प्रार्थना/हे शारदे माँ

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हे शारदे माँ, हे शारदे माँ अज्ञानता से हमें तारदे माँ

मुनियों ने समझी, गुनियों ने जानी वेदोंकी भाषा, पुराणों की बानी

हम भी तो समझे, हम भी तो जाने विद्या का हमको अधिकार दे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ अज्ञानता से हमें तारदे माँ

तू श्वेतवर्णी, कमल पर विराजे हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे

मनसे हमारे मिटाके अँधेरे, हमको उजालों का संसार दे माँ

हे शारदे माँ....... </poem>