायने रखती हैं।’